आस्था, अधिकार और प्रशासन : प्रयागराज माघ मेले में टकराव . . . @swami_avimukteshwaranand_saraswati

प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के संगम स्नान को लेकर उठा विवाद अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। यह मामला केवल एक संत और प्रशासन के बीच टकराव नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और प्रशासनिक अधिकारों के संतुलन से जुड़ा गंभीर प्रश्न बन चुका है। महास्नान जैसे संवेदनशील अवसर पर संवाद की कमी ने स्थिति को और जटिल कर दिया। इस प्रकरण ने भारतीय लोकतंत्र में धार्मिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक दायित्वों की सीमाओं पर नई चर्चा छेड़ दी है।

‘समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया‘ की ‘साई न्यूज‘ में ‘लिमटी की लालटेन‘ के 745वें एपीसोड में अभी देखिए . . .
प्रयागराज का माघ मेला, आस्था के संगम पर आपस में टकराती सत्ता, परंपरा और प्रशासन!