दिसंबर और जनवरी की ठंड पर ऐसा जोक, हर कोई बोलेगा – बिल्कुल सही 🤣

सर्दियों की बढ़ती ठंड पर आधारित यह मजेदार चुटकुला हर किसी की रोजमर्रा की परेशानी को हंसी में बदल देता है। दिसंबर और जनवरी की तुलना इस जोक को बेहद रिलेटेबल और वायरल बनाती है।

सर्दियों का मौसम आते ही कुछ आदतें अपने आप बदल जाती हैं।
आज का यह मजेदार चुटकुला ठंड की उसी सच्चाई को हंसी में पेश करता है।

एक शख्स ठंड से परेशान होकर दिसंबर और जनवरी को याद करते हुए अपनी दिल की बात कहता है।

👉 **“प्रिय दिसंबर,
तुम कृपा वापस आ जाओ,
तुम तो सिर्फ नहाने नहीं देते थे।

जनवरी…
तो हाथ भी धोने नहीं दे रहा।”** 😄

यह सुनते ही हर सर्दी से परेशान इंसान मुस्कुराए बिना नहीं रह पाता।

ठंड हो या मौसम, हंसी हर परेशानी हल्की कर देती है।
मुस्कुराइए और इस मजेदार जोक को दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिए 😊

प्रिय दिसंबर,

तुम कृपा वापिस आ जाओ,तुम तो सिर्फ नहाने नहीं देते थे। जनवरी

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तो हाथ भी धोने नहीं दे रहा।. . .

(साई फीचर्स)