चेन्नई में बरसे बादल क्यों नहीं थमे? चक्रवात ‘दितवाह’ के थम जाने से तमिलनाडु में भारी बारिश, मौसम विशेषज्ञों ने बताई बड़ी वजह

चक्रवाती तूफान दितवाह के असामान्य रूप से थम जाने के कारण तमिलनाडु, विशेषकर चेन्नई और तिरुवल्लूर में भारी और लंबी बारिश दर्ज की गई। बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम दो एंटी-साइक्लोन के बीच फंसकर कई घंटों तक स्थिर रहा, जिससे लगातार बादल बनते रहे। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे दुर्लभ और कठिन-से-पूर्वानुमान वाली स्थिति बताया है, क्योंकि ऐसे सिस्टम बहुत कम बार दक्षिण-पश्चिम दिशा में रीकर्व होते हैं। चेन्नई के लिए भारी वर्षा और जलभराव को लेकर अलर्ट जारी है।

Cyclone Ditwahने क्यों रोकी चाल?तमिलनाडु में रिकॉर्ड बारिश की वजह समझें

(श्वेता यादव)

चेन्नई (साई)। तमिलनाडु में बीते दो दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। इसका मुख्य कारण है — चक्रवाती तूफान दितवाह (Cyclone Ditwah), जो सामान्य परिस्थितियों के विपरीत घंटों तक एक स्थान पर ठहर गया, जिससे लगातार बारिश होती रही।

मौसम विभाग के अधिकारियों और जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि इस चक्रवात का व्यवहार पूरी तरह असामान्य था और इसे पहले से सटीक तरीके से पूर्वानुमानित करना अत्यंत मुश्किल था।

चक्रवात दितवाहस्टॉलकैसे हो गया?दो एंटी-साइक्लोन के बीच फंस गया सिस्टम

चेन्नई क्षेत्र में बारिश का प्रमुख कारण था—
चक्रवात दितवाह का “col zone”में फंस जाना, यानी ऊपर की हवाओं में दो विपरीत एंटी-साइक्लोनिक परिसंचरण के बीच का शांत क्षेत्र।

मौसम वैज्ञानिक क्या कहते हैं?

क्षेत्रीय मौसम केंद्र (RMC) की प्रभारी प्रमुख बी. अमुधा के अनुसार:

  • यह सिस्टम दो मजबूत एंटी-साइक्लोन के बीच दबकर स्थिर हो गया था।
  • हवाओं के “push and pull” प्रभाव से यह बार-बार डोलता रहा, पर आगे नहीं बढ़ा।
  • वातावरण की सूक्ष्म (microphysical) गतिशीलताएँ बेहद तेजी से बदलती हैं, जिनका लंबा पूर्वानुमान कठिन है।
  • भूमि, महासागर और वायुमंडल की परस्पर क्रियाएँ लगातार बदलती रहती हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रॉपिकल चक्रवातों की आंतरिक गतिशीलता को लेकर हमारी समझ अभी अधूरी है।”

दितवाह क्यों थाविकट’?—धीमी चाल,उल्टी दिशा और अधिक नमी

पूर्व मौसम वैज्ञानिक वाई.ई.ए. राज के अनुसार:

  • दितवाह की हवा की गति लगभग 40नॉट्स थी—जिसे सीमांत (marginal) चक्रवात माना जाता है।
  • इसके बावजूद इसका गति रुकना और2–3 kmphकी रफ्तार से चलना अभूतपूर्व था।
  • सामान्यतः चक्रवात उत्तर या पूर्व की ओर मुड़ते हैं, पर दितवाह दक्षिण-पश्चिम दिशा में रीकर्व हो गया — यह बहुत दुर्लभ है।

पिछले43वर्षों में ऐसे मामले सिर्फ तीन बार हुए:

  • नवंबर 1996
  • नवंबर 2013
  • दिसंबर 2018

दितवाह चौथा ऐसा सिस्टम रहा जिसने तटीय तमिलनाडु को प्रभावित करते हुए उल्टी दिशा पकड़ी

क्यों नहीं थमे बादल?—स्थिर सिस्टम में लगातार नमी का प्रवाह

जब कोई चक्रवाती प्रणाली समुद्र के ऊपर स्थिर हो जाए तो वह लगातार:

  • समुद्र से नमी खींचती है
  • बादल बनाती है
  • और बारिश को दोहराती रहती है

दितवाह के साथ भी यही हुआ —

लगातारmoisture inflow

सिस्टम खाड़ी में रुका रहा, जिससे:

