बढ़ी ठंड की तीव्रता: बीते 24 घंटों का तापमान रिकॉर्ड जारी, रात में लुढ़का पारा

सिवनी जिले में बीते 24 घंटों के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बुधवार रात से गुरुवार शाम तक मौसम में ठंड का असर बढ़ा है, वहीं सुबह और रात के समय पारा काफी नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट संभव है। जिले में ठंड बढ़ने से आम जनजीवन पर असर दिखाई दे रहा है।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)।सिवनी जिले में आज ब्रहस्पतिवार 15 जनवरी 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .

सिवनी, ब्रहस्पतिवार 15 जनवरी 2026
अधिकतमन्यूनतमआद्रता
सुबह14.611.668
शाम28.218.453
वर्षा0मिली मीटर

सिवनी जिले में बीते 24 घंटों के भीतर मौसम में तेजी से बदलाव दर्ज किया गया है। ठंड के प्रकोप ने गुरुवार को अपने असर को और अधिक स्पष्ट किया, जिसके चलते सुबह और रात के समय तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। मौसम विभाग के स्थानीय प्रेक्षण केंद्र द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अंतर सामान्य से कम रहा, जो ठंडी हवाओं की सक्रियता को दर्शाता है।

जिले में पारा लगातार नीचे जाने से जहां सुबह-सुबह कोहरा छाया रहा, वहीं दिन के समय भी धूप का असर बहुत हल्का दिखाई दिया। इससे आम नागरिकों के दैनिक कार्यों पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी प्रभावित हो रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों पर काम करने वाले किसान भी ठंड की वजह से थोड़ी देरी से कार्य शुरू कर रहे हैं।

ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि जिले में रात और सुबह के समय ठंड अधिक हावी है, जबकि दिन में हल्की धूप के चलते कुछ राहत मिल रही है। हालांकि, हवा की गति कम रहने से ठंड का प्रभाव अधिक महसूस हो रहा है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट: क्यों बढ़ रही है ठंड?

मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा प्रदेश के उत्तरी भागों में चल रही बर्फीली हवाएँ मध्य प्रदेश के कई जिलों, विशेषकर सिवनी को प्रभावित कर रही हैं। ठंडी हवाओं का रुख दक्षिण की ओर होने से रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी का यह दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर वर्ष का सबसे शीतकालीन समय माना जाता है। ऐसे में तापमान में गिरावट का क्रम अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। जिले में सुबह-सुबह हल्का कोहरा और दिनभर ठंडी हवा का असर मौसम को और ठिठुरन भरा बना रहा है।

स्थानीय लोगों पर बढ़ते सर्द मौसम का असर

सिवनी में ठंड का असर धीरे-धीरे जनजीवन पर गहराता जा रहा है।

1.स्कूल कॉलेजों में उपस्थिति प्रभावित

सुबह की पहली पाली में स्कूल जाने वाले बच्चों को खासा संघर्ष करना पड़ रहा है। कई अभिभावक बच्चों को अतिरिक्त गर्म कपड़े पहना रहे हैं, जबकि कुछ निजी स्कूल प्रशासन ने समय में बदलाव भी किया है।

2.किसान समुदाय पर प्रभाव

ग्रामीण इलाकों में खेतों पर काम करने वाले मजदूर और किसान सुबह की बजाय देर सुबह या दोपहर में कार्य शुरू कर रहे हैं। ठंडी हवाओं के कारण खेतों में सिंचाई और अन्य कृषि गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं।

3.दिहाड़ी मजदूरों की मुश्किलें बढ़ीं

रात और सुबह के समय काम मिलने की संभावना कम होने से दिहाड़ी मजदूर भी प्रभावित हैं। ज्यादातर मजदूरी कार्य दोपहर में शिफ्ट किए जा रहे हैं ताकि ठंड का प्रभाव कम पड़े।

4.बाजारों में सुस्ती

शहर के बाज़ारों में भी सुबह के समय कम भीड़ देखी जा रही है। गर्म कपड़ों और हीटर जैसी वस्तुओं की बिक्री बढ़ी है, जबकि सुबह-सुबह खुलने वाली दुकानों में सुस्ती बनी हुई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह: सावधानी जरूरी

