(ब्यूरो कार्यालय)
नई दिल्ली (साई)। वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि लोको पायलट ने भूख लगने के कारण ट्रेन रोक दी, लेकिन जांच में यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई ट्रेन कौन सी थी, ट्रेन से उतरने वाला व्यक्ति कौन था और वह क्यों उतरा था, इसके अलावा यह भी जांच की गई कि ट्रेन किस वजह से रुकी थी, क्या उसे समोसे या किसी खाद्य सामग्री खरीदने के लिए रोका गया था, क्या उस जगह पर ट्रेन को अक्सर रोका जाता है, जांच के बाद कई तथ्य सामने आए हैं
वायरल वीडियो की जांच
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई ट्रेन कौन सी थी, ट्रेन से उतरने वाला व्यक्ति कौन था और वह क्यों उतरा था
इसके अलावा यह भी जांच की गई कि ट्रेन किस वजह से रुकी थी, क्या उसे समोसे या किसी खाद्य सामग्री खरीदने के लिए रोका गया था, क्या उस जगह पर ट्रेन को अक्सर रोका जाता है
जांच के नतीजे
जांच के बाद कई तथ्य सामने आए हैं, इसमें यह ट्रेन डेमू ट्रेन नहीं होकर मालगाड़ी है, वायरल वीडियो में डेमू ट्रेन का दावा गलत है
ट्रेन अक्सर नहीं रुकती है, जहां ट्रेन रुकी है, राऊ-रंगवासा में वहां क्रॉसिंग है और सिग्नल है, ऐसे में सिग्नल होने पर ट्रेन को रोका जाता है
लोको पायलट की भूमिका
जो ट्रेन से उतरा, वह लोको पायलट है, लेकिन उस मालगाड़ी का नहीं है, उसे अन्य गंतव्य तक जाना था और यह मालगाड़ी उसी ओर जा रही थी, इसलिए उसे उस मालगाड़ी में बैठाकर भेजा गया था
समोसे लेने जाना सही है, मालगाड़ी ज्यादा रुकती नहीं है, वहां सिग्नल पर रुकी थी, तो साथ में जा रहे अन्य ट्रेन के लोको पायलट ने उतरकर समोसे खरीद लिए
- ट्रेन डेमू ट्रेन नहीं होकर मालगाड़ी है
- वायरल वीडियो में डेमू ट्रेन का दावा गलत है
- ट्रेन अक्सर नहीं रुकती है, जहां ट्रेन रुकी है, राऊ-रंगवासा में वहां क्रॉसिंग है और सिग्नल है
वीडियो को इस तरह से पेश किया गया, जिससे रेलवे विभाग की छवि खराब हो, वीडियो में ट्रेन का पिछला हिस्सा नहीं दिखाया गया, इसे गलत तरीके से डेमू ट्रेन बताया गया
रेलवे का कहना है कि वायरल वीडियो में किए गए दावे सही नहीं हैं, भारतीय रेलवे में ट्रेनों का संचालन तय नियमों के हिसाब से होता है, किसी भी ट्रेन को बिना वजह नहीं रोका जा सकता, रेलवे समाचार में विस्तार से पढ़ें, इंदौर समाचार और रेलवे जांच के बारे में जानें

मूलतः प्रयागराज निवासी, पिछले लगभग 25 वर्षों से अधिक समय से नई दिल्ली में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय विनीत खरे किसी पहचान को मोहताज नहीं हैं.
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