  • चेन्नई
  • तिरुवल्लूर
  • पुडुचेरी
  • उत्तर तमिलनाडु का बड़ा हिस्सा

लगातार rain bands की चपेट में रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को सिस्टम के दूर जाने की उम्मीद थी, लेकिन यह कई घंटों तक वहीं टिका रहा।

भारी वर्षा से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र

चेन्नई और तिरुवल्लूर में:

  • कई क्षेत्रों में 100 mmसे अधिक वर्षा
  • निचले इलाकों में जलभराव
  • सड़कों पर यातायात बाधित
  • स्कूल और कॉलेज कई स्थानों पर बंद

चक्रवात के अवशेष (remnants) अभी भी तमिलनाडु के तटीय भागों में बारिश बना रहे हैं।

मौसम मॉडल क्यों नहीं कर पाए सही भविष्यवाणी?

मौसम वैज्ञानिकों ने माना कि:

  • ट्रॉपिकल क्षेत्रों में चक्रवातों की चाल का पूर्वानुमान सबसे जटिल कार्य है।
  • कई बार Weather Models भी नहीं पकड़ पाते कि सिस्टम कब और क्यों ठहर जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि:

कारण1:ऊपरी हवाओं का विचित्र व्यवहार

दो एंटी-साइक्लोन की टकराती स्थितियों के कारण मॉडल भी भ्रमित रहे।

कारण2:समुद्री तापमान में अचानक परिवर्तन

Bay of Bengal का Sea Surface Temperature 28–29°C तक पहुँच गया था —
जो किसी भी चक्रवात को ऊर्जा देने और बादल बनाने के लिए पर्याप्त है।

कारण3:सिस्टम का कमजोर होना

कई बार चक्रवात कमजोर होने के बाद भी आगे नहीं बढ़ते और “स्टॉल” हो जाते हैं।

चेन्नई के लिए क्या चेतावनी?

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए:

  • भारी बारिश (Heavy Rainfall)
  • तेज हवाएँ
  • शहर में जलभराव
  • सावधानी-पूर्वक यात्रा

की सलाह जारी की है।

नागरिकों को जारी प्रमुख निर्देश

  • अनावश्यक यात्रा से बचें
  • निचले इलाकों से निकासी के लिए तैयार रहें
  • बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें
  • समुद्र किनारे जाने से पूरी तरह रोक

नगर निगम भी त्वरित जलनिकासी कार्यों में जुटा है।

दितवाह कीधीमी चालक्यों है खतरनाक?—विशेष रिपोर्ट

विशेषज्ञ बताते हैं कि चक्रवात का धीरे चलना तेज चलने की तुलना में अधिक खतरनाक होता है।

क्योंकि:

  • एक ही क्षेत्र में लंबे समय तक बादल जमा होते हैं
  • बारिश की तीव्रता बढ़ जाती है
  • जलभराव का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है
  • शहर की आधारभूत संरचना पर दबाव बढ़ता है

दितवाह ने बिल्कुल यही स्थिति पैदा की।

भविष्य के लिए क्या सीख?

  1. उन्नत मौसम मॉडल की आवश्यकता

विशेषज्ञ कहते हैं कि चक्रवातों की माइक्रो-डायनेमिक्स को समझने में अभी लंबा समय लगेगा।

  1. तटीय शहरों में बेहतर जलनिकासी अवसंरचना

चेन्नई जैसे तटीय शहरों को वर्षा जल प्रबंधन पर और निवेश की जरूरत है।

  1. जलवायु परिवर्तन की भूमिका

बढ़ते समुद्री तापमान ऐसे चक्रवातों और असामान्य पैटर्न को जन्म दे रहे हैं।

  1. निष्कर्ष (Conclusion)

चक्रवात दितवाह का तमिलनाडु तट के पास ठहर जाना एक असामान्य और चुनौतीपूर्ण मौसम घटना थी, जिसने चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में कई घंटों तक भारी बारिश जारी रखी।
दो एंटी-साइक्लोन के बीच फंसकर सिस्टम का स्टॉल होना, तेज नमी प्रवाह और उल्टी दिशा में रीकर्व होना—इन तीनों ने मिलकर यह दुर्लभ स्थिति पैदा की।

मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे घटनाक्रम भविष्य में और अधिक देखने को मिल सकते हैं, इसलिए तटीय शहरों को जलवायु-अनुकूल अवसंरचना और उन्नत पूर्वानुमान प्रणालियों की दिशा में तेजी से काम करने की आवश्यकता है।