ठंड का कहर: पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान गिरा, शीतलहर से जनजीवन प्रभावित

सिवनी जिले में रविवार 28 दिसंबर 2025 को पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। ठंड और शीतलहर का असर आम जनजीवन पर साफ नजर आया। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज रविवार 28 दिसंबर 2025 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .

सिवनी, रविवार 28 दिसंबर 2025
अधिकतमन्यूनतमआद्रता
सुबह139.662
शाम25.21549
वर्षा0मिली मीटर

सिवनी जिले में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। रविवार 28 दिसंबर 2025 की शाम तक रिकॉर्ड किए गए पिछले 24 घंटों के तापमान के आंकड़े बताते हैं कि जिले में ठंड का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। न्यूनतम तापमान में आई गिरावट ने आम नागरिकों, किसानों, स्कूली बच्चों और दैनिक मजदूरों की दिनचर्या को प्रभावित किया है।

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह-शाम घना कोहरा और ठंडी हवाओं का दौर जारी है, जिससे स्वास्थ्य, परिवहन और कृषि गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा है।

हर वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में मध्यप्रदेश के कई जिलों में शीतलहर का प्रभाव बढ़ जाता है। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ का असर सिवनी जैसे जिलों में तापमान को तेजी से नीचे गिरा देता है।

पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि:

  • दिसंबर के अंतिम सप्ताह में न्यूनतम तापमान 6–8 डिग्री तक पहुंच जाता है
  • ग्रामीण क्षेत्रों में तापमान शहरी क्षेत्रों से 1–2 डिग्री कम रहता है
  • कोहरा और ठंडी हवाएं दृश्यता को भी प्रभावित करती हैं

इस पृष्ठभूमि में 28 दिसंबर 2025 का तापमान डेटा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वर्तमान स्थिति / Latest Developments

रविवार शाम तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार सिवनी जिले में:

  • न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई
  • सुबह घना कोहरा छाया रहा
  • दिन में हल्की धूप निकली, लेकिन ठंडी हवाएं बनी रहीं
  • रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया

ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर ज्यादा महसूस किया गया, जहां खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को भारी परेशानी हुई।

तापमान का संक्षिप्त विवरण

पिछले 24 घंटों के दौरान सामान्य रुझान इस प्रकार रहा:

  • 🌡 न्यूनतम तापमान — सामान्य से नीचे
  • 🌡 अधिकतम तापमान — सामान्य के आसपास
  • 🌬 हवा की गति — हल्की से मध्यम
  • 🌫 कोहरा — सुबह के समय घना

यह स्थिति शीतलहर की ओर संकेत करती है, जो आगामी दिनों में और प्रभावी हो सकती है।

प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव

ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक स्तर पर:

  • रैन बसेरों की व्यवस्था को सक्रिय किया गया
  • जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण की प्रक्रिया तेज हुई
  • स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया

सामाजिक स्तर पर:

  • स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी
  • बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी की जरूरत
  • दैनिक मजदूरी करने वालों की आय प्रभावित

आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण

विशेषज्ञों के अनुसार तापमान में गिरावट के मुख्य कारण हैं:

  1. उत्तर भारत से आने वाली शीत हवाएं
  2. साफ आसमान के कारण रात में अधिक ठंड
  3. नमी की कमी से तेजी से तापमान गिरना

विश्लेषण बताता है कि:

  • न्यूनतम तापमान जितना तेजी से गिरता है, ठंड उतनी अधिक महसूस होती है
  • ग्रामीण क्षेत्रों में खुले वातावरण के कारण ठंड ज्यादा असर करती है
  • सुबह का कोहरा सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाता है

आम जनता पर असर

ठंड का सबसे ज्यादा असर निम्न वर्गों पर पड़ा है:

  • रिक्शा चालक
  • फुटपाथ पर रहने वाले लोग
  • खेतों में काम करने वाले मजदूर
  • बुजुर्ग और छोटे बच्चे

लोग सुबह जल्दी निकलने से बच रहे हैं, बाजार देर से खुल रहे हैं और रात में आवाजाही कम हो गई है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

ठंड बढ़ने से निम्न समस्याएं बढ़ रही हैं:

  • सर्दी-खांसी
  • अस्थमा और सांस संबंधी परेशानी
  • जोड़ों का दर्द
  • वायरल संक्रमण

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग:

  • गर्म कपड़े पहनें
  • ठंडे पानी से परहेज करें
  • सुबह की ठंडी हवा से बचें
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में:

  • न्यूनतम तापमान और गिर सकता है
  • शीतलहर का प्रभाव बढ़ सकता है
  • कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है

इसलिए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।

🔹 8️⃣ Conclusion / निष्कर्ष

सिवनी जिले में 28 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान यह संकेत देता है कि ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है। न्यूनतम तापमान में आई गिरावट ने जनजीवन, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में शीतलहर और तेज हो सकती है, इसलिए सावधानी, सतर्कता और प्रशासनिक तैयारी अत्यंत आवश्यक है। यह मौसम बदलाव केवल मौसम की सूचना नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन चुका है।