दिशा समिति बैठक में विकास कार्यों की हुई गहन समीक्षा, सांसद कुलस्ते बोले- पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ

सिवनी में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने विभिन्न विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पेयजल, सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, कृषि और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों को समय-सीमा और गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सांसद ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक बिना देरी के पहुंचना चाहिए।

सिवनी में दिशा समिति की बैठक, विकास योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)।सिवनी जिले में केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और विभिन्न विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा करने के उद्देश्य से गुरुवार 18 जून 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने की।

बैठक में सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्री दिनेश राय, विधायक श्री कमल मर्सकोले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डेहरिया, नगरपालिका अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद सनोड़िया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। वहीं प्रशासनिक स्तर पर कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, वन विभाग एवं जिला पंचायत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही विकास योजनाओं की वास्तविक प्रगति का आकलन करना और जनहित से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा।

पूर्व दिशा समिति के निर्देशों के पालन की समीक्षा

बैठक की शुरुआत पूर्व दिशा समिति बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा से हुई। सांसद श्री कुलस्ते ने अधिकारियों से पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने कहा कि समिति की बैठक में लिए गए निर्णय केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। सभी विभागों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं और आम नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि विकास कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक देरी और गुणवत्ता में कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

सिंचाई परियोजनाओं को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश

जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान जिले के सिंचित क्षेत्र, निर्माणाधीन एवं संचालित परियोजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई।

सांसद श्री कुलस्ते ने हर्रई-बिजना माइक्रो सिंचाई परियोजना, गुनगुच लघु सिंचाई परियोजना तथा अन्य बहुउद्देशीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। इसलिए परियोजनाओं की गति और गुणवत्ता दोनों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

सड़क, भवन और विद्युत व्यवस्था पर विशेष जोर

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान निर्माणाधीन स्कूल भवन, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य शासकीय भवनों की प्रगति की जानकारी ली गई।

सांसद ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से बनने वाले कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

बैठक में ऊर्जा विभाग को मानसून से पहले विद्युत लाइनों के आवश्यक सुधार एवं रखरखाव कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए ताकि बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो।

इसके अलावा एमपीआरडीसी विभाग को बालाघाट-सिवनी मार्ग में बने गड्ढों और सड़क के किनारों की मरम्मत जल्द कराने के निर्देश दिए गए।

किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान खरीफ सीजन की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने खाद, बीज और कृषि संसाधनों की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था की जानकारी प्रस्तुत की।

सांसद श्री कुलस्ते ने स्पष्ट किया कि किसानों को खाद और बीज प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ई-विकास प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी और व्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि खरीफ फसल की सफलता समय पर कृषि संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करती है, इसलिए विभाग को लगातार निगरानी बनाए रखना चाहिए।

वृक्षारोपण के साथ पौधों के संरक्षण पर भी ध्यान देने की आवश्यकता

वन विभाग की समीक्षा में इस वर्ष प्रस्तावित वृक्षारोपण अभियान और पौधों की उपलब्धता की जानकारी ली गई।

सांसद ने कहा कि केवल अधिक संख्या में पौधे लगाने से पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा और जीवित रहने की दर पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को वृक्षारोपण कार्यक्रम को जनभागीदारी से जोड़ने की सलाह दी।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, मानसून के लिए तैयार रहने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।

बैठक में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर), शिशु मृत्यु दर (आईएमआर), गर्भवती महिलाओं को प्रदान की जाने वाली एएनसी सेवाओं सहित अन्य स्वास्थ्य संकेतकों पर चर्चा की गई।

सांसद ने मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयों, एंटी स्नेक वेनम और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।

हर घर तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना शासन की प्राथमिकता

दिशा समिति बैठक के पश्चात जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें जिले की पेयजल योजनाओं और स्वच्छता कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

सांसद श्री कुलस्ते ने कहा कि हर परिवार तक स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त पेयजल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

जल जीवन मिशन की 752 योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में स्वीकृत 752 एकल नल जल योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई।

सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, जिससे शत-प्रतिशत परिवारों को नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

बंडोल, झुरकी, सिद्धघाट, संगमघाट और पायली समूह नल जल योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

धीमी प्रगति वाली योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा के दौरान पायली और संगमघाट समूह नल जल योजनाओं की धीमी गति पर सांसद ने असंतोष व्यक्त किया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए और तय समय सीमा के भीतर योजनाओं को पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के किसी भी गांव या शहर में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनजागरूकता पर जोर

जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि स्वच्छता सारथियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों ने निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति और मजबूत हो।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समन्वय से मिलेगी विकास को गति

जिला स्तरीय बैठकों का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं होता, बल्कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की दिशा तय करना भी होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार विकास योजनाओं की सफलता के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। समयबद्ध कार्य, पारदर्शिता और जवाबदेही से सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकता है।

आने वाले समय में विकास कार्यों की निगरानी रहेगी महत्वपूर्ण

सिवनी जिले में सड़क, सिंचाई, कृषि, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता से जुड़े कई बड़े कार्य प्रगति पर हैं। ऐसे में इन योजनाओं की नियमित निगरानी और समय-समय पर समीक्षा जरूरी होगी।

मानसून के मौसम को देखते हुए पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की दिशा में प्रशासन की तैयारियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

सिवनी में आयोजित दिशा समिति और जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठकों में जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। जल जीवन मिशन, कृषि, स्वास्थ्य, सड़क और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से कार्य पूर्ण होने से जिले के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।