सुबह की सैर या रात भर की सजा? डॉक्टर की तारीफ सुनते ही साहब का फूटा भांडा!

सुबह-सुबह बाग में घूमते साहब और उनके डॉक्टर दोस्त की यह कहानी हंसी से भरपूर है। जहां सेहत की तारीफ शुरू होती है, वहीं पति-पत्नी की घरेलू हकीकत सामने आ जाती है। यह लेख रोजमर्रा की जिंदगी के ऐसे मजेदार किस्सों से भरा है, जो आपको ठहाके लगाने पर मजबूर कर देंगे।

सुबह-सुबह साहब बाग में टहल रहे थे। चेहरे पर थकान ऐसी, जैसे पूरी रात किसी ने नींद चुरा ली हो। तभी उनके एक डॉक्टर दोस्त टकरा गए।
डॉक्टर ने मुस्कुराते हुए कहा,
“वाह साहब! सुबह-सुबह बाग में घूमना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। आप तो कमाल कर रहे हैं।”

साहब यह सुनते ही ऐसे झल्लाए, जैसे बीपी मशीन अचानक बोलने लगी हो।
बोले,
“खाक अच्छा है… आप डॉक्टर लोग भी ना, बिना पूरी कहानी जाने दवा लिख देते हैं।”

डॉक्टर दोस्त चौंके,
“अरे भई, नाराज क्यों हो रहे हैं? कोई परेशानी है क्या?”

साहब गुस्से और बेबसी के मिले-जुले सुर में बोले,
“परेशानी? मैं तो रात से ही यहीं घूम रहा हूं। पत्नी ने रात से दरवाजा नहीं खोला!”

डॉक्टर साहब ने मन ही मन सोचा –
इलाज की जरूरत शरीर को नहीं,घर के माहौल को है।

😂 अब पेश हैं कुछ और रोजमर्रा के ठहाके

पति-पत्नी जोक

पति: तुम हमेशा मेरा मोबाइल क्यों चेक करती रहती हो?
पत्नी: भरोसा करती हूं, शक नहीं!
पति: फिर पासवर्ड क्यों बदला?
पत्नी: भरोसे की एक्सपायरी डेट आ गई थी।

दोस्त-दोस्त जोक

दोस्त: भाई आज बड़ा उदास लग रहा है?
साहब: हां यार, जिंदगी बहुत कठिन है।
दोस्त: क्यों?
साहब: पत्नी कह रही है, “या तो मैं, या तुम्हारे दोस्त!”
दोस्त: फिर क्या फैसला लिया?
साहब: फिलहाल आपसे मिलने आया हूं।

टीचर-स्टूडेंट जोक

टीचर: बताओ, सबसे बड़ा दुश्मन कौन होता है?
स्टूडेंट: सर…
टीचर: हां बोलो!
स्टूडेंट: अलार्म क्लॉक!

बॉस-कर्मचारी जोक

बॉस: तुम रोज लेट क्यों आते हो?
कर्मचारी: सर, सपने बहुत अच्छे आते हैं, छोड़ने का मन नहीं करता।
बॉस: तो ऑफिस में सो लिया करो!
कर्मचारी: सर, वो सुविधा तो सिर्फ मैनेजमेंट को है।

😄 हंसी के कुछ छोटे लेकिन जोरदार बुलेट पॉइंट

  • शादी के बाद पति की नींद, पत्नी की मर्जी से आती है
  • डॉक्टर दोस्त बीमारी कम, घरेलू दुख ज्यादा सुनते हैं
  • सुबह की सैर सेहत के लिए अच्छी है, बस दरवाजा खुला होना चाहिए
  • बाग में घूमना आसान है, घर में घुसना मुश्किल

8️ Conclusion /निष्कर्ष

सुबह की सैर हो या रात भर की जागरण यात्रा, पति-पत्नी की नोकझोंक हर घर की कहानी है।
डॉक्टर दोस्त की तारीफ और साहब की सच्चाई ने यह साबित कर दिया कि असली एक्सरसाइज बाग में नहीं, हालात में होती है।

आखिरी पंचलाइन:
“जो पति सुबह बहुत ज्यादा फिट दिखे, समझ लीजिए या तो योग कर रहा है…
या फिर दरवाजा अभी भी बंद है!” 😄

सुबह-सुबह साहब बाग में टहल रहे थे कि उनके एक डाक्टर दोस्त मिल गए और बोले,सुबह-सुबह बाग में घूमना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। खाक अच्छा है . . .!

साहब झल्लाए और अनाप शनाप बकने लगे!

डाक्टर दोस्त ने पूछा,आप नाराज क्यों हो रहे हैं?क्या बात है?

साहब बोले,अरे,मैं तो रात से ही यहां घूम रहा हूं। पत्नी ने रात से दरवाजा नहीं खोला।

(साई फीचर्स)