STET पहले या TRE-4? बिहार शिक्षा विभाग के फैसले में देरी, समय कम बचा

मार्च 2025 में कई अभ्यर्थियों ने पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर कर STET की निश्चित तारीख जारी करने की मांग की थी, ताकि B.Ed 2022-24 बैच के उम्मीदवारों को मौका मिल सके। कोर्ट ने बोर्ड को निर्देश दिया कि तीन हफ्ते के भीतर कारणयुक्त आदेश जारी करें, वरना कंट्रोलर ऑफ एग्जाम जिम्मेदार होंगे।

(ब्यूरो कार्यालय)

पटना (साई)। चुनावी साल में नीतीश कुमार सरकार की एक लाख शिक्षकों की बहाली योजना (TRE-4) को लेकर असमंजस बरकरार है। बिहार शिक्षा विभाग यह तय नहीं कर पा रहा कि पहले सेकेंडरी टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (STET)कराया जाए या फिर सीधे टीचर्स रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (TRE-4) का आयोजन किया जाए।

चुनावी मौसम और सरकारी दबाव

जुलाई में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया था कि शिक्षक रिक्तियों की पहचान कर तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए और 35% सीटें स्थानीय महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित की जाएं। लक्ष्य था कि अक्टूबर की शुरुआत में आचार संहिता लागू होने से पहले प्रक्रिया पूरी हो जाए।

लेकिन अब तक पदों का विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक,सरकार पर अभ्यर्थियों का दबाव है कि पहलेSTETआयोजित हो,जो पहले से ही लंबित है।

अभ्यर्थियों का विरोध और राजनीतिक रंग

पिछले महीनों में अभ्यर्थी पटना में कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। इस मुद्दे को विपक्षी दलों का समर्थन भी मिला है।STETपहले कराने की मांग पर अब सरकार भी गंभीरता से विचार कर रही है।

शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल बयान देने से बच रहे हैं,लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि निर्णय जल्द होगा।

पहले का सरकारी रुख और मौजूदा बदलाव

सरकार का पहले रुख था किTRE-4 के बादSTETऔर फिरTRE-5 होगा। लेकिन लगातार विरोध,कोर्ट केस और जनदबाव के कारण अब स्थिति बदल गई है। चुनाव की घोषणा सितंबर के चौथे सप्ताह के बाद कभी भी हो सकती है,और इससे पहले प्रक्रिया पूरी करना बड़ी चुनौती है।

कोर्ट का हस्तक्षेप

मार्च 2025 में कई अभ्यर्थियों ने पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर करSTETकी निश्चित तारीख जारी करने की मांग की थी,ताकिB.Ed2022-24 बैच के उम्मीदवारों को मौका मिल सके। कोर्ट ने बोर्ड को निर्देश दिया कि तीन हफ्ते के भीतर कारणयुक्त आदेश जारी करें,वरना कंट्रोलर ऑफ एग्जाम जिम्मेदार होंगे।

STET का महत्व और पात्रता

अनिवार्यता: NCTEने 29 जुलाई 2011 सेSTETअनिवार्य कर दिया था।

SC का फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने भीTET/STETको शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए अनिवार्य माना है।

पात्रता: स्नातक/स्नातकोत्तर +B.Edडिग्रीधारक उम्मीदवारSTETदे सकते हैं।

दो पेपर: पहला सेकेंडरी (कक्षा 9-10) और दूसरा हायर सेकेंडरी (कक्षा 11-12) के लिए।

पिछली भर्तियों का आंकड़ा

TRE-1: 1.70 लाख नियुक्तियाँ

TRE-2: 70,000 नियुक्तियाँ

TRE-3: 87,774 पदों में से 66,603 भरे,बाकीTRE-4 में शामिल होंगे।

चुनौती और संभावित असर

यदिSTETपहले होता है,तोTRE-4 की समयसीमा और चुनावी शेड्यूल टकरा सकते हैं। वहीं, TRE-4 पहले होने पर हजारों पात्र अभ्यर्थी मौका गंवा सकते हैं। सरकार के लिए यह एक राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन का बड़ा इम्तिहान है।