राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में चमका मध्यप्रदेश: पीएम मित्रा पार्क धार की सराहना, वस्त्र उद्योग विकास में एमपी को मिली नई पहचान

गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पीएम मित्रा पार्क धार में तेजी से हो रहे विकास कार्यों की केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने खुलकर सराहना की। सम्मेलन में भारत के वस्त्र उद्योग की विरासत, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। सीएम यादव ने अगला राष्ट्रीय सम्मेलन मध्यप्रदेश में करने का प्रस्ताव भी रखा।

(जीता प्रीतम गोस्वामी)

गुवहाटी (साई)।गुवाहाटी में शुरू हुए भारत के राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में इस बार मध्यप्रदेश केंद्र बिंदु बना रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न केवल प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक वातावरण, निवेश और वस्त्र उद्योग की संभावनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी, बल्कि यह भी बताया कि कैसे पीएम मित्रा पार्क जैसे मेगा प्रोजेक्ट भारत की नई आर्थिक उड़ान का आधार बने हैं। सम्मेलन में देशभर के वस्त्र मंत्री, अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। ‘भारत का वस्त्र उद्योग – विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना’ थीम के साथ आयोजित यह सम्मेलन देश के टेक्सटाइल सेक्टर को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

भारत का वस्त्र उद्योग सदियों से रोजगार, परंपरा और आर्थिक मजबूती का आधार रहा है। देश के कुल निर्यात में कपड़ा उद्योग का विशाल योगदान है और लाखों परिवार इसके माध्यम से आजीविका पाते हैं। तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles), ऑर्गेनिक कॉटन, हैंडलूम और रेडीमेड गारमेंट्स—इन सभी क्षेत्रों में भारत ने पिछले दशक में उल्लेखनीय प्रगति की है।

मध्यप्रदेश विशेष रूप से चंदेरी, महेश्वरी, मलबरी रेशम, ऑर्गेनिक कपास और आधुनिक टेक्सटाइल क्लस्टर्स के कारण राष्ट्रीय मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। ऐसे में यह सम्मेलन सभी राज्यों के अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोगात्मक विकास का मंच बना।

वर्तमान स्थिति /Latest Developments

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का वस्त्र उद्योग नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा:

  • मध्यप्रदेश ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
  • राज्य में हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और आधुनिक टेक्सटाइल—तीनों क्षेत्रों में तेजी से विस्तार हो रहा है।
  • पीएम मित्रा पार्क, धार में तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है, जो भारत के टेक्सटाइल सेक्टर में नई क्रांति लाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा 2025 में धार में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन किया गया, जो आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगा।

पीएम मित्रा पार्क धार का महत्व

धार स्थित पीएम मित्रा पार्क को भारत का सबसे बड़ा एकीकृत टेक्सटाइल पार्क माना जा रहा है। इसमें—

  • अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
  • टेक्सटाइल इकाइयों के लिए समग्र सुविधाएं
  • रोजगार के विशाल अवसर
  • निवेशकों के लिए आकर्षक मॉडल

उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश सरकार के अनुसार, केवल इसी प्रोजेक्ट से राज्य में हजारों करोड़ का निवेश आएगा और लाखों रोजगार सृजित होंगे।

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह की सराहना

केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि—

  • एमपी में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए जिस गति से कार्य हो रहा है, वह राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरक है।
  • पीएम मित्रा पार्क के विकास की रफ्तार “प्रशंसनीय और अपेक्षाओं से अधिक” है।
  • कृषि के बाद सबसे बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर टेक्सटाइल है, और मध्यप्रदेश इसकी मजबूत रीढ़ बन सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत में टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में 9% की वृद्धि दर्ज की गई, जो प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बन रहे इकोसिस्टम के कारण संभव हुआ है।

टेक्सटाइल सेक्टर में एमपी की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि—

  • महेश्वरी और चंदेरी साड़ियों को विश्वस्तरीय पहचान मिली है।
  • नर्मदापुरम में उच्च गुणवत्ता वाले मलबरी रेशम का उत्पादन बढ़ा है।
  • ऑर्गेनिक कपास उत्पादन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है।
  • महिलाओं को लूम और स्पिंडल्स के माध्यम से बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
  • टेक्सटाइल वैल्यू चेन में 25,000करोड़ रुपये से अधिक का निवेश पिछले डेढ़ दशक में कराया गया है।

प्रशासनिक और आर्थिक प्रभाव

टेक्सटाइल सेक्टर न केवल रोजगार सृजित करता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है। MP के कई जनजातीय क्षेत्रों—खरगोन, बुधनी और धार—में टेक्सटाइल आधारित रोजगार महिलाओं और युवाओं के लिए नई दिशा बन रहे हैं।

सम्मेलन के माध्यम से:

  • राज्यों के बीच नीति अनुभव साझा हुए।
  • निवेश मॉडल पर चर्चा हुई।
  • तकनीकी फाइबर, मिल्क बिल्ट फाइबर और लीनन फाइबर जैसे नए क्षेत्रों पर बल दिया गया।

यह सभी पहलू आने वाले वर्षों में भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और मजबूत बनाएंगे।

जनता और उद्योग जगत पर असर

इस सम्मेलन के माध्यम से:

  • निवेश बढ़ेगा
  • रोजगार सृजन होगा
  • टेक्सटाइल उत्पादों की गुणवत्ता और मांग में वृद्धि होगी
  • राज्य की GDP में वस्त्र उद्योग का योगदान और बढ़ेगा

विशेष रूप से महिलाओं के लिए यह नया रोजगार चक्र जीवन-स्तर में बदलाव ला रहा है।

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव दिया कि अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन मध्यप्रदेश में आयोजित हो। उनकी इच्छा है कि इसे उज्जैन, बाबा महाकाल की नगरी में किया जाए। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो मध्यप्रदेश देश के टेक्सटाइल सेक्टर में एक निर्णायक नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकता है।

सम्मेलन में दो दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ भी हुआ, जिसमें भारत की विरासत, नवाचार और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया गया।

8 निष्कर्ष /Conclusion

राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन ने यह साबित कर दिया कि मध्यप्रदेश भारत के टेक्सटाइल उद्योग का भविष्य है। पीएम मित्रा पार्क धार के विकास, निवेश संभावनाओं, रोजगार सृजन और नवाचार को लेकर जो रोडमैप तैयार किया गया है, वह आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक शक्ति को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की साझी पहल भारत के वस्त्र उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।