✦ हृदय रोग: वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य
(डॉ. प्रितम भि. गेडाम)
हृदय रोग आज विश्वभर में मृत्यु का प्रमुख कारण बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2022 में लगभग 19.8 मिलियन लोगों की हृदय रोग से मृत्यु हुई। इनमें 85% मौतें दिल का दौरा और स्ट्रोक के कारण हुईं।
भारत में स्थिति और भी गंभीर है। एक-दो दशक पहले तक हृदय रोग केवल बुजुर्गों तक सीमित था, लेकिन अब युवा और बच्चे भी इसके शिकार हो रहे हैं। प्रदूषण, मिलावटखोरी, असंतुलित आहार, मानसिक तनाव और आलस्य ने हृदय स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
विश्व हृदय दिवस 2025 की थीम “एक भी धड़कन न चूकें” यही संदेश देती है कि हृदय स्वास्थ्य को गंभीरता से लें और समय पर जाँच कराएँ।
✦ युवाओं और बच्चों में हृदय रोग की बढ़ती घटनाएँ
दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर के पांच वर्षीय अध्ययन से पता चला कि कोविड-19 महामारी के बाद हृदय रोग के मामले दोगुने हो गए हैं। आपातकालीन मामलों में 60% की वृद्धि हुई है।
2020–2023 के दौरान अस्पतालों से मिले आंकड़े बताते हैं कि हृदय रोग के 50% मरीज 40वर्ष से कम उम्र के हैं। युवा वर्ग में उच्च रक्तचाप (24%), मधुमेह (10%), डिस्लिपिडेमिया (39%), धूम्रपान (36%) और अत्यधिक शराब सेवन (16%) के कारण हृदय रोग के जोखिम बढ़ रहे हैं।
बच्चों में हृदय रोग
- हर साल 14 साल से कम उम्र के सैकड़ों बच्चों की हृदय रोग या दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु होती है।
- राजस्थान के सीकर में 9 वर्षीय बच्ची, अलीगढ़ के 14 वर्षीय लड़के और महाराष्ट्र के 10 वर्षीय बच्चे की दिल का दौरा पड़ने से मौतें हुईं।
- स्कूलों में खेल प्रतियोगिताओं के दौरान हृदय रोग से अचानक मौतें सामने आई हैं।
✦ प्रदूषण और हृदय स्वास्थ्य
वायु प्रदूषण हर साल लगभग 7 मिलियन लोगों की मौत का कारण बनता है, और इन मौतों में इस्केमिक हृदय रोग प्रमुख है। प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण फेफड़ों में जाकर रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं।
हृदय स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के प्रभाव:
- रक्तचाप में वृद्धि
- हृदय गति में गड़बड़ी
- दिल का दौरा पड़ने का खतरा
- एथेरोस्क्लेरोसिस
- स्ट्रोक और अन्य गंभीर हृदय रोग
अप्रत्यक्ष धूम्रपान भी बच्चों और वयस्कों में हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाता है।
✦ हृदय रोग के प्रमुख कारण
- आहार संबंधी कारण
- नमक, चीनी और वसा में उच्च भोजन
- मिलावटी और जंक फूड का सेवन
- जीवनशैली संबंधी कारण
- शारीरिक निष्क्रियता
- तनाव, चिंता और अवसाद
- अत्यधिक शराब और तंबाकू का सेवन
- वातावरणीय कारण
- वायु प्रदूषण
- औद्योगिक धुएँ और सड़क प्रदूषण
- आनुवंशिक और सामाजिक-आर्थिक कारक
- परिवार में हृदय रोग का इतिहास
- गरीब और कम संसाधन वाले वर्ग में रोग का उच्च जोखिम
✦ हृदय रोग से जुड़े प्रसिद्ध मामलों का उल्लेख
- गुजरात के जामनगर के 41 वर्षीय हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव गांधी का दिल का दौरा।
- 39 वर्षीय हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ग्रैडलिन रॉय चेन्नई में ड्यूटी के दौरान मृत्यु।
- गोवा में 32 किमी मैराथन दौड़ते हुए 39 वर्षीय दंत चिकित्सक की मृत्यु।
- फिल्मी सेलिब्रिटी जैसे पुनीत राजकुमार, सिद्धार्थ शुक्ला, राजू श्रीवास्तव और गायक केके की मौतें हृदय विकार से हुईं।
- महाराष्ट्र, कर्नाटक और अन्य राज्यों में युवा खिलाड़ियों और स्कूली बच्चों की हृदय संबंधी मौतें।
