(विनीत खरे)
नई दिल्ली (साई)।मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और लंबित परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निरंतर प्रयास अब धरातल पर परिणाम देने लगे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रयासों की खुलकर सराहना की और परियोजनाओं को गति देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
यह बैठक केवल औपचारिक समीक्षा नहीं थी, बल्कि इसमें राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने, बाधाओं को दूर करने और मध्यप्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
मध्यप्रदेश देश का भौगोलिक रूप से केंद्रीय राज्य है, जो उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर का प्राकृतिक संगम बनता है। इसके बावजूद लंबे समय तक प्रदेश का सड़क घनत्व और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।
- राष्ट्रीय औसत सड़क घनत्व: 28 किमी प्रति 100 वर्ग किमी
- मध्यप्रदेश सड़क घनत्व: 20 किमी प्रति 100 वर्ग किमी
यह अंतर प्रदेश की औद्योगिक, कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षमता को प्रभावित करता रहा है। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़क अवसंरचना को विकास की धुरी बनाते हुए इसे प्राथमिकता दी।
वर्तमान स्थिति / Latest Developments
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
नई दिल्ली में हुई बैठक में इन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई:
- लंबित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति
- भूमि अधिग्रहण की समस्याएं
- पर्यावरण और वन स्वीकृति से जुड़ी बाधाएं
- वित्तीय और प्रशासनिक समन्वय
केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने स्पष्ट किया कि जहां भी राज्य सरकार सक्रिय सहयोग देगी, वहां केंद्र सरकार त्वरित निर्णय और समर्थन प्रदान करेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विस्तार की रणनीति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को देखते हुए मध्यप्रदेश में सड़क नेटवर्क का तीव्र विस्तार अनिवार्य है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि:
- हाई-स्पीड कॉरिडोर से वंचित क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा
- औद्योगिक कॉरिडोर के आसपास सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा
- कृषि और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को सपोर्ट करने वाली सड़कें विकसित होंगी
राज्य सड़क विकास निगम द्वारा 4 और 6 लेन के मार्गों तथा एक्सप्रेस-वे का विकास इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अटल पथ और चंबल क्षेत्र विकास परियोजना
अटल पथ परियोजना
अटल पथ परियोजना को मुख्यमंत्री के प्रयासों से पुनः गति मिली है। यह परियोजना मध्यप्रदेश के औद्योगिक और शहरी केंद्रों को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है।
चंबल क्षेत्र विकास परियोजना
यह परियोजना 2017 में चंबल क्षेत्र के विकास के उद्देश्य से शुरू की गई थी। प्रारंभिक संरेखण पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुजरता था, जिससे आपत्तियां सामने आईं।
अब परियोजना में:
- ईको-सेंसिटिव ज़ोन से बचते हुए संशोधित संरेखण
- पर्यावरण प्रभाव आकलन के अनुरूप बदलाव
- वन्यजीव संरक्षण के उपाय
शामिल किए जा रहे हैं, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर परियोजना
इस परियोजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिज़र्व को आपस में जोड़ना है:
- पेंच से कान्हा
- कान्हा से बांधवगढ़
- बांधवगढ़ से पन्ना
लगभग 625 किमी लंबा यह कॉरिडोर न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित करेगा।
प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
इन परियोजनाओं से होने वाले प्रमुख प्रभाव:
- आर्थिक: निवेश आकर्षित होगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी
- सामाजिक: दूरस्थ क्षेत्रों की मुख्यधारा से जुड़ाव बढ़ेगा
- प्रशासनिक: सेवाओं की पहुंच आसान होगी
- पर्यावरणीय: संतुलित विकास मॉडल अपनाया जाएगा
आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण
| घटक | स्थिति |
| सड़क घनत्व अंतर | ~39 किमी प्रति 100 वर्ग किमी |
| टाइगर कॉरिडोर लंबाई | ~625 किमी |
| प्रमुख परियोजनाएं | अटल पथ, चंबल विकास, NH विस्तार |
ये आंकड़े बताते हैं कि सुधार की गुंजाइश बड़ी है और वर्तमान पहल उसी दिशा में हैं।
आम जनता पर असर
बेहतर सड़कें:
- यात्रा समय कम करेंगी
- दुर्घटनाओं में कमी लाएंगी
- कृषि उत्पादों को बाजार तक जल्दी पहुंचाएंगी
- पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देंगी
इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?
यदि योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी होती हैं तो मध्यप्रदेश:
- राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स हब बन सकता है
- औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन सकता है
- पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दे सकता है
यह प्रदेश को दीर्घकालिक विकास पथ पर अग्रसर करेगा।
8️⃣ निष्कर्ष /Conclusion
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को नई दिशा और गति मिली है। गडकरी द्वारा की गई सराहना केवल औपचारिक नहीं, बल्कि यह राज्य की विकास नीति पर विश्वास का संकेत है। यदि वर्तमान गति और समन्वय बना रहता है तो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश के सबसे बेहतर कनेक्टेड और आर्थिक रूप से सशक्त राज्यों में शामिल हो सकता है।

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