जमाना बदलने के साथ लोगों की आदतें, सोच और रहन-सहन भी पूरी तरह बदल गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह चुटकुला पुराने और नए समय की ऐसी तुलना करता है कि पढ़ते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
पहले और आज की जिंदगी में कितना फर्क आ चुका है, इसे कुछ मजेदार लाइनों में इस तरह बताया गया है कि हर कोई खुद को इससे जोड़कर देख सकता है।
पहले लोग घर के दरवाजे पर एक आदमी तैनात करते थे ताकि कोई कुत्ता घर में न घुस जाये!
आजकल घर के दरवाजे पर कुत्ता तैनात करते हैं ताकि कोई आदमी घर में न घुस जाए।
पहले आदमी खाना घर में खाता था और टायलेट घर के बाहर करने जाता था!
अब खाना बाहर खाता है और टायलेट घर में करता है।
पहले शादियों में घर की औरतें खाना बनाती थीं और नाचने वाली बाहर से आती थीं!
अब खाना बनाने वाले बाहर से आते हैं और घर की औरतें नाचती हैं।
पहले आदमी साइकिल चलाता था और गरीब समझा जाता था!
अब आदमी कार से जिम जाता है साइकिल चलाने के लिए…
(साई फीचर्स)
सच में, वक्त के साथ दुनिया इतनी बदल गई है कि कई बार पुरानी बातें याद करके हंसी भी आती है और सोचने पर मजबूर भी होना पड़ता है।
हंसना जिंदगी का सबसे आसान और सस्ता इलाज माना जाता है। ऐसे हल्के-फुल्के चुटकुले तनाव कम करने के साथ चेहरे पर मुस्कान भी ले आते हैं। खुश रहिए और मुस्कुराते रहिए।

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों से सक्रिय हैं, मूलतः वास्तु इंजीनियर एवं लेण्ड जेनेटिक्स पर अभूतपूर्व कार्यों के लिए पहचाने जाते हैं. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सहयोगी हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





