सिवनी में ‘मिशन आयुषी अभियान’: किशोरियों के स्वास्थ्य और जागरूकता की दिशा में अनूठा प्रयास

सिवनी जिले में कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के नेतृत्व में मिशन आयुषी अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 6वीं से 12वीं तक की किशोरी बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता और कानूनी-सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देता है। अब तक हजारों छात्राओं को लाभ मिल चुका है।

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। सिवनी जिले में बालिकाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए मिशन आयुषी अभियान एक नई पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के नेतृत्व में यह अभियान न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहा है, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

मिशन आयुषी की आवश्यकता क्यों?

भारत में किशोरावस्था की बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

  • एनीमिया (खून की कमी)
  • पोषण की कमी
  • व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति लापरवाही
  • बाल विवाह और सामाजिक दबाव
  • साइबर अपराध और असुरक्षा

इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सिवनी प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया है, ताकि बालिकाओं को सही जानकारी, स्वास्थ्य सुविधाएं और आत्मविश्वास प्रदान किया जा सके।

अभियान की मुख्य विशेषताएँ

  1. स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
    • बालिकाओं का वजन और ऊँचाई नापी जा रही है।
    • एनीमिया की जाँच की जा रही है।
    • आवश्यक दवाइयाँ और परामर्श दिया जा रहा है।
  2. पोषण और आहार संबंधी मार्गदर्शन
    • संतुलित आहार लेने के फायदे बताए जा रहे हैं।
    • हरी सब्जियाँ, दालें, दूध और फल के महत्व पर जोर दिया जा रहा है।
    • पोषण आहार सूची (डाइट चार्ट) भी प्रदान किया जा रहा है।
  3. व्यक्तिगत स्वच्छता की जानकारी
    • मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) पर विशेष सत्र।
    • हाथ धोने और साफ-सफाई बनाए रखने की आदत।
    • विद्यालयों में साफ शौचालय के महत्व पर चर्चा।
  4. सामाजिक और कानूनी जागरूकता
    • बाल विवाह के दुष्परिणाम।
    • POCSO Act और बच्चों की सुरक्षा संबंधी कानून।
    • साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव।
  5. बहु-विभागीय सहयोग
    • महिला एवं बाल विकास विभाग।
    • स्वास्थ्य विभाग।
    • शिक्षा विभाग।
    • जनजातीय कार्य विभाग।

अब तक की उपलब्धियाँ

जिला प्रशासन की रिपोर्ट (25 सितम्बर तक):

  • लक्षित विद्यालय – 244
  • अब तक पूर्ण विद्यालय – 94
  • लाभान्वित किशोरियाँ – 10,960

यह आँकड़े बताते हैं कि मिशन आयुषी तेज़ी से सफलता की ओर बढ़ रहा है।

बालिकाओं पर प्रभाव

इस अभियान से किशोरी बालिकाओं में:

  • स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी।
  • आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता में वृद्धि हुई।
  • पोषण और स्वच्छता को लेकर सोच बदली।
  • बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने की प्रेरणा मिली।

कलेक्टर का संदेश

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन का कहना है –

“मिशन आयुषी केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं को जागरूक, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का एक समग्र प्रयास है।”

भविष्य की योजनाएँ

  • शेष विद्यालयों में जल्द ही स्वास्थ्य परीक्षण शिविर।
  • बालिकाओं के लिए हेल्थ कार्ड की व्यवस्था।
  • स्कूल स्तर पर न्यूट्रिशन कॉर्नर स्थापित करना।
  • माता-पिता को भी इस अभियान से जोड़ना।

सामाजिक महत्व

यह अभियान समाज में एक नई सोच पैदा कर रहा है। अब लोग समझने लगे हैं कि बालिकाओं का स्वास्थ्य और शिक्षा ही भविष्य की असली ताकत है।

अभियान की चुनौतियाँ

  • ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी।
  • कुछ परिवारों की उदासीनता।
  • संसाधनों और मानवबल की सीमाएँ।

फिर भी जिला प्रशासन इन बाधाओं को दूर करने के लिए प्रयासरत है।

निष्कर्ष

मिशन आयुषी अभियान केवल स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण सामाजिक नवाचार है। सिवनी जिला प्रशासन ने यह साबित कर दिया है कि यदि बालिकाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता दी जाए तो वे आत्मनिर्भर और सशक्त बनकर समाज का भविष्य बदल सकती हैं। यह पहल न केवल सिवनी जिले, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश और देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल साबित हो सकती है।