चतुर्थी तिथि का श्राद्ध कब करें, 10 या 11 सितंबर? जानिए सही तिथि, दिन और शुभ समय

गरुड़ पुराण में कहा गया कि मृत्यु के तेरह दिन बाद आत्मा की यमपुरी की यात्रा शुरू होती है। वह सत्रह दिन के बाद वहां पहुंचता है। यम के दरबार तक पहुंचने के लिए आत्मा ग्यारह महीने तक यात्रा करती है। इस अवधि के दौरान भोजन और पानी प्रदान करने के लिए पिंडदान और तर्पण इस विश्वास के साथ किया जाता है कि इससे आत्मा की भूख और प्यास संतुष्ट होगी।

जानिए, चतुर्थी को देवलोक गमन करने वाले किन पितरों का किया जाता है श्राद्ध!