कल मेरा नेपाली नौकर मेरे पास आया और बड़ी गंभीरता से बोला:
- “शाबजी, सीरिया का बाशाह मर गया!”
मैं बड़ा खुश हुआ और सोचा, “चलो आतंक का खात्मा हुआ।”
तुरंत टीवी चैनल चालू किया…
लेकिन किसी न्यूज चैनल पर ऐसी कोई खबर नहीं थी।
एक घंटे बाद मैं अपने बगीचे में गया…
और वहाँ मुझे असली सच पता चला!
- वही नेपाली नौकर धीरे से बोला:
“शाबजी, मैं तो कह रहा था… चिड़िया का बच्चा मर गया!”
संवाद1 (पत्नि-पति शैली):
- पत्नी: “तुम इतने खुश क्यों थे?”
- पति: “सोचा था आतंक का अंत हुआ, अब पता चला बस चिड़िया का बच्चा मर गया!”
हास्य के पलों में:
- दोस्त-दोस्त संवाद:
- दोस्त 1: “भाई, नेपाली नौकर ने तो बड़ा ट्विस्ट दे दिया!”
- दोस्त 2: “हाँ, हँसी का पूरा पावर-पैक!”
बुलेट पॉइंट्स फनी इफेक्ट के लिए:
- नेपाली नौकर = मजेदार मिस्टेक का कारण।
- “सीरिया का बाशाह” = हँसी का झटका।
- चिड़िया का बच्चा = असली ट्विस्ट।
- टीवी न्यूज = हँसी में और ट्विस्ट।
संवाद2 (टीचर-स्टूडेंट शैली):
- टीचर: “बच्चों, क्या आप कभी मिस्टेक में हँसे हो?”
- स्टूडेंट: “टीचर, हाँ! मेरे घर में तो चिड़िया का बच्चा ही हँसी का कारण बन गया!”
Conclusion /निष्कर्ष:
नेपाली नौकर की यह कहानी दिखाती है कि छोटी-छोटी मिस्टेक भी हँसी का सबसे बड़ा कारण बन सकती हैं।
- पंचलाइन 1: “सीरिया का बाशाह या चिड़िया का बच्चा – हँसी का ट्विस्ट हमेशा मजेदार!”
- पंचलाइन 2: “नेपाली नौकर की गलती = फनी जोक्स का पावर-पैक!”
साई फीचर्स के इस फनी मिस्टेक जोक ने यह साबित किया कि कभी-कभी छोटी-सी खबर भी हँसी का तूफान ला सकती है।
मेरा नेपाली नौकर कल मेरे पास आया और बोला शाबजी-
सीरीया का बाशाह मर गया .!
मैं बड़ा खुश हुआ चलो आतंक खात्मा हुआ . . …
मैंने टीवी चौनल देखा . . ..
किसी न्यूज में ऐसी कोई खबर नहीं था
एक घंटे बाद मैं अपने बगीचे में गया
और . . …
वहा मुझे पता चला कि वो कह रहा था कि . . .
चिडिया का बच्चा मर गया!
(साई फीचर्स)

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों से सक्रिय हैं, मूलतः वास्तु इंजीनियर एवं लेण्ड जेनेटिक्स पर अभूतपूर्व कार्यों के लिए पहचाने जाते हैं. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सहयोगी हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