यह सभी उदाहरण बताते हैं कि हृदय रोग किसी भी उम्र और पेशे में हो सकता है।
✦ हृदय रोग के प्रारंभिक चेतावनी संकेत
- छाती में दर्द या असहजता
- अचानक सांस फूलना
- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- धड़कन का असामान्य होना
- हाथ-पांव में सूजन या मांसपेशियों में कमजोरी
समय पर पहचान और चिकित्सकीय हस्तक्षेप रोग से मृत्यु के जोखिम को काफी कम कर सकते हैं।
✦ हृदय स्वास्थ्य के लिए जीवनशैली सुधार
- संतुलित आहार
- फल, सब्ज़ियाँ, प्रोटीन, स्वस्थ वसा, विटामिन और खनिजों का सेवन।
- नमक, चीनी और वसा की मात्रा कम रखें।
- नियमित व्यायाम
- रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि।
- योग, रनिंग, तैराकी या साइकिलिंग।
- तनाव प्रबंधन
- ध्यान, प्राणायाम, मेडिटेशन और हॉबीज़।
- जीवन की चुनौतियों का विवेकपूर्ण समाधान।
- नशा मुक्त जीवन
- तंबाकू, शराब और अन्य नशे से पूरी तरह परहेज़।
- पर्यावरणीय सावधानी
- प्रदूषण वाले क्षेत्रों में मास्क का प्रयोग।
- पेड़-पौधों और हरे-भरे वातावरण का समर्थन।
- समय पर चिकित्सा जाँच
- ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर नियमित जाँच।
- डॉक्टर की सलाह अनुसार दवा और परामर्श।
✦ विशेषज्ञों की राय
डॉ. प्रितम भि. गेडाम कहते हैं:
“हृदय रोग अब केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं है। युवा और बच्चे भी इसके जोखिम में हैं। सही जीवनशैली, नियमित जांच और तनाव नियंत्रण से हम हृदय रोग से बच सकते हैं।”
✦ विश्व हृदय दिवस 2025 की थीम
“एक भी धड़कन न चूकें” – यह संदेश देती है कि हमें:
- हृदय स्वास्थ्य को गंभीरता से लेना चाहिए।
- शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- जीवनशैली में सुधार करके हृदय रोग की रोकथाम करनी चाहिए।
✦ सरकार और स्वास्थ्य संगठनों के प्रयास
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और हृदय संस्थान हृदय रोग जागरूकता अभियान चलाते हैं।
- सार्वजनिक स्थानों पर हृदय स्वास्थ्य जांच शिविर।
- मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर हृदय रोग और जीवनशैली सुधार की शिक्षा।
- प्रदूषण नियंत्रण, हेल्दी फूड प्रमोशन और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा।
✦ आधुनिक जीवनशैली और हृदय स्वास्थ्य
आधुनिक जीवनशैली की वजह से:
- लंबे समय तक बैठना, कम्प्यूटर और मोबाइल का अत्यधिक उपयोग।
- जंक फूड, पैकेज्ड फूड और फास्ट फूड की अधिकता।
- मानसिक तनाव, कार्य और व्यक्तिगत दबाव।
यह सभी कारक हृदय की धड़कन और रक्त संचार पर प्रतिकूल असर डालते हैं।
✦ बच्चों और युवाओं में हृदय सुरक्षा उपाय
- खेलकूद और व्यायाम को बढ़ावा दें।
- संतुलित आहार और पर्याप्त नींद।
- बच्चों को धूम्रपान और नशे से दूर रखें।
- तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच।
- समय पर चिकित्सकीय जाँच।
✅ निष्कर्ष
आधुनिक जीवनशैली, प्रदूषण, अस्वास्थ्यकर खानपान और मानसिक तनाव ने हृदय रोग के जोखिम को चरम पर पहुँचाया है। विश्व हृदय दिवस 2025 हमें याद दिलाता है कि हृदय स्वास्थ्य को गंभीरता से लेना और जीवनशैली सुधारना कितना महत्वपूर्ण है।
सुझाव:
- संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद।
- तंबाकू, शराब और नशा से दूर रहें।
- तनाव प्रबंधन और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण अपनाएँ।
- समय पर चिकित्सक की सलाह और जाँच।
सिर्फ जागरूकता ही नहीं, बल्कि क्रियाशील कदम ही हृदय रोग से मृत्यु की दर को कम कर सकते हैं और जीवन को सुरक्षित बना सकते हैं।
मोबाइल / व्हॉट्सऐप: क्र.082374 17041

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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