❄️ बढ़ी ठंड की मार: बीते 24 घंटों का तापमान गिरा, जनजीवन प्रभावित

सिवनी जिले में बीते 24 घंटों के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार 05 जनवरी 2026 को ठंड का असर सुबह और रात के समय ज्यादा देखा गया। ठंडी हवाओं और न्यूनतम तापमान में कमी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज सोमवार 05 जनवरी 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .

सिवनी, सोमवार 05 जनवरी 2026
अधिकतमन्यूनतमआद्रता
सुबह10.49.285
24231340
वर्षा0मिलीमीटर

सिवनी जिले में जनवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड का असर तेज़ी से बढ़ता नजर आ रहा है। सोमवार 05 जनवरी 2026 की शाम तक दर्ज किए गए बीते 24 घंटों के तापमान के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इसका सीधा असर आम जनजीवन, स्वास्थ्य, कृषि गतिविधियों और दैनिक कामकाज पर पड़ा है।

सुबह और रात के समय ठंड अधिक महसूस की गई जबकि दोपहर में हल्की धूप से कुछ राहत जरूर मिली। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड का यह असर बना रह सकता है।

जनवरी का महीना सामान्यतः मध्यप्रदेश में सबसे ठंडा माना जाता है। उत्तर भारत से आने वाली शीतलहर और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण तापमान में गिरावट दर्ज होती है।

पिछले वर्षों की तुलना में इस बार दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में ठंड अपेक्षाकृत अधिक महसूस की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले मैदानों और जलाशयों के आसपास कोहरा और पाला गिरने की स्थिति भी बन रही है।

सिवनी जिला पहले से ही अपनी हरियाली और जंगलों के कारण अपेक्षाकृत ठंडा क्षेत्र माना जाता है, ऐसे में शीतलहर का असर यहां अधिक प्रभावी होता है।

वर्तमान स्थिति /Latest Developments

सोमवार 05 जनवरी 2026 की शाम तक रिकॉर्ड किया गया बीते 24 घंटे का तापमान इस प्रकार रहा:

  • अधिकतम तापमान: लगभग 23डिग्री सेल्सियस
  • न्यूनतम तापमान: लगभग 7डिग्री सेल्सियस
  • सुबह का तापमान: 8–9 डिग्री सेल्सियस के आसपास
  • शाम का तापमान: 10–11 डिग्री सेल्सियस

ठंडी हवाओं की रफ्तार मध्यम रही और आर्द्रता में हल्की वृद्धि देखी गई, जिससे ठंड का अहसास अधिक तीव्र हुआ।

प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव

ठंड बढ़ने के कारण प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

  • रैन बसेरों की व्यवस्था सक्रिय की गई है।
  • जरूरतमंदों को कंबल वितरण किया जा रहा है।
  • अस्पतालों को ठंड से जुड़ी बीमारियों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

विद्यालयों में सुबह की कक्षाओं में उपस्थिति कम देखने को मिल रही है और कई जगह अभिभावक बच्चों को ठंड के कारण स्कूल भेजने में हिचकिचा रहे हैं।

आंकड़े,तथ्य और विश्लेषण

पिछले तीन दिनों का तापमान ट्रेंड:

दिनन्यूनतम तापमानअधिकतम तापमान
शनिवार9°C25°C
रविवार8°C24°C
सोमवार7°C23°C

विश्लेषण से स्पष्ट है कि न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। यह शीतलहर के प्रभाव को दर्शाता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार साफ आसमान और कम बादलों की स्थिति के कारण रात में धरती की ऊष्मा तेजी से निकल जाती है, जिससे तापमान गिरता है।

आम जनता पर असर

ठंड बढ़ने का सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ा है:

  • सुबह की सैर और खेतों में काम देर से शुरू हो रहा है।
  • बुजुर्ग और बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
  • सर्दी, खांसी, जुकाम और जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ी हैं।
  • गर्म कपड़ों और हीटर की मांग बढ़ी है।

ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों को भी ठंड से मवेशियों की देखभाल में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

कृषि और पशुपालन पर प्रभाव

ठंड और पाले का असर फसलों पर भी पड़ सकता है:

  • चना, मटर और सब्जियों की फसल को नुकसान की आशंका
  • पाला पड़ने से पत्तियां झुलसने का खतरा
  • सिंचाई के समय में बदलाव किया जा रहा है

किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों में हल्की सिंचाई कर तापमान संतुलन बनाए रखें और धुआं करके पाले से बचाव करें।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां

डॉक्टरों ने ठंड के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है:

  • गर्म कपड़े पहनें
  • सुबह ठंडी हवा से बचें
  • गर्म पानी का सेवन करें
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
  • सर्दी-जुकाम को हल्के में न लें

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 2–3 दिनों तक तापमान में और हल्की गिरावट हो सकती है। हालांकि इसके बाद स्थिति स्थिर होने की संभावना है।

यदि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ तो बादल और हल्की बारिश से ठंड का असर और बढ़ सकता है।

निष्कर्ष /Conclusion

सिवनी जिले में बीते 24 घंटों के तापमान ने यह साफ कर दिया है कि ठंड अपने चरम की ओर बढ़ रही है। न्यूनतम तापमान में गिरावट, ठंडी हवाएं और सुबह-शाम की ठंड ने जनजीवन, स्वास्थ्य और कृषि पर प्रभाव डाला है।

प्रशासन की सतर्कता और नागरिकों की जागरूकता ही इस ठंड से सुरक्षित रहने का सबसे बड़ा उपाय है। आने वाले दिनों में तापमान पर नजर बनाए रखना और आवश्यक सावधानियां बरतना सभी के लिए जरूरी है।