(सुमित माहेश्वरी)
नई दिल्ली (साई)। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित एक निजी हॉस्टल में दो दोस्तों के बीच विवाद ने खौफनाक मोड़ लिया। रूममेट ने दोस्त की गोली मारकर हत्या की, फिर खुद को गोली मार आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस जांच में जुटी।
📌 घटना का पूरा विवरण
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में स्थित विद्या विहार हॉस्टल में मंगलवार सुबह गोलीबारी की आवाज़ सुनाई दी। सिक्योरिटी गार्ड को किसी के जोर से चिल्लाने की आवाज आई, जिस पर उसने तुरंत वार्डन को सूचित किया।
वार्डन और गार्ड ने कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह अंदर से बंद था। इसके बाद उन्होंने सीढ़ी लगाकर पीछे की बालकनी से अंदर झांका, जहां दो छात्र खून से लथपथ पड़े थे।
दोनों को तुरंत पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एमबीए छात्र दीपक कुमार (22) को मृत घोषित कर दिया, जबकि पीजीडीएम छात्र देवांश चौहान (23) गंभीर रूप से घायल है।
🕵 पुलिस जांच और फॉरेंसिक साक्ष्य
सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने कमरे को सील कर दिया और साक्ष्य जुटाने शुरू किए।
बरामद वस्तुएं:
- एक लाइसेंसी रिवॉल्वर
- चार जिंदा कारतूस
- दो खाली खोखे
- एक मोबाइल फोन
- एक लैपटॉप
पुलिस का मानना है कि दोनों लंबे समय से एक ही कमरे में रह रहे थे और अच्छे दोस्त थे, लेकिन किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण यह घटना हुई।
🧑🎓 पीड़ित और आरोपी छात्र
- मृतक: दीपक कुमार, निवासी चिलकुलुरी, आंध्र प्रदेश। एमबीए के तीसरे सेमेस्टर का छात्र।
- घायल: देवांश चौहान, निवासी भगवान टॉकीज, आगरा। पीजीडीएम का छात्र।
दोनों हॉस्टल में रूममेट थे और कथित तौर पर गहरी दोस्ती थी।
🔍 विवाद की पृष्ठभूमि
पुलिस जांच में प्रारंभिक रूप से सामने आया है कि —
- दोनों छात्रों के बीच पिछले कुछ दिनों से तनावपूर्ण माहौल था।
- विवाद संभवतः किसी व्यक्तिगत या वित्तीय मामले को लेकर हुआ।
- घटना से पहले दोनों के बीच कमरे में बहस हुई, जो हिंसा में बदल गई।
📜 पुलिस का आधिकारिक बयान
नॉलेज पार्क थाने के प्रभारी ने मीडिया को बताया —
“प्रारंभिक जांच में यह मामला निजी विवाद का लग रहा है। एक छात्र ने अपने दोस्त पर गोली चलाई और फिर खुद को गोली मार ली। लाइसेंसी हथियार का स्रोत और अनुमति पत्र की जांच की जा रही है।”
⚠ हॉस्टल में सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं —
- हथियार हॉस्टल के भीतर कैसे आया?
- क्या सुरक्षा जांच में चूक हुई?
- क्या छात्रों की मानसिक स्थिति पर निगरानी रखी जाती है?
🗣 छात्रों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद हॉस्टल में रह रहे छात्रों के बीच दहशत फैल गई है।
कई छात्रों ने कहा कि —
- वे अब अपने कमरे के दरवाजे लॉक करके रहेंगे।
- हॉस्टल प्रशासन को सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता बढ़ानी चाहिए।
💡 विशेषज्ञों की राय
सामाजिक विशेषज्ञ और मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि —
“ऐसी घटनाएं तभी होती हैं जब विवाद का समाधान संवाद से नहीं बल्कि गुस्से से किया जाता है। संस्थानों में विवाद निवारण, काउंसलिंग और तनाव प्रबंधन की व्यवस्था जरूरी है।”
🧾 संभावित कानूनी कार्रवाई
- पुलिस ने हत्या और आत्महत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
- हथियार का लाइसेंस सत्यापन जारी है।
- घायल छात्र के बयान के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
📌 निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा का यह हॉस्टल गोलीकांड सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि यह शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा,मानसिक स्वास्थ्य और आपसी संबंधों पर गहरे सवाल खड़ा करता है।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा जांच, मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस और विवाद समाधान की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए।
📢डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।

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