इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे वैश्विक टेक दिग्गजों से संवाद, मध्यप्रदेश बनेगा AI और डिजिटल सुशासन का नया केंद्र

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में शिरकत करेंगे। इस शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक अग्रणी हब बनाना है। समिट के माध्यम से प्रदेश में डिजिटल सुशासन, आर्थिक विकास और अत्याधुनिक तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक दौड़ में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग

(विनीत खरे)

नई दिल्ली (साई)। बदलते वैश्विक परिवेश में तकनीक की भूमिका अब केवल सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सुशासन और आर्थिक प्रगति का सबसे शक्तिशाली हथियार बन चुकी है। इसी दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में शामिल होने जा रहे हैं।

यह शिखर सम्मेलन न केवल भारत बल्कि वैश्विक दक्षिण (Global South) के लिए एआई के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित इस समिट में दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञ, नीति निर्माता और प्रमुख कंपनियों के सीईओ जुट रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मध्यप्रदेश अब “फ्यूचर-रेडी” राज्यों की सूची में सबसे आगे रहने को तैयार है।

वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के साथ ‘वन-टू-वन’ संवाद

मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं बल्कि रणनीतिक निवेश और तकनीकी हस्तांतरण का एक बड़ा मंच है। समिट के दौरान डॉ. यादव एआई कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड इकोसिस्टम और जनरेटिव एआई के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे।

इन बैठकों के एजेंडे में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं:

  • एडवांस्ड सेमीकंडक्टर ऐक्सीलरेशन: प्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजाइनिंग के अवसरों को तलाशना।
  • क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर: मध्यप्रदेश को डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग के लिए एक सुरक्षित केंद्र के रूप में स्थापित करना।
  • सॉवरेन एआई मॉडलिंग: स्थानीय भाषाओं और प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप एआई मॉडल विकसित करना।

मध्यप्रदेश पेवेलियन: डिजिटल सुशासन की जीवंत झलक

समिट के हॉल नंबर 4 में मध्यप्रदेश ने अपना विशेष पेवेलियन स्थापित किया है, जिसकी थीम एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत” रखी गई है। यह पेवेलियन राज्य सरकार की उस दृष्टि को दर्शाता है जहाँ एआई का उपयोग अंतिम छोर के व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

इस पेवेलियन में प्रदेश की तकनीकी ताकत को प्रदर्शित करने के लिए विशेष भागीदारी है:

  1. 14एआई स्टार्टअप्स: मध्यप्रदेश के उभरते स्टार्टअप्स अपने अभिनव समाधान पेश कर रहे हैं।
  2. शैक्षणिक संस्थान: आईआईटी इंदौर और आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन जैसे संस्थान शोध और नवाचार का प्रदर्शन कर रहे हैं।
  3. सरकारी विभाग: प्रदेश के 4 प्रमुख विभाग यह दिखा रहे हैं कि कैसे एआई की मदद से कृषि, स्वास्थ्य और पुलिसिंग में सुधार लाया गया है।

टियर-2 शहरों से स्टार्टअप क्रांति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष ध्यान इंदौर और भोपाल जैसे टियर-1 शहरों के साथ-साथ प्रदेश के छोटे शहरों (Tier-2) से उभर रहे स्टार्टअप्स पर भी है। वे इस समिट में युवा नवप्रवर्तकों से मुलाकात करेंगे। सरकार का मानना है कि छोटे शहरों के युवाओं के पास स्थानीय समस्याओं के लिए एआई आधारित बेहतर समाधान हैं। इन स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच प्रदान करना इस दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य है।

सुशासन में एआई: पारदर्शिता और गति का नया युग

मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और एमपीएसईडीसी (MPSEDC) मिलकर राज्य में एआई पहलों को लागू कर रहे हैं। एआई के माध्यम से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने, फाइलों के त्वरित निस्तारण और डेटा-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, प्रदेश में कृषि क्षेत्र में ‘सारा-डीसीएस’ (SAARA-DCS) एप और स्मार्ट पुलिसिंग जैसे प्रोजेक्ट्स पहले ही एआई का सफल उपयोग कर रहे हैं।

आर्थिक विकास और भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के समावेश से मध्यप्रदेश की जीडीपी में महत्वपूर्ण वृद्धि हो सकती है। समिट में होने वाली चर्चाएं प्रदेश में तकनीकी निवेश का रास्ता साफ करेंगी। मुख्यमंत्री का उच्च-स्तरीय पैनल के साथ विचार-विमर्श राज्य की डिजिटल बुनियादी संरचना (Digital Infrastructure) को अगले स्तर पर ले जाएगा। आने वाले समय में मध्यप्रदेश में एआई आधारित नए रोजगार सृजित होने की अपार संभावनाएं हैं।

CONCLUSION /निष्कर्ष ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भागीदारी मध्यप्रदेश के लिए एक नए तकनीकी युग का सूत्रपात है। वैश्विक दिग्गजों के साथ यह सीधा संवाद न केवल प्रदेश में निवेश लाएगा, बल्कि प्रशासन को अधिक उत्तरदायी और तकनीक-सक्षम बनाएगा। मध्यप्रदेश का एआई विजन यह सिद्ध करता है कि राज्य अब केवल कृषि या पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल भविष्य का नेतृत्व करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।