(विनीत खरे)
नई दिल्ली (साई)।नई दिल्ली में शनिवार को आयोजित महत्वपूर्ण प्री-बजट बैठक में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश की आर्थिक और विकासात्मक आवश्यकताओं को मजबूती के साथ केंद्र के समक्ष रखा। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने की, जिसमें राष्ट्रीय बजट 2026–27 के रोडमैप और विभिन्न राज्यों के सुझावों पर चर्चा हुई।
मध्यप्रदेश की ओर से श्री देवड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में प्रदेश हर संभव योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से वृद्धि कर रही है और जापान को पीछे छोड़ते हुए देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
मध्यप्रदेश की आर्थिक मजबूती और योगदान
उप मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को अवगत कराया कि प्रदेश ने वित्तीय अनुशासन, बजटीय प्रबंधन और खर्च की गुणवत्ता के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक और नीति आयोग ने वित्तीय प्रबंधन के स्तर पर राज्य की सराहना की है।
मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रुपये है, जबकि केंद्र द्वारा ऋण सीमा निर्धारण के लिए 15 लाख 44 हजार 141 करोड़ रुपये को आधार मानना, राज्य के लिए वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा करता है। श्री देवड़ा ने मांग रखी कि GSDPकी गणना15वें वित्त आयोग के मानकों के अनुसार ही की जाए, जिससे प्रदेश को अधिक विकासात्मक कार्यों के लिए प्रभावी वित्तीय स्पेस मिल सके।
सिंहस्थ2028के लिए मांगा20,000करोड़ का विशेष पैकेज
बैठक का प्रमुख बिंदु उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ2028 को लेकर रहा। श्री देवड़ा ने केंद्र से अनुरोध किया कि इस ऐतिहासिक पर्व के सुचारु आयोजन के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि:
- सिंहस्थ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं
- महाकाल नगरी में आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए तेजी से काम चल रहा है
- सड़कें, घाट, पुल, आरोग्य सुविधाएं, यात्रियों के ठहराव स्थान जैसे कई निर्माण कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार पहले ही 20,000करोड़ से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दे चुकी है।
सिंहस्थ देश की सभ्यता, संस्कृति और सनातन परंपरा का अनूठा पर्व है, जिसके व्यवस्थित आयोजन के लिए केंद्र और राज्य का संयुक्त सहयोग आवश्यक है।
GSTदरों में बदलाव का मध्यप्रदेश में सकारात्मक प्रभाव
श्री देवड़ा ने बताया कि GST के युक्तिकरण से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है।
उन्होंने जिन प्रमुख वस्तुओं के सस्ते होने की चर्चा की, उनमें शामिल हैं:
- पनीर, ब्रेड, बटर
- साबुन, शैम्पू
- जीवन रक्षक दवाएं
- मेडिकल ऑक्सीजन
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे टीवी, एसी
- छोटे वाहन, बाइक और ट्रैक्टर
इन वस्तुओं के सस्ते होने से न केवल व्यापार बढ़ा है, बल्कि उपभोक्ता भी राहत महसूस कर रहे हैं। किसानों, मध्यम वर्ग और वेतनभोगियों के लिए यह निर्णय विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हुआ है।
पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure)बढ़ाने की मांग
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2020–21 में केंद्र द्वारा शुरू की गई विशेष पूंजीगत सहायता योजना ने राज्यों में अधोसंरचना को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।
- वर्ष 2023–24: पूंजीगत व्यय था 56,539 करोड़ रुपये
- वर्ष 2024–25: बढ़कर हुआ 67,441 करोड़ रुपये (19% वृद्धि)
- वर्ष 2025–26: अनुमानित 82,513 करोड़ रुपये (22% वृद्धि)
श्री देवड़ा ने आग्रह किया कि वर्ष2026–27के बजट में पूंजीगत व्यय और बढ़ाया जाए, जिससे विकास कार्यों को नई गति मिल सके।
SNA SPARSHप्रणाली की प्रशंसा
उन्होंने केंद्र द्वारा लागू की गई SNA SPARSHप्रणाली की सराहना करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश ने भी राज्य-प्रायोजित योजनाओं में इसी तरह की प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव भेजा है, जिससे फंड फ्लो और मॉनिटरिंग दोनों ही मजबूत होंगे।
विकसित भारत जी राम जी अधिनियम2025
बैठक में श्री देवड़ा ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित इस अधिनियम की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि:
- ग्रामीण परिवारों को 125दिनों का रोजगार保障 मिलेगा
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी
- व्यक्ति-आधारित योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन संभव होगा
उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं आदि के लिए केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
मध्यप्रदेश की भविष्य रणनीति
श्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकसित भारत2047 के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देने को प्रतिबद्ध है।
राज्य का फोकस रहेगा:
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- स्वास्थ्य सेवाएं
- शिक्षा विकास
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था
- आधुनिक वित्तीय प्रणाली
- रोजगार सृजन
उन्होंने बैठक में यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश अब राष्ट्रीय विकास यात्रा का एक प्रमुख स्तंभ बन चुका है।
8️⃣ निष्कर्ष (Conclusion)
नई दिल्ली में आयोजित इस प्री-बजट बैठक में मध्यप्रदेश ने अपने विकास मॉडल, वित्तीय आवश्यकताओं, आगामी चुनौतियों और प्रमुख परियोजनाओं के लिए केंद्र से सकारात्मक सहयोग का आग्रह किया। सिंहस्थ 2028 के लिए 20,000 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग, GST युक्तिकरण से जुड़े लाभ, पूंजीगत व्यय में वृद्धि का अनुरोध, और विकसित भारत जी राम जी अधिनियम के समर्थन ने बैठक में प्रदेश का मजबूत पक्ष रखा।
उम्मीद है कि केंद्र सरकार आगामी बजट में मध्यप्रदेश की इन मांगों को प्राथमिकता देगी, जिससे प्रदेश की गति, विकास और आर्थिक मजबूती को नई दिशा मिल सकेगी।

मूलतः प्रयागराज निवासी, पिछले लगभग 25 वर्षों से अधिक समय से नई दिल्ली में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय विनीत खरे किसी पहचान को मोहताज नहीं हैं.
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