(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज सोमवार 25 मई 2026की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, सोमवार 25 मई 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 35.2 | 23.2 | 33 | |
| शाम | 42.6 | 23.6 | 18 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में गर्मी अब अपने चरम की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। सोमवार 25 मई 2026 की शाम तक दर्ज पिछले 24 घंटों के तापमान ने जिले में बढ़ती तपिश और मौसम के बदलते स्वरूप की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है। लगातार बढ़ते तापमान ने आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम दिखाई दे रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह में मध्यप्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है और सिवनी भी इससे अछूता नहीं है। जिले में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सिवनी में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा
बीते कुछ दिनों से सिवनी जिले में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। सुबह के समय हल्की राहत जरूर मिल रही है, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, गर्मी असहनीय होती जा रही है। दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली दिखाई देने लगी हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस बार मई महीने की गर्मी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक महसूस की जा रही है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर इसका प्रभाव तेजी से पड़ रहा है। कई इलाकों में लोगों ने दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना कम कर दिया है।
मौसम विभाग ने जारी की सावधानी की सलाह
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान में और वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि लगातार बढ़ती गर्मी हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
- दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
- अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ लें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें
- खाली पेट धूप में बाहर न जाएं
बिजली और पानी की मांग में बढ़ोतरी
तापमान बढ़ने के साथ ही जिले में बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ी है। घरों में कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ने से बिजली खपत में लगातार इजाफा देखा जा रहा है।
कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। वहीं, शहर के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई पर भी दबाव बढ़ गया है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती गर्मी के इस दौर में नागरिकों को नियमित बिजली और पानी उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ता है तो जल संकट की स्थिति भी गंभीर हो सकती है। गर्मी के मौसम में भूजल स्तर में गिरावट भी चिंता का विषय बनी हुई है।
कृषि क्षेत्र पर भी दिखने लगा असर
सिवनी जिला कृषि प्रधान क्षेत्र माना जाता है। बढ़ते तापमान का असर खेती और पशुपालन पर भी दिखाई देने लगा है। किसानों का कहना है कि तेज गर्मी के कारण खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है।
पशुपालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अत्यधिक गर्मी में पशुओं की सेहत प्रभावित हो रही है। कई ग्रामीण इलाकों में जल स्रोतों का स्तर कम होने की शिकायतें सामने आई हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसल की तैयारी प्रभावित हो सकती है। किसानों को अभी से जल संरक्षण पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।
डॉक्टरों के अनुसार गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जो लंबे समय तक धूप में काम करते हैं। निर्माण कार्य, खेती और सड़क किनारे काम करने वाले मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
डॉक्टरों की सलाह
- शरीर में पानी की कमी न होने दें
- अधिक मसालेदार और तला भोजन कम करें
- बाहर का खुला खाना खाने से बचें
- चक्कर या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
बदलता मौसम बना चिंता का कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। कभी अचानक बारिश, तो कभी अत्यधिक गर्मी जैसी स्थितियां अब सामान्य होती जा रही हैं। पर्यावरण विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं।
मध्यप्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में इस वर्ष गर्मी का प्रभाव अधिक दिखाई दे रहा है। जंगलों और हरित क्षेत्र में कमी भी तापमान बढ़ने का एक बड़ा कारण मानी जा रही है।
सिवनी जैसे हरित जिले में भी यदि तापमान लगातार बढ़ रहा है, तो यह पर्यावरणीय संतुलन के लिए चिंता का संकेत माना जा रहा है।
आम लोगों की बढ़ी परेशानियां
गर्मी बढ़ने से दैनिक जीवन पर व्यापक असर पड़ रहा है। बाजारों में दोपहर के समय कारोबार प्रभावित हो रहा है। सड़क किनारे छोटे व्यापारियों और मजदूर वर्ग को सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण बन गया है। कई परिवारों ने दिनचर्या में बदलाव करते हुए सुबह और शाम के समय ही आवश्यक कार्य करना शुरू कर दिया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
प्रशासन की तैयारियां और चुनौतियां
जिला प्रशासन की ओर से गर्मी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, बढ़ती गर्मी के बीच प्रशासन के सामने कई चुनौतियां बनी हुई हैं—
- बिजली आपूर्ति बनाए रखना
- जल संकट से निपटना
- स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखना
- ग्रामीण क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना की जरूरत है, जिसमें जल संरक्षण, वृक्षारोपण और शहरी विकास की संतुलित नीति शामिल हो।
आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह और जून की शुरुआत तक गर्मी का असर बना रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना जरूर जताई जा रही है, लेकिन फिलहाल तेज गर्मी से तत्काल राहत मिलने के संकेत कम दिखाई दे रहे हैं।
मानसून की गतिविधियों पर भी लोगों की नजर बनी हुई है। यदि समय पर मानसून पहुंचता है तो तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
सिवनी जिले में 25 मई 2026 तक दर्ज पिछले 24 घंटों का तापमान बढ़ती गर्मी की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी होगी। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आम नागरिकों को मिलकर गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने होंगे ताकि संभावित संकटों से समय रहते निपटा जा सके।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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