ठंड का असर बरकरार, बीते 24 घंटों में लुढ़का न्यूनतम तापमान, जनजीवन प्रभावित

सिवनी जिले में सोमवार 15 दिसंबर 2025 को बीते 24 घंटों के दौरान ठंड का प्रभाव लगातार बना रहा। न्यूनतम तापमान में गिरावट और सुबह-शाम ठंडी हवाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ने से लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)।सिवनी जिले में आज सोमवार 15 दिसंबर 2025 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .

सिवनी, सोमवार 15 दिसंबर 2025
अधिकतमन्यूनतमआद्रता
सुबह14.211.469
शाम25.614.642
वर्षा0मिली मीटर

दिसंबर माह के मध्य में पहुंचते ही सिवनी जिले में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार 15 दिसंबर 2025 को बीते 24 घंटों के दौरान जिले के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खासकर रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम में आए इस बदलाव का असर खेती-किसानी, दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है।

पृष्ठभूमि / Background

सिवनी जिला भौगोलिक दृष्टि से सतपुड़ा अंचल में स्थित है, जहां सर्दियों के मौसम में तापमान सामान्यतः तेजी से गिरता है। हर वर्ष दिसंबर और जनवरी के महीनों में यहां ठंड का प्रकोप अधिक देखने को मिलता है। उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है।

पिछले कुछ दिनों से सिवनी जिले में मौसम शुष्क बना हुआ है। आसमान साफ रहने के कारण रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है, वहीं दिन में हल्की धूप लोगों को कुछ राहत जरूर दे रही है।

वर्तमान स्थिति / Latest Developments

सोमवार 15 दिसंबर 2025 की शाम तक रिकार्ड किए गए बीते 24 घंटों के तापमान पर नजर डालें तो जिले में ठंड का असर लगातार बना हुआ है। रात के समय न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि दिन का अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहा।

मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:

  • न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई
  • सुबह के समय कोहरा और ठंडी हवा चली
  • शाम ढलते ही ठिठुरन बढ़ी
  • ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर अधिक महसूस किया गया

ठंड बढ़ने के कारण सुबह और रात के समय सड़कों पर आवाजाही कम देखने को मिली।

जिले के प्रमुख क्षेत्रों का तापमान परिदृश्य

बीते 24 घंटों के दौरान सिवनी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान की स्थिति लगभग समान रही, हालांकि कुछ इलाकों में ठंड का असर ज्यादा देखा गया।

  • शहरी क्षेत्र – दिन में हल्की धूप, रात में तेज ठंड
  • ग्रामीण क्षेत्र – सुबह-शाम अधिक ठिठुरन
  • वनांचल क्षेत्र – ठंडी हवाओं का ज्यादा प्रभाव
  • खेती क्षेत्र – ओस और ठंड से फसलों पर असर

ग्रामीण अंचलों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आए।

प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव

ठंड बढ़ने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंदों के लिए ठंड से बचाव के उपायों पर चर्चा शुरू हो गई है।

ठंड का असर विशेष रूप से:

  • बुजुर्गों
  • बच्चों
  • दिहाड़ी मजदूरों
  • सड़क किनारे रहने वाले लोगों

पर अधिक देखने को मिलता है। ऐसे में सामाजिक संगठनों द्वारा भी गर्म कपड़े और कंबल वितरण की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिसंबर माह के दूसरे पखवाड़े में तापमान में गिरावट सामान्य प्रक्रिया है। साफ आसमान और कम नमी के कारण रात में धरती की ऊष्मा तेजी से बाहर निकल जाती है, जिससे न्यूनतम तापमान गिरता है।

विश्लेषण के प्रमुख बिंदु:

  • न्यूनतम तापमान में गिरावट ठंड का संकेत
  • दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ा
  • हवाओं की गति ठंड बढ़ाने में सहायक
  • आने वाले दिनों में शीतलहर की संभावना

यदि यही स्थिति बनी रही तो अगले कुछ दिनों में ठंड और तेज हो सकती है।

आम जनता पर असर

बीते 24 घंटों के तापमान का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ा है। सुबह के समय लोग देर से घरों से निकल रहे हैं, वहीं शाम ढलते ही बाजारों में भीड़ कम नजर आ रही है।

ठंड के कारण:

  • लोग गर्म कपड़ों का उपयोग बढ़ा रहे हैं
  • चाय और गर्म पेय पदार्थों की मांग बढ़ी
  • सुबह की सैर करने वालों की संख्या घटी
  • स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी असर

ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सुबह के समय खेतों में जाने से बचते नजर आए।

खेती और पशुपालन पर प्रभाव

सिवनी जिला कृषि प्रधान क्षेत्र है। ठंड बढ़ने से रबी फसलों पर मिश्रित प्रभाव देखने को मिलता है। जहां एक ओर हल्की ठंड गेहूं और चने की फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है, वहीं अत्यधिक ठंड और पाला नुकसानदायक हो सकता है।

पशुपालकों के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण होता है। ठंड के कारण पशुओं को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है।

स्वास्थ्य पर पड़ता असर

ठंड के मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

सावधानियां:

  • पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें
  • ठंडे पानी से बचें
  • बुजुर्ग और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
  • सुबह-शाम ठंडी हवा से बचाव करें

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में सिवनी जिले में ठंड और बढ़ सकती है। उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में और गिरावट संभव है।

आगे की स्थिति:

  • सुबह के समय कोहरा बढ़ सकता है
  • रातें और ठंडी होंगी
  • शीतलहर की संभावना से इनकार नहीं
  • जनजीवन पर ठंड का प्रभाव और बढ़ेगा

प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

🏁 निष्कर्ष / Conclusion

सोमवार 15 दिसंबर 2025 को सिवनी जिले में बीते 24 घंटों का तापमान यह संकेत दे रहा है कि ठंड का असर अब पूरी तरह से शुरू हो चुका है। न्यूनतम तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना को देखते हुए सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी है। मौसम के इस बदलाव का प्रभाव न केवल दैनिक जीवन बल्कि स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक गतिविधियों पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।