(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज बुधवार 11 फरवरी 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, बुधवार 11 फरवरी 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 18.6 | 14 | 57 | |
| शाम | 30.6 | 20.4 | 45 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
प्रकृति की गोद में बसे ‘मध्य प्रदेश के लखनऊ’ कहे जाने वाले सिवनी जिले में मौसम अब अपने रंग बदल रहा है। कड़ाके की ठंड की विदाई के साथ ही बसंत ऋतु का आगमन वातावरण में घुलने लगा है। आज बुधवार, 11 फरवरी 2026 को मौसम का जो मिजाज देखने को मिला, वह स्पष्ट संकेत दे रहा है कि अब गर्मियां धीरे-धीरे दस्तक दे रही हैं, हालांकि रात के समय अभी भी हल्की सिहरन महसूस की जा सकती है।
सिवनी जिले में आज बुधवार की शाम तक रिकॉर्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस बात की तस्दीक करता है कि पारे में उछाल आना शुरू हो गया है। मौसम विभाग और स्थानीय वेधशाला द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिन और रात के तापमान में एक बड़ा अंतर देखा जा रहा है, जो स्वास्थ्य और कृषि दोनों के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण है।
बीते 24 घंटों का तापमान: आंकड़ों की जुबानी
सिवनी स्थित मौसम केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी 2026 को दर्ज किए गए तापमान के आंकड़े सामान्य से कुछ अलग रहे। पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह से शुष्क बना रहा। आसमान साफ होने के कारण दिन में सूर्य की सीधी किरणें धरती पर पड़ीं, जिससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बुधवार को सिवनी का अधिकतम तापमान (Maximum Temperature)लगभग 30.6डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य फरवरी के औसत से थोड़ा अधिक महसूस हुआ। वहीं, न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) 14डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिन और रात के तापमान में लगभग 15 से 16 डिग्री का अंतर है। यह तापांतर (Temperature Variation) ही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से लोगों को दिन में पसीने और रात में कंबल की जरूरत महसूस हो रही है।
सुबह और शाम का बदलता नजारा
फरवरी का यह दूसरा सप्ताह मौसम के लिहाज से संक्रमण काल (Transition Period) माना जाता है। सुबह की शुरुआत अब घने कोहरे के बजाय हल्की धुंध और सुहावनी हवाओं के साथ हो रही है। मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है, क्योंकि अब सुबह की ठंड चुभने वाली नहीं रह गई है। हालांकि, सुबह 6 बजे से 8 बजे के बीच हल्की ऊनी कपड़ों की आवश्यकता अभी भी महसूस की जा रही है।
जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, धूप तीखी होने लगती है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में खड़ा रहना अब थोड़ा असहज लगने लगा है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को अब चेहरे को ढककर निकलना पड़ रहा है। शाम होते ही एक बार फिर मौसम करवट लेता है और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो जाता है। यह ‘गुलाबी ठंड’ सिवनी के निवासियों को सुकून तो दे रही है, लेकिन साथ ही सतर्क रहने का इशारा भी कर रही है।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
सिवनी जिला एक कृषि प्रधान जिला है और यहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से मौसम के मिजाज पर निर्भर करती है। वर्तमान में खेतों में रबी की फसलें, विशेषकर गेहूं और चना, अपनी पकने की अवस्था की ओर बढ़ रही हैं। कृषि वैज्ञानिकों और जानकारों का मानना है कि इस समय तापमान में अचानक वृद्धि फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
11 फरवरी 2026 के तापमान को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की सतत निगरानी करें। गेहूं की फसल को इस समय ‘दाने भरने’ (Grain Filling Stage) के लिए थोड़े ठंडे तापमान की आवश्यकता होती है। यदि दिन का तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता है, तो गेहूं का दाना सिकुड़ने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पैदावार प्रभावित हो सकती है।
वहीं, चने की फसल में इल्ली के प्रकोप की आशंका भी इस बदलते मौसम में बढ़ जाती है। बादलों की लुका-छिपी और तापमान का यह उतार-चढ़ाव कीटों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे सिंचाई का प्रबंधन सावधानीपूर्वक करें और आवश्यकतानुसार ही पानी दें।
स्वास्थ्य पर प्रभाव: वायरल फीवर का खतरा
मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में इन दिनों सर्दी, खांसी, और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसे चिकित्सीय भाषा में ‘सीजनल फ्लू’ कहा जा रहा है।
सिवनी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, “जब दिन और रात के तापमान में 10 डिग्री से ज्यादा का अंतर होता है, तो मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पर दबाव पड़ता है। लोग अक्सर दिन में गर्मी लगने पर गर्म कपड़े उतार देते हैं और शाम को ठंड लगने पर बीमार पड़ जाते हैं। ठंडा पानी पीने और आइसक्रीम जैसे पदार्थों का सेवन अभी गले के संक्रमण का कारण बन सकता है।”
डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम कान और सिर ढककर रखने की सलाह दी है। साथ ही, दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की हिदायत दी गई है ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
जलवायु परिवर्तन और सिवनी का मौसम
एक समय था जब सिवनी को अपनी हरियाली और ठंडे मौसम के कारण ‘मध्य प्रदेश का शिमला’ भी कहा जाता था। लेकिन पिछले कुछ दशकों में यहां के मौसम चक्र में भी बदलाव आया है। 2026 के फरवरी महीने में ही गर्मी का यह अहसास जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की ओर इशारा करता है। जंगलों की कटाई और शहरीकरण के कारण अब सिवनी में भी गर्मी का मौसम लंबा और तीखा होने लगा है।
फरवरी के मध्य में ही अधिकतम तापमान का 30 डिग्री के करीब पहुंचना यह संकेत है कि आने वाला मार्च और अप्रैल का महीना तपिश भरा हो सकता है। पर्यावरणविदों का कहना है कि यदि वनों का संरक्षण नहीं किया गया, तो सिवनी के उस ऐतिहासिक सुहावने मौसम को बचाना मुश्किल होगा जिसके लिए यह जिला जाना जाता था।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले 4-5 दिनों तक सिवनी और आसपास के क्षेत्रों (लखनादौन, बरघाट, केवलारी) में मौसम शुष्क बना रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर कम होने के कारण अब उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं की रफ्तार थम गई है।
अनुमान है कि 15 फरवरी के बाद न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और यह 15 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं, अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। आसमान साफ रहेगा और बारिश की कोई विशेष संभावना अभी दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि, हवाओं की दिशा बदलने पर आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन इससे तापमान में गिरावट की उम्मीद कम ही है।
शहर का हाल और दिनचर्या
बुधवार, 11 फरवरी को शहर के बाजारों में भी मौसम के बदलाव का असर दिखा। ऊनी कपड़ों की दुकानों पर भीड़ कम हो गई है, जबकि जूस और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। स्कूलों का समय अभी भी शीतकालीन समय सारणी के अनुसार चल रहा है, लेकिन अभिभावक अब प्रशासन से समय बदलने की मांग कर रहे हैं क्योंकि सुबह की धूप अब तेज होने लगी है।
शाम के समय सिवनी के दलसागर तालाब और मठ मंदिर क्षेत्र में लोगों की चहल-पहल बढ़ गई है। सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए परिवार और युवा वर्ग पार्कों का रुख कर रहे हैं।
प्रशासनिक सलाह और एहतियात
बदलते मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। विशेषकर बिजली विभाग ने आगामी गर्मी के सीजन को देखते हुए मेंटेनेंस का कार्य तेज कर दिया है, ताकि गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। वहीं, नगर पालिका प्रशासन ने भी जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की तैयारी शुरू कर दी है, क्योंकि तापमान बढ़ने के साथ ही पानी की मांग में भी इजाफा होगा।
️⃣ CONCLUSION /निष्कर्ष
कुल मिलाकर, सिवनी में बुधवार 11 फरवरी 2026 का दिन मौसम के संक्रमण का गवाह बना। अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री और न्यूनतम 13.8 डिग्री सेल्सियस के बीच झूलता हुआ मौसम यह बता रहा है कि ठंड अब विदा ले रही है और गर्मी ने अपनी आमद दर्ज करा दी है। किसानों को जहां अपनी फसलों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, वहीं आम नागरिकों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा।
आने वाले दिनों में तापमान का ग्राफ ऊपर की ओर ही जाएगा। ऐसे में यह जरूरी है कि हम बदलती ऋतु के साथ अपनी जीवनशैली में भी बदलाव लाएं। ‘गुलाबी ठंड’ का यह दौर छोटा हो सकता है, लेकिन इसका आनंद लेते हुए सावधानी बरतना ही समझदारी है। मौसम के हर अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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