सिवनी में तापमान का नया पैटर्न, ठंड और सामान्य मौसम के बीच उतार-चढ़ाव
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज शुक्रवार 06 फरवरी 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, शुक्रवार 06 फरवरी 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 17 | 14.6 | 76 | |
| शाम | 27.6 | 19 | 51 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में शुक्रवार 06 फरवरी 2026 तक दर्ज किए गए बीते 24 घंटों के तापमान ने क्षेत्र में मौसम के बदलते रुझान का संकेत दिया है। फरवरी के पहले सप्ताह में आमतौर पर हल्की ठंड के साथ सामान्य दिन का तापमान देखने को मिलता है, लेकिन इस बार सुबह और रात के तापमान में गिरावट और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत में सक्रिय ठंडी हवाओं के कारण हो सकता है। मध्यप्रदेश के कई जिलों में हाल के समय में शीत लहर जैसी स्थिति देखी गई है।
हाल ही में राज्य के कई हिस्सों में ठंड का प्रभाव दर्ज किया गया था, जहां सामान्य से कम तापमान रिकॉर्ड हुआ और कई जिलों में शीत लहर की चेतावनी जारी की गई थी।
फरवरी में सिवनी का सामान्य मौसम पैटर्न
सिवनी जिले का भौगोलिक स्थान और जंगल क्षेत्र होने के कारण यहां सर्दियों में तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है। फरवरी में आमतौर पर मौसम इस प्रकार रहता है:
- सुबह और रात: हल्की ठंड
- दिन का तापमान: सामान्य से हल्का गर्म
- आर्द्रता: मध्यम
- हवा की गति: सामान्य
स्थानीय स्तर पर तापमान में बदलाव का असर सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में देखा जाता है, जहां सुबह की ठंड और शाम की ठंडी हवाएं लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं।
बीते 24 घंटों के तापमान का स्थानीय जीवन पर प्रभाव
दैनिक जीवन पर असर
सिवनी में तापमान में उतार-चढ़ाव का असर आम लोगों के जीवन पर सीधे तौर पर देखा जा रहा है।
- सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंड का सामना
- मजदूर वर्ग को सुबह काम शुरू करने में कठिनाई
- बुजुर्ग और छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम की शिकायत
स्वास्थ्य पर असर
डॉक्टरों के अनुसार इस समय लोगों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है:
- सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें
- गर्म कपड़े पहनें
- खान-पान में गर्म चीजें शामिल करें
कृषि क्षेत्र पर मौसम का असर
सिवनी कृषि प्रधान जिला है। ऐसे में तापमान में बदलाव का असर फसलों पर भी पड़ता है।
संभावित प्रभाव
- गेहूं की फसल पर सकारात्मक असर
- सब्जियों में ओस से नुकसान की संभावना
- दलहन फसलों में नमी का प्रभाव
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तापमान स्थिर रहता है तो फसल उत्पादन अच्छा रह सकता है।
प्रशासन और मौसम विभाग की भूमिका
स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग लगातार तापमान और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासनिक तैयारियां
- स्कूलों में मौसम को लेकर एडवाइजरी
- स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
- किसानों को सलाह
मौसम विभाग समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है ताकि लोगों को पहले से जानकारी मिल सके।
मौसम डेटा और विश्लेषण
हाल के मौसम डेटा के आधार पर कुछ प्रमुख संकेत सामने आए हैं:
- रात के तापमान में गिरावट
- दिन में हल्की गर्माहट
- हवा की गति सामान्य
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति फरवरी के मध्य तक बनी रह सकती है।
समाज पर मौसम बदलाव का असर
सामाजिक गतिविधियों पर प्रभाव
- सुबह की गतिविधियों में कमी
- बाजार देर से खुलना
- ग्रामीण क्षेत्रों में धीमी दिनचर्या
शैक्षणिक गतिविधियां
स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति पर भी मौसम का असर देखा जाता है, खासकर ठंड के समय।
लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार मौसम थोड़ा असामान्य लग रहा है।
कुछ प्रमुख प्रतिक्रियाएं:
- “सुबह ज्यादा ठंड लग रही है।”
- “दिन में मौसम सामान्य हो जाता है।”
- “खेती के लिए अभी मौसम ठीक है।”
विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार:
- फरवरी संक्रमण का महीना होता है
- सर्दी धीरे-धीरे कम होती है
- तापमान में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान धीरे-धीरे सामान्य हो सकता है।
भविष्य में मौसम की संभावनाएं
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में यह स्थिति देखी जा सकती है:
- ठंड में धीरे-धीरे कमी
- दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक
- सुबह हल्की ठंड बनी रह सकती है
अगर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है तो मौसम में बदलाव संभव है।
जलवायु परिवर्तन और स्थानीय मौसम
विशेषज्ञ मानते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न में बदलाव देखा गया है।
संभावित कारण
- ग्लोबल वार्मिंग
- जंगल क्षेत्र में बदलाव
- मौसम प्रणाली में परिवर्तन
शासन और नीति स्तर पर असर
मौसम बदलाव का असर सरकारी योजनाओं और नीति पर भी पड़ता है:
- कृषि योजना
- स्वास्थ्य योजना
- आपदा प्रबंधन
सरकार मौसम आधारित योजनाओं पर काम कर रही है।
आने वाले समय के लिए सुझाव
आम लोगों के लिए
- मौसम अपडेट देखते रहें
- स्वास्थ्य का ध्यान रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
किसानों के लिए
- सिंचाई समय पर करें
- फसल पर ओस से बचाव करें
निष्कर्ष
सिवनी जिले में बीते 24 घंटों का तापमान यह संकेत दे रहा है कि फरवरी का मौसम संक्रमण के दौर में है। सुबह और रात की ठंड और दिन के सामान्य तापमान के बीच संतुलन बना हुआ है। इसका असर जनजीवन, स्वास्थ्य और कृषि पर दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान धीरे-धीरे स्थिर हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के अनुसार खुद को ढालना होगा और सतर्क रहना जरूरी है।
मौसम का यह बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन समय पर जानकारी और सावधानी से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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