*मोबाइल और मैरिज में क्या समानता है? जवाब ऐसा कि हर शादीशुदा और सिंगल दोनों हँस-हँसकर लोटपोट!*

मोबाइल और शादी—दोनों में एक गजब की समानता है। खरीदने के बाद हमेशा लगता है कि “थोड़ा और रुक जाते तो कुछ और अच्छा मिल जाता!” इस मजेदार तुलना में भरा है शादी का ह्यूमर, मोबाइल की दिक्कतें और देसी लाइफ का तड़का। हँसते-हँसते आपका दिन बन जाएगा!

ज़िंदगी में दो चीज़ें ऐसी हैं जिनमें मनुष्य कभी संतुष्ट नहीं होता—मोबाइल और मैरिज
कारण?
क्योंकि हर बार खरीदने या शादी करने के तुरंत बाद दिमाग कहता है—
यारथोड़ा और रुक जाते तो कुछ और अच्छा मिल जाता!

मोबाइल और मैरिज का फनी कनेक्शन

जब मोबाइल खरीदते हैं:
– बैटरी बढ़िया नहीं…
– कैमरा उतना शार्प नहीं…
– अगले हफ्ते नया मॉडल लॉन्च…

जब शादी होती है:
– ससुराल में नेटवर्क कमजोर…
– मूड स्विंग्स का सॉफ्टवेयर अपडेट रोज़…
– और पड़ोसी का रिश्ता लगता है थोड़ा ज़्यादा स्मार्टफ़ोन जैसा!

मतलब दोनों ही मामलों में इंसान को post-purchase depression और post-marriage confusion का तड़का जरूर लगता है।

देसी जोक्स डायलॉग्स

पति-पत्नि:
पति: तुम्हारे अंदर अपडेट कब आएगा?
पत्नी: जब तुम अपना पुराना मॉडल छोड़ोगे!

दोस्त-दोस्त:
दोस्त 1: नया मोबाइल लिया?
दोस्त 2: हाँ, पर लॉन्च के 3 दिन बाद और अच्छा वाला आ गया…
दोस्त 1: भाई, शादी वाले दर्द से गुजर रहे हो तुम!

टीचर-स्टूडेंट:
टीचर: मोबाइल और शादी में क्या समानता है?
स्टूडेंट: सर, दोनों साइलेंट मोड में ही अच्छे लगते हैं!

पड़ोसी-पड़ोसी:
पहला: तुम्हारा मोबाइल धीमा चलता है?
दूसरा: हाँ, जैसे शादी के बाद मेरी जिंदगी।

मज़ेदार बुलेट पॉइंट्स

  • दोनों में रीचार्ज चाहिए—एक को बैटरी, दूसरे को मूड।
  • दोनों की सेटिंग्स समय के साथ बिगड़ती हैं।
  • दोनों में अपडेट आए तो अच्छा… पर ज़्यादा अपडेट भी खतरा!
  • और दोनों में इस्तेमाल सावधानी से करें—ओवरहीटिंग का डर रहता है।

निष्कर्ष

मोबाइल हो या मैरिज—दोनों में परफेक्शन तलाशने वाले हमेशा परेशान रहते हैं।
ज़िंदगी की असली खुशी तो “जो है उसी में खुश रहो” सिस्टम से आती है।

जोक1:
पत्नी: मैंने कहा था न, मुझे बेहतर पार्टनर मिल सकता था!
पति: मुझे भी… पर हम दोनों जल्दीबाज़ थे।

जोक2:
मोबाइल और पत्नी दोनों तभी खुश रहते हैं—
जब उन्हें चार्जिंग (Attention) टाइम पर मिल जाए!

मोबाइल और मैरिज में क्या समानता है ?

दोनों ही मामलों में लगता है कि थोड़ा और रुक जाता तो और अच्छा मिल जाता।

(साई फीचर्स)