🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय (Sunrise): प्रातः 06:08 बजे
- सूर्यास्त (Sunset): सायं 06:11 बजे
- दिन की अवधि (Day Duration): लगभग 12 घंटे 03 मिनट
🌙 चंद्रोदय और चंद्रास्त
- चंद्रोदय (Moonrise): प्रातः 07:55 बजे
- चंद्रास्त (Moonset): रात्रि 07:10 बजे
📅 तिथि और वार
- वार (Day): शनिवार
- तिथि (Tithi): सप्तमी (शुक्ल पक्ष)
- तिथि समाप्ति: प्रातः 09:40 बजे तक, उसके बाद अष्टमी प्रारंभ
🌠 नक्षत्र और योग
- नक्षत्र (Nakshatra): अनुराधा नक्षत्र (सुबह 11:20 बजे तक), फिर ज्येष्ठा नक्षत्र
- योग (Yoga): शुक्ल योग (दोपहर 01:25 बजे तक), उसके बाद ब्रह्म योग
⏳ करण
- भव करण: प्रातः 09:40 बजे तक
- बालव करण: दोपहर 09:40 से रात तक
🕉️ राहुकाल (Rahukaal)
- शनिवार का राहुकाल: प्रातः 09:10 बजे से 10:40 बजे तक
(इस अवधि में कोई शुभ कार्य प्रारंभ करना वर्जित माना गया है।)
✅ शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
- अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11:50 से 12:40 बजे तक
- गौरी व्रत हेतु श्रेष्ठ समय: सुबह 07:00 से 09:00 बजे तक
- पूजा-पाठ एवं यात्रा का शुभ समय: दोपहर 12:00 से 02:00 बजे तक
🙏 व्रत एवं त्योहार
- आज दुर्गा अष्टमी व्रत की पूर्व संध्या है।
- देव पूजा, हनुमान आराधना और शनिदेव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाएगी।
- इस दिन शनिवार होने से शनि आराधना का विशेष महत्व है।
📖 पंचांग का महत्व
पंचांग केवल एक धार्मिक दस्तावेज नहीं, बल्कि यह व्यक्ति के दैनिक जीवन, धार्मिक गतिविधियों और ज्योतिषीय गणना का मार्गदर्शन करता है।
- शुभ-अशुभ समय का निर्धारण:
विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय आरंभ, यात्रा आदि के लिए शुभ मुहूर्त पंचांग से ही पता चलता है। - तिथि और पर्व की पहचान:
हिंदू पंचांग के आधार पर ही व्रत, त्योहार और पर्व-उत्सव मनाए जाते हैं। - नक्षत्र और ग्रहों का प्रभाव:
नक्षत्र और योग से व्यक्ति के कार्यों पर विशेष प्रभाव पड़ता है। - धार्मिक आस्था:
पंचांग को देखकर पूजा-पाठ का समय निश्चित किया जाता है।
📌 शनिवार का विशेष महत्व
शनिवार को शनिदेव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शनिदेव कर्मफल दाता देवता हैं और उनकी पूजा से व्यक्ति को कष्टों से मुक्ति मिलती है।
- शनि पूजन विधि:
- पीपल वृक्ष पर जल चढ़ाना।
- काली तिल एवं तेल का दान करना।
- हनुमान जी की आराधना करना।
- गरीब एवं जरूरतमंद को भोजन कराना।
📊 पंचांग उपयोगिता – आधुनिक संदर्भ
- आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में भी पंचांग की अहमियत बनी हुई है।
- मोबाइल एप्स और ऑनलाइन पोर्टल्स ने पंचांग की जानकारी सुलभ बना दी है।
- किसान, व्यापारी, विद्यार्थी और गृहिणियां तक पंचांग देखकर अपने कार्यों का निर्धारण करते हैं।
📅 27 सितंबर 2025 – दिन भर के प्रमुख समय सारणी (Summary Table)
| समय / घटना | विवरण |
| सूर्योदय | 06:08 AM |
| सूर्यास्त | 06:11 PM |
| चंद्रोदय | 07:55 AM |
| चंद्रास्त | 07:10 PM |
| तिथि | सप्तमी (09:40 AM तक), फिर अष्टमी |
| नक्षत्र | अनुराधा (11:20 AM तक), फिर ज्येष्ठा |
| योग | शुक्ल (01:25 PM तक), फिर ब्रह्म |
| राहुकाल | 09:10 AM – 10:40 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:50 AM – 12:40 PM |
| विशेष पर्व/व्रत | शनिदेव पूजा, दुर्गा अष्टमी पूर्व संध्या |
निष्कर्ष (Conclusion)
शनिवार 27 सितंबर 2025 का यह पंचांग सिवनी जिले के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन के सूर्योदय-सूर्यास्त, नक्षत्र, योग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी धार्मिक कार्यों और दैनिक जीवन के निर्णयों में सहायक होगी। साथ ही शनिवार का दिन होने से शनि पूजन, हनुमान आराधना और सेवा-दान के कार्य विशेष फलदायी रहेंगे।
(नोट : यह पंचाग मध्य प्रदेश के सिवनी जिले पर आधारित है, यह गणना विभिन्न स्थानों के लिए प्रथक प्रथक हो सकती है, इसके लिए स्थानीय स्तर पर पंचाग हेतु अपने ज्योतिषाचार्य से संपर्क कीजिए)
(साई फीचर्स)

आशीष कौशल का नाम महाराष्ट्र के विदर्भ में जाना पहचाना है. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 30 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय आशीष कौशल वर्तमान में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के नागपुर ब्यूरो के रूप में कार्यरत हैं .
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