जानिए गरूण पुराण के अनुसार श्राद्ध कर्म करना क्यों है जरूरी . . .

व्यक्ति अपने जीवनकाल में चाहे पुण्य करे या फिर पापकर्म, लेकिन उसकी मृत्यु निश्चित है। हालांकि कर्मों से मृत्यु को संवारा जा सकता है। अच्छे कर्म करने वालों को मृत्युपश्चात स्वर्ग की प्राप्ति होती है और व्यक्ति सभी सुखों का भोग करता है। गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद होने वाले कार्यक्रमों जैसे कि श्राद्ध और तेरहवीं का भी वर्णन मिलता है।