गाँव के छोटे रेस्तरां में आज भीड़ थी। हर कोई अपने खाने में मग्न था। तभी एक शराबी अंदर आया और उसने पिज़्ज़ा ऑर्डर किया।
संवाद1 (शराबी-वेटर):
- वेटर: “साहब, इसे चार पीस में काट दूँ या आठ में?”
- शराबी: “चार पीस ही कर दो, आठ खाए नहीं जाएंगे!”
सभी ग्राहक हँसी रोक नहीं पाए।
हास्य के पलों में:
- दोस्त-दोस्त संवाद:
- दोस्त 1: “भाई, चार पीस में पिज़्ज़ा खाना आसान है या आठ में?”
- दोस्त 2: “शराबी की तरह सोचो, और चार ही सही!”
- बच्चा: “अंकल, वह पिज़्ज़ा शराबी क्यों ऑर्डर कर रहा था?”
- अंकल: “बेटा, हँसी का स्वाद लेने के लिए!”
मज़ेदार तथ्य:
- शराबी की लॉजिक = हँसी का ट्रिगर।
- पिज़्ज़ा का कट = हँसी का पीस।
- वेटर का धैर्य = मुस्कान का कारण।
संवाद2 (टीचर-स्टूडेंट शैली):
- टीचर: “बच्चो, पिज़्ज़ा कितने पीस में काटते हैं?”
- बच्चा: “टीचर, अगर शराबी ऑर्डर करे तो चार में ही, आठ नहीं!”
हास्य जोड़ने के लिए बुलेट पॉइंट्स:
- शराबी की सोच = गोल गोल हँसी।
- पिज़्ज़ा का आकार = मजेदार बहस।
- रेस्तरां वाले = हँसी रोक नहीं पाए।
- मोहल्ले वाले = दर्शक और हँसी के गवाह।
Conclusion /निष्कर्ष:
शराबी और पिज़्ज़ा का यह जोक साबित करता है कि छोटी-छोटी चीज़ें भी हँसी का कारण बन सकती हैं।
- पंचलाइन 1: “चार पीस में हँसी, आठ में भी नहीं रुकेगी!”
- पंचलाइन 2: “पिज़्ज़ा खाया, हँसी का स्वाद लिया!”
साई फीचर्स के इस फनी जोक ने यह दिखाया कि शराबी की लॉजिक भी हँसी का बवंडर पैदा कर सकती है।
एक शराबी एक रेस्तरां में गया और उसने पित्जा ऑर्डर किया।
वेटर ने पूछा : इसे चार पीस में काटूं या आठ पीस में?
शराबी ने कहा : चार पीस ही कर दे,आठ खाए नहीं जाएंगे!
(साई फीचर्स)

कर्नाटक की राजधानी बंग्लुरू में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत श्वेता यादव ने नई दिल्ली के एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि लेने के बाद वे पिछले लगभग 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





