जिला पंचायत सिवनी से तबादला होकर इंदौर गए नवजीवन पंवार की शुरूआती कार्यप्रणाली से ही कर्मचारियों में पनपा असंतोष!

इंदौर कलेक्ट्रेट में नियुक्त IAS पवार नवजीवन विजय की तीन दिन की कार्यशैली ने प्रशासनिक हलचल मचा दी है। एसडीएम और तहसीलदार उनके कड़े रवैये और नोटिस जारी करने की कार्रवाई से नाराज हैं। निर्वाचन आयोग के कामकाज में तेजी लाने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर उनके खिलाफ अधिकारियों में गुस्सा बढ़ रहा है।

इंदौर में नएIASपवार नवजीवन की तीन दिन की कार्यशैली से खलबली, SDM-तहसीलदार नाराज

(ब्यूरो कार्यालय)

इंदौर (साई)। अपनी विवादित कार्यप्रणाली के लिए चर्चित रहने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2019 बैच के अधिकारी नवजीवन पंवार अब इंदौर पदस्थापना के साथ ही एक बार फिर चर्चाओं में आ गए हैं। कार्यभार ग्र्रहण करने के महज तीन दिनों के अंदर ही कर्मचारियों के निशाने पर आने वाले नवजीवन पंवार की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगीं हैं।

मध्यप्रदेश के सबसे बड़े और चर्चित जिलों में शामिल इंदौर इस समय एक बड़े प्रशासनिक विवाद की वजह से सुर्खियों में है। 2019 बैच के युवा IAS अधिकारी पवार नवजीवन विजय को इंदौर में अतिरिक्त कलेक्टर (ADM) के रूप में पदस्थ किया गया, लेकिन उनकी सिर्फ तीन दिन की कार्यशैली ने ही कलेक्ट्रेट में तूफान खड़ा कर दिया।

नए अधिकारी द्वारा अपनाई गई कड़ाई,लगातार मॉनिटरिंग और नोटिस जारी करने की कार्रवाई से जिले के एसडीएम और तहसीलदार भड़क उठे हैं। अधिकारियों का आरोप है कि पवार नवजीवन का व्यवहार अपमानजनक और असहयोगी है।

🔹 विवाद की शुरुआत

22 सितंबर 2025 को पदभार ग्रहण करने के बाद पवार नवजीवन ने केवल तीन दिनों में ही सख्त फैसले लिए।

  • सभी 9 विधानसभा क्षेत्रों के एसडीएम को नोटिस जारी कर दिए।
  • मीटिंग में देरी पर अधिकारियों को तंज कसते हुए अपमानित किया।
  • लगातार व्हाट्सऐप मैसेज और मॉनिटरिंग से अधिकारियों पर दबाव बनाया।

सूत्रों के मुताबिक, एक मीटिंग में देर से पहुंचे एसडीएम से उन्होंने कहा – क्या आपको पीले चावल देने होंगे तो ही आप मीटिंग में आएंगे?” यह टिप्पणी प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।

🔹 अधिकारियों की नाराज़गी

अधिकारियों का कहना है कि पवार नवजीवन का रवैया सहयोगात्मक नहीं,बल्कि दमनकारी है।

  • मीटिंग में उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों को फटकारा।
  • क्या रोना है आप लोगों का?” कहकर तंज कसा।
  • उनकी भाषा और लहजा अपमानजनक बताया जा रहा है।

कुछ अधिकारियों ने कलेक्टर शिवम वर्मा तक शिकायत पहुंचाई है। एक अधिकारी ने कहा, अगर वरिष्ठ अधिकारी ही इस तरह बर्ताव करेंगे तो हम काम नहीं करेंगे।”

🔹 निर्वाचन आयोग का दबाव

पवार नवजीवन का तर्क है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण का आदेश दिया है।

  • एसडीएम और BLO (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) इस कार्य में पिछड़ रहे थे।
  • उन्होंने बैठक बुलाकर स्पष्ट कहा कि यह काम किसी भी हालत में समय पर पूरा होना चाहिए।
  • अधिकारियों पर कड़ी जवाबदेही तय करते हुए उन्होंने लगातार रिपोर्टिंग शुरू कर दी।

उनका कहना है कि यह सब निर्वाचन आयोग के आदेश को पूरी तरह लागू करने के लिए आवश्यक है।

🔹 पवार नवजीवन विजय कौन हैं?

  • 2019बैच के IASअधिकारी
  • पहले सिवनी जिला पंचायत CEO रहे।
  • बाद में कुक्षी में SDM पद पर कार्यरत रहे।
  • कुक्षी में रहते हुए उन्होंने शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई की थी।
  • उस दौरान उन्हें विरोध और हमले का भी सामना करना पड़ा।
  • अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने पर विवादों में आए।

🔹 विवादों से पुराना नाता

पवार नवजीवन का नाम पहले भी विवादों में रहा है।

  • धार जिले में पदस्थ रहते हुए उन पर शराब कारोबारियों से 10लाख रुपये की डिमांड करने का आरोप लगा।
  • कथित तौर पर शराब माफिया ने उन्हें अगवा कर पीटा था।
  • महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और बदतमीजी की शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं।

इन घटनाओं ने उनकी छवि को कई बार विवादों में घेरा है।

🔹 इंदौर कलेक्ट्रेट में बढ़ती नाराज़गी

नए आदेशों और नोटिसों से कलेक्ट्रेट का माहौल गर्म है।

  • एसडीएम और तहसीलदार खुलकर नाराज हैं।
  • कई अधिकारी मानते हैं कि पवार नवजीवन की कार्यशैली कलेक्टर की नीति के बिल्कुल विपरीत है।
  • कलेक्टर शिवम वर्मा अपने सहयोगी रवैये के लिए जाने जाते हैं, जबकि ADM पवार को उनके उलट माना जा रहा है।

अंदरखाने यह चर्चा है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो चुनावी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

🔹 विवाद से जुड़े मुख्य बिंदु

बिंदुविवरण
समय अवधिकेवल 3 दिनों में विवाद खड़ा
कार्रवाईसभी 9 एसडीएम को नोटिस
कारणनिर्वाचन आयोग का आदेश
प्रतिक्रियाअधिकारियों में नाराजगी और शिकायतें
असरप्रशासनिक तालमेल बिगड़ने की आशंका