(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज शुक्रवार 16 जनवरी 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, शुक्रवार 16 जनवरी 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 14 | 10.4 | 61 | |
| शाम | 27.4 | 16.6 | 42 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
शुक्रवार 16 जनवरी 2026 को सिवनी जिले में मौसम ने एक बार फिर ठंड के स्पष्ट संकेत दिए। बीते 24 घंटों के दौरान जिले के विभिन्न हिस्सों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का प्रभाव बना रहा, जबकि दोपहर में हल्की धूप ने कुछ राहत दी। मौसम विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, जिले में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे और आसपास बना रहा, जो जनवरी के मध्य में शीत ऋतु के स्वाभाविक प्रभाव को दर्शाता है।
जिले में तापमान की समग्र स्थिति
रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में सिवनी जिले का अधिकतम तापमान लगभग 24से 26डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 8से 10डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। ग्रामीण इलाकों में रात का तापमान अपेक्षाकृत और भी कम महसूस किया गया, जहां खुले क्षेत्रों और खेतों में ठिठुरन अधिक रही।
सुबह के समय हल्की धुंध और ठंडी हवाओं ने वातावरण को शीतल बनाए रखा। शाम ढलते ही तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेना पड़ा।
सुबह और शाम की ठंड ने बढ़ाई परेशानी
सिवनी शहर सहित जिले के कुरई, घंसौर, लखनादौन और छपारा जैसे क्षेत्रों में सुबह के समय ठंड का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सड़कों पर निकलने वाले लोगों ने स्वेटर, जैकेट और शॉल का उपयोग बढ़ा दिया। विद्यालय जाने वाले बच्चों और सुबह की सैर करने वालों को ठंडी हवा का सामना करना पड़ा।
शाम के समय बाजारों में चहल-पहल तो रही, लेकिन ठंड के कारण लोग जल्दी घर लौटते नजर आए। खुले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों और ठेले-खोमचे वालों के लिए ठंड चुनौतीपूर्ण बनी रही।
कृषि और ग्रामीण जीवन पर असर
बीते 24 घंटों के तापमान का सीधा असर जिले की कृषि गतिविधियों पर भी देखा गया। रबी फसलों के लिए यह मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा है। गेहूं, चना और मसूर की फसलों में ठंड के कारण नमी बनी हुई है, जिससे पैदावार के बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, अत्यधिक ठंड की स्थिति में सब्जी उत्पादकों को फसलों को पाले से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। कई किसानों ने रात के समय खेतों में सिंचाई और धुआं करने जैसी पारंपरिक विधियों का सहारा लिया।
स्वास्थ्य पर दिखा मौसम का प्रभाव
मौसम में आई ठंडक का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी नजर आया। सर्दी-खांसी, बुखार और जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ी हैं। खासतौर पर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में गर्म कपड़े पहनना, गर्म पानी का सेवन करना और सुबह-शाम ठंडी हवा से बचाव जरूरी है। बीते 24 घंटों के दौरान सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में सर्दी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रशासन और नगर व्यवस्था पर प्रभाव
ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा रैन बसेरों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। शहरी क्षेत्रों में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए रात्रि विश्राम स्थलों पर कंबल और गर्म पेय की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
नगर पालिका द्वारा प्रमुख चौराहों और बस स्टैंड जैसे स्थानों पर साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखा गया, ताकि ठंड और धुंध के कारण किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
आंकड़ों के आधार पर मौसम का विश्लेषण
यदि बीते कुछ दिनों के तापमान से तुलना की जाए, तो 16 जनवरी 2026 को दर्ज किया गया तापमान सामान्य सर्दियों के अनुरूप ही रहा। न तो अत्यधिक शीत लहर जैसी स्थिति बनी और न ही तापमान में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय मौसमी प्रभावों का हल्का असर मध्यप्रदेश के दक्षिणी जिलों तक पहुंच रहा है, जिसके चलते रात के तापमान में गिरावट बनी हुई है। आने वाले दिनों में भी सुबह और रात की ठंड जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
आमजन की प्रतिक्रिया
बीते 24 घंटों के तापमान को लेकर आमजन की प्रतिक्रिया मिश्रित रही। जहां कुछ लोगों ने ठंड को सर्दी के मौसम का सामान्य हिस्सा बताया, वहीं रोजमर्रा के कामकाज करने वाले लोगों ने इसे परेशानी भरा माना।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह-शाम की ठंड बढ़ने से दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है, लेकिन दोपहर की धूप राहत देती है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव के आसपास बैठकर ठंड से बचाव करते नजर आए।
भविष्य की संभावनाएं और मौसम का रुख
मौसम के मौजूदा रुझान को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों तक सिवनी जिले में ठंड का असर बना रहेगा। न्यूनतम तापमान में हल्की और गिरावट संभव है, जबकि अधिकतम तापमान लगभग स्थिर रह सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक रात की ठंड और सुबह की धुंध बनी रह सकती है। इसके बाद फरवरी की शुरुआत में धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी के संकेत मिल सकते हैं।
दैनिक जीवन पर समग्र प्रभाव
बीते 24 घंटों का तापमान सिवनी जिले के लिए सामान्य होते हुए भी प्रभावशाली रहा। स्कूल, कार्यालय और बाजार अपने निर्धारित समय पर खुले रहे, लेकिन लोगों की गतिविधियां ठंड के अनुसार ढलती नजर आईं। गर्म पेय पदार्थों की मांग बढ़ी और ऊनी कपड़ों की बिक्री में भी तेजी देखी गई।
सार्वजनिक परिवहन पर ठंड का विशेष असर नहीं पड़ा, लेकिन सुबह के समय यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
🏁 8️⃣ Conclusion / निष्कर्ष
सिवनी जिले में शुक्रवार 16 जनवरी 2026 को बीते 24 घंटों के दौरान दर्ज किया गया तापमान शीत ऋतु के सामान्य स्वरूप को दर्शाता है। दिन में हल्की धूप और रात में ठंड ने मौसम को संतुलित बनाए रखा। इस तापमान का असर जनजीवन, स्वास्थ्य और कृषि पर साफ दिखाई दिया। आने वाले दिनों में ठंड के बने रहने की संभावना को देखते हुए सतर्कता और सावधानी आवश्यक है, ताकि मौसम के प्रभाव से जनजीवन सुरक्षित और सुचारू बना रहे।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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