कड़ाके की ठंड का असर, पिछले 24 घंटों में तापमान में तेज गिरावट, जनजीवन हुआ प्रभावित

सिवनी जिले में बीते 24 घंटों के दौरान तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया। इसका सीधा असर जनजीवन, स्वास्थ्य, कृषि और दैनिक गतिविधियों पर पड़ा है।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज सोमवार 29 दिसंबर 2025 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .

सिवनी, सोमवार 29 दिसंबर 2025
अधिकतमन्यूनतमआद्रता
सुबह131066
शाम25.214.441
वर्षा0मिली मीटर

सिवनी जिले में शीत ऋतु अपने पूरे प्रभाव में नजर आने लगी है। सोमवार 29 दिसंबर 2025 की शाम तक रिकॉर्ड किए गए पिछले 24 घंटों के तापमान ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार ठंड सामान्य से अधिक प्रभावी है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट और ठंडी हवाओं के कारण जिलेभर में ठिठुरन का माहौल बना हुआ है। सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा, बाजारों में देरी से चहल-पहल और लोगों के दैनिक जीवन की गति में स्पष्ट बदलाव देखा जा रहा है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में तापमान में जो बदलाव आया है, वह न केवल मौसमी दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर भी गहरा प्रभाव डाल रहा है।

हर वर्ष दिसंबर के अंत तक सिवनी और आसपास के क्षेत्रों में ठंड का असर दिखाई देने लगता है, लेकिन इस बार ठंडी हवाओं की तीव्रता और न्यूनतम तापमान में आई गिरावट ने इसे ज्यादा गंभीर बना दिया है। पहाड़ी और वन क्षेत्र से घिरे होने के कारण सिवनी का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहता है।

बीते वर्षों की तुलना करें तो:

  • दिसंबर के अंतिम सप्ताह में औसत न्यूनतम तापमान सामान्यतः 8–10 डिग्री सेल्सियस रहता है।
  • इस वर्ष यह स्तर कई बार इससे नीचे दर्ज किया गया।
  • सुबह कोहरा और शाम को तेज ठंडी हवा का प्रकोप अधिक देखने को मिल रहा है।

यह स्थिति न केवल मौसम का संकेत है बल्कि यह बताती है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है।

वर्तमान स्थिति / Latest Developments

सोमवार 29 दिसंबर 2025 की शाम तक दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार:

  • न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
  • अधिकतम तापमान भी सामान्य से थोड़ा कम रहा।
  • सुबह और देर रात शीत लहर जैसा वातावरण महसूस किया गया।
  • हवाओं की गति ने ठंड के प्रभाव को और तीव्र बना दिया।

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर शहरी इलाकों की तुलना में ज्यादा महसूस किया गया, क्योंकि खुले खेत, नमी और कम आबादी वाले क्षेत्र ठंड को अधिक बढ़ा देते हैं।

प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव

ठंड बढ़ने के साथ ही प्रशासन और स्थानीय निकायों को भी सतर्कता बरतनी पड़ी है।

  • रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
  • अस्पतालों में सर्दी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
  • स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में हल्की कमी देखी जा रही है।

ग्रामीण इलाकों में किसान सुबह जल्दी खेतों में जाने से बच रहे हैं, जिससे कृषि कार्यों की गति पर भी असर पड़ रहा है।

आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण

बीते 24 घंटों में तापमान में गिरावट के प्रमुख कारण:

  1. उत्तर और उत्तर-पश्चिम से चलने वाली ठंडी हवाएं
  2. रात के समय आसमान का साफ रहना, जिससे ऊष्मा तेजी से निकल जाती है
  3. नमी की कमी और कोहरे की सीमित उपस्थिति

इसका परिणाम यह हुआ कि रातें ज्यादा ठंडी और दिन अपेक्षाकृत हल्के ठंडे रहे।

आम जनता पर असर

ठंड का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ा है:

  • सुबह की सैर और व्यायाम करने वालों की संख्या कम हुई।
  • बाजार देर से खुल रहे हैं।
  • लोग गर्म कपड़ों और हीटरों पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं।
  • बुजुर्गों और बच्चों में सर्दी-खांसी की शिकायतें बढ़ रही हैं।

रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ कम देखी जा रही है, जिससे सामाजिक गतिविधियां सीमित हो गई हैं।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

डॉक्टरों के अनुसार ठंड के मौसम में:

  • सर्दी-जुकाम
  • खांसी
  • सांस की समस्या
  • जोड़ों में दर्द

जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, गर्म तरल पदार्थ लेने और खुले में देर रात निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

मौसम के मौजूदा रुझानों को देखते हुए संभावना है कि आने वाले दिनों में ठंड का स्तर बना रह सकता है या और बढ़ सकता है। जनवरी के पहले सप्ताह में न्यूनतम तापमान और गिरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

लोगों को चाहिए कि वे:

  • मौसम अपडेट पर नजर रखें
  • स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाएं
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

सिवनी जिले में पिछले 24 घंटों के तापमान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शीत ऋतु पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। तापमान में गिरावट का असर जनजीवन, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक गतिविधियों पर साफ दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, इसलिए सतर्कता और सावधानी आवश्यक है। मौसम की इस बदलती स्थिति को समझते हुए नागरिकों और प्रशासन दोनों को सजग रहना होगा ताकि ठंड के दुष्प्रभावों से बचाव किया जा सके।