संजय गांधी अस्पताल रीवा को सुपर स्पेशलिटी जैसी सुविधाएँ, लीवर के सभी इलाज होंगे यहीं – उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

रीवा के संजय गांधी अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जैसी सुविधाएँ मिलेंगी। एनसीएल द्वारा 6.4 करोड़ रुपये की मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब लीवर संबंधी सभी इलाज यहीं होंगे और मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

(ब्यूरो कार्यालय)

रीवा (साई)। मध्यप्रदेश के रीवा जिले के लिए यह बड़ी सौगात है कि अब यहां के मरीजों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जैसी चिकित्सा सुविधाएँ मिलने जा रही हैं। श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध संजय गांधी अस्पताल रीवा में गैस्ट्रोलॉजी और हेपेटोलॉजी विभाग को आधुनिक मशीनों से सुसज्जित किया जा रहा है।

लीवर संबंधी इलाज यहीं उपलब्ध

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने घोषणा की कि अब लीवर से जुड़ी सभी बीमारियों का उपचार संजय गांधी अस्पताल में होगा। पहले जहां मरीजों को भोपाल, दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था, वहीं अब रीवा में ही उनका इलाज संभव होगा।

इससे न केवल मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी, बल्कि इलाज पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

एनसीएल का योगदान – 6.4 करोड़ की मशीनें

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से 6.4 करोड़ रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक चिकित्सीय मशीनें उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

  • इन मशीनों से एंडोस्कोपी,इंटरवेंशन और हेपेटोलॉजी विभाग में नई ऊर्जा आएगी।
  • अनुबंध पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं और जल्द ही मशीनें अस्पताल को उपलब्ध होंगी।

यह योगदान रीवा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा।

उप मुख्यमंत्री का संकल्प – रीवा बनेगा मेडिकल हब

श्री शुक्ल ने कहा कि हमारा संकल्प है कि रीवा आने वाले समय में मेडिकल हब बने। उन्होंने बताया कि संजय गांधी अस्पताल और श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में 322 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण और डॉक्टर्स कॉलोनी का निर्माण कार्य कराया जाएगा।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि सभी संभागीय मुख्यालयों पर स्थित अस्पतालों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाए ताकि मरीजों को अन्यत्र न जाना पड़े।

डॉक्टरों का मनोबल और इच्छाशक्ति

उप मुख्यमंत्री ने रीवा में पदस्थ चिकित्सकों की इच्छाशक्ति और मेहनत की सराहना की।

  • उन्होंने कहा कि रीवा के डॉक्टर पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं।
  • सरकार और CSR सहयोग से उन्हें आवश्यक उपकरण व संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
  • अब बाहर के राज्यों में कार्यरत चिकित्सक भी रीवा आने में रुचि दिखा रहे हैं।

मरीजों को बड़ा लाभ

नई मशीनों और संसाधनों के बाद रीवा और आसपास के जिलों के मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा।

  • लीवर, पित्ताशय, पाचन तंत्र और संबंधित बीमारियों के इलाज अब रीवा में ही संभव होंगे।
  • मरीजों को बड़े शहरों में जाने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।
  • उपचार में लगने वाला समय और आर्थिक बोझ कम होगा।

एनसीएल का सामाजिक योगदान

एनसीएल सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन में भी योगदान दे रहा है।

  • रीवा के नैकनिहाई शौर्य स्मारक के पुनरुद्धार के लिए 1 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
  • स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

सेवा पखवाड़ा और महिला स्वास्थ्य

कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत स्वस्थ नारी –सशक्त परिवार थीम पर कार्य किया जा रहा है।

  • महिलाओं की जांच और किशोरी बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
  • यह प्रयास समाज में महिला स्वास्थ्य जागरूकता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:

  • सांसद श्री जनार्दन मिश्र
  • कमिश्नर रीवा संभाग श्री बी.एस. जामोद
  • एनसीएल के जीएम श्री राजीव रंजन
  • डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. सुनील अग्रवाल
  • महाविद्यालय के चिकित्सक और विद्यार्थी

सभी ने मिलकर इस ऐतिहासिक पहल का स्वागत किया।

रिसर्च लैब का उद्घाटन

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की रिसर्च लैब का फीता काटकर उद्घाटन भी किया।
यह लैब मेडिकल विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए नई संभावनाएं खोलेगी।

निष्कर्ष

रीवा का संजय गांधी अस्पताल अब सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। एनसीएल की CSR सहायता से 6.4 करोड़ रुपये की मशीनें मिलने के बाद मरीजों को अत्याधुनिक इलाज की सुविधा यहीं उपलब्ध होगी।

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के प्रयास और प्रदेश सरकार की योजनाओं से रीवा धीरे-धीरे मध्यप्रदेश का मेडिकल हब बनता जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह पहल न केवल रीवा बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र के स्वास्थ्य परिदृश्य को बदल देगी।