बढ़ती ठंड के बीच चिकित्सकों ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:

  • ठंडी हवा में निकलते समय सिर, कान और पैर को गर्म कपड़ों से ढकें
  • सुबह-सुबह टहलने से बचें, खासकर वरिष्ठ नागरिक
  • घर के बच्चों को ठंड से बचाने के लिए दोहरी परत वाले कपड़े पहनाएँ
  • गर्म पानी का नियमित सेवन करें
  • अचानक तापमान परिवर्तन से बचें

चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी, खांसी, जुकाम और श्वसन संबंधी बीमारियों में वृद्धि हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है।

प्रशासन भी सतर्क,राहत व्यवस्था की समीक्षा

ठंड बढ़ने के साथ ही स्थानीय प्रशासन ने भी निगरानी बढ़ा दी है। नगर निकायों को रात्रि के समय अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार क्षेत्र और प्रमुख चौराहों को प्राथमिकता दी गई है।

सिवनी नगर पालिका ने दावा किया है कि शहर के अधिकांश भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, और आवश्यकता पड़ने पर नए स्थानों को भी शामिल किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायतों को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण: आगे क्या?

मौसम विज्ञानियों के प्रारंभिक अनुमान बताते हैं कि अगले 2–3 दिनों तक तापमान में मामूली गिरावट जारी रह सकती है। उत्तर दिशा की ठंडी हवाएँ प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों की ओर जा रही हैं, जिसके चलते रात के तापमान में 1–2 डिग्री की और कमी संभव है।

विशेषज्ञों ने यह भी संभावना जताई है कि यदि बादल नहीं छाए, तो सुबह का तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है। वहीं, दिन के समय हल्की धूप मिलती रहेगी, परंतु तीव्र ठंड से राहत की संभावना फिलहाल कम दिखाई देती है।

जिले के प्रमुख क्षेत्रों में तापमान

सिवनी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गुरुवार शाम तक निम्न तापमान रिकॉर्ड किए गए:

  • लाखनादौन: अधिकतम 8°C, न्यूनतम 8.2°C
  • छपारा: अधिकतम 22°C, न्यूनतम 9°C
  • घंसौर: अधिकतम 23°C, न्यूनतम 5°C
  • कुंवारी: अधिकतम 5°C, न्यूनतम 7.6°C
  • बरघाट: अधिकतम 2°C, न्यूनतम 7.8°C

इन तापमानों से स्पष्ट है कि पूरा जिला ठंड की चपेट में है और न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर से नीचे बना हुआ है।

यातायात और परिवहन पर भी ठंड का असर

सिवनी जिले में घने कोहरे की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन सुबह-सुबह दृश्यता में हल्की कमी देखी जा रही है। परिवहन विभाग ने चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी है।

बस और निजी वाहनों के संचालन में हल्की देरी दर्ज की गई है, विशेषकर ग्रामीण मार्गों पर। कुछ जगहों पर सड़कें सुबह गीली होने से फिसलन भी देखी गई।

जनता की प्रतिक्रियाएँ: सोशल मीडिया पर भी चर्चा गर्म

ठंड बढ़ने के बीच जिले के नागरिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर तापमान को लेकर लगातार चर्चाएँ कर रहे हैं। कई लोगों ने सुबह की धुंध और ठंडी हवाओं के वीडियो व तस्वीरें भी साझा की हैं।

स्थानीय युवाओं ने शीतलहर की स्थिति को लेकर प्रशासन से अलाव व्यवस्था बढ़ाने की मांग रखी है। वहीं बुजुर्गों ने सुबह के समय स्वास्थ्य सुविधाएँ बढ़ाने की आवश्यकता बताई है।

8 निष्कर्ष (Conclusion)

सिवनी जिले में बीते 24 घंटों के तापमान आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि ठंड अपने चरम की ओर बढ़ रही है। रात और सुबह के समय पारा तेजी से लुढ़क रहा है, जिससे जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी ठंडी हवाओं का असर जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहकर आवश्यक सावधानियाँ अपनानी होंगी। ठंड का यह दौर अभी कुछ समय और चलने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है।