हिंदी टीवी इंडस्ट्री का यादगार थ्रोबैक
(दीपक अग्रवाल)
मुंबई (साई)। हिंदी टेलीविजन इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने वर्षों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है। इन्हीं में से एक नाम है आसिफ शेख, जो आज घर-घर में भाभीजी घर पर हैं के विभूति नारायण मिश्रा के रूप में पहचाने जाते हैं। हालांकि, उनके इस मुकाम तक पहुंचने की यात्रा आसान नहीं रही। हाल ही में सामने आया एक थ्रोबैक उनके करियर के शुरुआती दौर की एक महत्वपूर्ण कड़ी को उजागर करता है।
करियर की शुरुआत और संघर्ष का दौर
आसिफ शेख ने अपने अभिनय करियर में फिल्मों और टेलीविजन दोनों माध्यमों में काम किया है। शुरुआती वर्षों में उन्होंने कई तरह के किरदार निभाए, लेकिन कॉमेडी में पहचान बनाना उनके लिए एक चुनौती भरा अनुभव रहा। वर्ष 1999 में प्रसारित हुए चर्चित कॉमेडी शो यस बॉस ने उनके करियर की दिशा बदल दी।
यह वही शो था जिसमें उन्होंने वरिष्ठ अभिनेता राकेश बेदी के साथ स्क्रीन साझा की थी।
यस बॉस: एक यादगार कॉमेडी शो
यस बॉस अपने समय का बेहद लोकप्रिय कॉमेडी सीरियल रहा। ऑफिस आधारित इस शो में हल्के-फुल्के हास्य के साथ रोजमर्रा की जिंदगी की झलक देखने को मिलती थी। शो ने दर्शकों को न सिर्फ हंसाया, बल्कि कई कलाकारों को पहचान भी दिलाई।
इस शो में:
- स्लैपस्टिक कॉमेडी का भरपूर प्रयोग
- मजबूत कलाकारों की टीम
- संवादों की सटीक टाइमिंग
जैसे तत्व शामिल थे, जिसने इसे खास बनाया।
आसिफ शेख और राकेश बेदी की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री
शो में आसिफ शेख और राकेश बेदी की जोड़ी दर्शकों को काफी पसंद आई। जहां राकेश बेदी पहले से ही कॉमेडी की दुनिया का जाना-माना नाम थे, वहीं आसिफ शेख इस शैली में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे।
आसिफ शेख ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि यस बॉस के पहले दिन वह काफी नर्वस थे क्योंकि उन्हें स्लैपस्टिक कॉमेडी का अनुभव नहीं था।
सेट पर पहला दिन और घबराहट
एक बातचीत में आसिफ शेख ने बताया कि यस बॉस के सेट पर उनका पहला दिन उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय उन्हें यह तक समझ नहीं थी कि स्लैपस्टिक कॉमेडी की बारीकियां क्या होती हैं।
उनके शब्दों में, यह सफर सीखने से भरा था और उन्होंने वहीं से कॉमेडी को गंभीरता से समझना शुरू किया।
राकेश बेदी की भूमिका: एक मेंटर की तरह
आसिफ शेख के अनुसार, उस समय राकेश बेदी और शो से जुड़े वरिष्ठ क्रिएटिव सदस्यों ने उनकी काफी मदद की। राकेश बेदी ने न सिर्फ उन्हें सहज महसूस कराया, बल्कि कॉमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन की बारीकियां भी समझाईं।
यह मार्गदर्शन उनके करियर के लिए निर्णायक साबित हुआ।
450 एपिसोड का अनुभव
आसिफ शेख ने बताया कि यस बॉस के 450 एपिसोड पूरे करना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अभिनय सीखा, बल्कि यह भी समझा कि दर्शकों को क्या पसंद आता है।
इस शो ने उन्हें यह सिखाया कि:
- कॉमेडी में स्वाभाविकता जरूरी है
- टाइमिंग ही सबसे बड़ा हथियार है
- टीमवर्क से ही सफल शो बनता है
राकेश बेदी का हालिया सफर
वर्तमान समय में राकेश बेदी एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में वह फिल्म धुरंधर में अपने अभिनय के लिए सराहे गए, जहां उन्होंने जमी़ल जमाली का किरदार निभाया। उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
यह दिखाता है कि अनुभव और निरंतर मेहनत से कलाकार समय के साथ और निखरते हैं।
भाभीजी घर पर हैं से नई पीढ़ी तक पहचान
आसिफ शेख के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट भाभीजी घर पर हैं रहा। इस शो ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच अपार लोकप्रियता दिलाई।
उनकी कॉमेडी का अंदाज:
- पारिवारिक
- सहज
- संवाद आधारित
है, जो हर वर्ग के दर्शकों को जोड़ता है।
हालिया फिल्म प्रोजेक्ट और लोकप्रियता
हाल ही में आसिफ शेख फिल्म भाभीजी घर पर हैं! फन ऑन द रन में नजर आए। यह फिल्म टीवी शो का रूपांतरण है, जिसमें दो पड़ोसी परिवारों की कहानी को रोड ट्रिप के जरिए दिखाया गया है।
फिल्म ने यह साबित किया कि टीवी से बड़े पर्दे तक उनका आकर्षण बरकरार है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया और सोशल चर्चा
इस थ्रोबैक के सामने आने के बाद दर्शकों में उत्सुकता देखी गई। सोशल प्लेटफॉर्म्स पर लोग यस बॉस के पुराने एपिसोड्स और कलाकारों को याद करते नजर आए।
कई दर्शकों ने माना कि:
- पुराने कॉमेडी शोज़ में सादगी थी
- किरदारों में गहराई होती थी
- कहानी दर्शकों से जुड़ती थी
विशेषज्ञों की राय
टीवी इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि आसिफ शेख का सफर उन कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जो कॉमेडी को हल्के में लेते हैं। सही मार्गदर्शन और अनुभव से कोई भी कलाकार अपनी शैली विकसित कर सकता है।
राकेश बेदी जैसे अनुभवी कलाकारों का मार्गदर्शन नई पीढ़ी के लिए बेहद अहम माना जाता है।
भविष्य की संभावनाएं
आसिफ शेख के करियर को देखते हुए यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में भी वह कॉमेडी की दुनिया में सक्रिय रहेंगे। वहीं राकेश बेदी का अनुभव उन्हें अलग-अलग माध्यमों में मजबूत भूमिका निभाने के लिए तैयार करता है।
टीवी इंडस्ट्री में पुराने और नए कलाकारों का यह तालमेल दर्शकों के लिए हमेशा खास रहता है।
🔹 8️⃣ CONCLUSION /निष्कर्ष
आसिफ शेख और राकेश बेदी का यस बॉस से जुड़ा यह थ्रोबैक हिंदी टीवी इंडस्ट्री के सुनहरे दौर की याद दिलाता है। एक अनुभवी कलाकार का मार्गदर्शन और एक नए कलाकार की सीखने की ललक कैसे एक सफल करियर की नींव रखती है, इसका यह बेहतरीन उदाहरण है। आज भी दोनों कलाकार अपने-अपने सफर में सक्रिय हैं और दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सच्ची प्रतिभा और मेहनत समय के साथ और मजबूत होती जाती है।

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