9 करोड़ का चेक बाउंस केस, राजपाल यादव तिहाड़ जेल में; जानिए कब, क्यों और कैसे बिगड़ा पूरा मामला

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा है। यह मामला 2010 में उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिए गए लोन से जुड़ा है, जो भुगतान न होने पर कानूनी लड़ाई में बदल गया। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि बार-बार समय देने के बावजूद नियमों का पालन न करने पर अब कोई रियायत नहीं दी जा सकती।

(वाय.के. पाण्डेय)

नई दिल्ली (साई)। बॉलीवुड अपनी चकाचौंध के लिए जाना जाता है, लेकिन इस चमक के पीछे कई बार गहरे अंधेरे और कानूनी दांव-पेच छिपे होते हैं। दर्शकों को अपनी कॉमेडी से लोटपोट करने वाले मशहूर अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) आज सलाखों के पीछे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद, राजपाल यादव ने 5 फरवरी, 2026 को तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में सरेंडर कर दिया है। यह मामला एक दशक से भी पुराना है, जो एक फिल्म के निर्माण के लिए लिए गए लोन और उसके बाद हुए चेक बाउंस (Cheque Bounce Case) से जुड़ा है।

कोर्ट ने अभिनेता की अंतिम समय में की गई मोहलत की अपील को खारिज कर दिया और उन्हें छह महीने की सजा काटने का आदेश दिया। 9 करोड़ रुपये से अधिक के इस विवाद ने न केवल राजपाल यादव की छवि को प्रभावित किया है, बल्कि बॉलीवुड में फिल्म निर्माण से जुड़े वित्तीय जोखिमों को भी उजागर किया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर यह नौबत क्यों आई और अब आगे क्या होगा।

ताजा घटनाक्रम: कोर्ट की सख्ती और सरेंडर

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। 5 फरवरी, 2026 को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण किया। इससे पहले, 2 फरवरी को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने अभिनेता को 4 फरवरी की शाम 4 बजे तक सरेंडर करने का आदेश दिया था।

जब राजपाल यादव तय समय पर सरेंडर नहीं कर पाए और 5 फरवरी को कोर्ट में पेश हुए, तो उनके वकील ने 25 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने और एक नया भुगतान शेड्यूल देने की पेशकश की। उन्होंने इसे “दया याचिका” (Mercy Plea) के रूप में प्रस्तुत किया। लेकिन कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

जस्टिस शर्मा ने टिप्पणी करते हुए कहा, यह कोर्ट किसी व्यक्ति के लिए विशेष परिस्थितियां पैदा करने की उम्मीद नहीं कर सकता,सिर्फ इसलिए कि वह एक विशेष पृष्ठभूमि या फिल्म उद्योग से ताल्लुक रखता है। नरमी,हालांकि कभी-कभी जरूरी होती है,लेकिन इसे अंतहीन रूप से नहीं बढ़ाया जा सकता,खासकर जब इसका जवाब लगातार गैर-अनुपालन (Non-compliance)से मिले।”

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरेंडर आदेश को वापस लेने से समाज में गलत संदेश जाएगा कि मशहूर हस्तियों के लिए कानून अलग है। इसके बाद, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और जेल भेज दिया।

मामले की जड़: 2010 से शुरू हुई कहानी

इस पूरे विवाद की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी। राजपाल यादव ने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म अता पता लापता’ (Ata Pata Laapata) बनाने का फैसला किया था। इस प्रोजेक्ट को फाइनेंस करने के लिए उन्होंने दिल्ली स्थित कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s Murali Projects Pvt Ltd) से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।

  • फिल्म की असफलता: 2012 में फिल्म रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। फिल्म के फ्लॉप होने से राजपाल यादव को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
  • बढ़ता कर्ज: फिल्म से रिटर्न न मिलने के कारण वह समय पर लोन नहीं चुका पाए। समय के साथ ब्याज, जुर्माना और देरी से भुगतान के कारण बकाया राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई।

चेक बाउंस और कानूनी लड़ाई

कर्ज चुकाने के लिए राजपाल यादव ने ऋणदाता कंपनी को कई चेक जारी किए, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण वे चेक बाउंस हो गए। इसके बाद मुरली प्रोजेक्ट्स ने उनके खिलाफ ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ (Negotiable Instruments Act) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कराया।

  • 2018में पहली सजा: अप्रैल 2018 में, एक मजिस्ट्रेट अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को चेक बाउंस के कई मामलों में दोषी ठहराया और छह महीने की कैद की सजा सुनाई।
  • 2019में फैसला बरकरार: अभिनेता ने इस फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी, लेकिन 2019 में सत्र न्यायालय ने भी उनकी सजा को बरकरार रखा। इसके बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा।

अदालत के साथ ‘वादाखिलाफी’ पड़ी भारी

कानूनी जानकारों का मानना है कि राजपाल यादव की मुश्किलें चेक बाउंस से ज्यादा ‘कोर्ट की अवमानना’ और वादों को पूरा न करने के कारण बढ़ीं। दिल्ली हाई कोर्ट ने कई बार उन्हें किस्तों में राशि चुकाने का मौका दिया।

कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक:

  1. अभिनेता ने कई बार अंडरटेकिंग (शपथ पत्र) दी कि वह भुगतान करेंगे, लेकिन हर बार वे विफल रहे।
  2. जून 2024 में, हाई कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था, ताकि वे समझौता कर सकें।
  3. अक्टूबर 2025 में उन्होंने 75 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट जमा किए, लेकिन कोर्ट ने पाया कि अभी भी लगभग 9 करोड़ रुपये बकाया हैं।
  4. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि राजपाल यादव को उनके खिलाफ दायर सात मामलों में से प्रत्येक में 35 करोड़ रुपये का भुगतान करना था, जिसे वे पूरा नहीं कर सके।

बार-बार के आश्वासनों के बावजूद भुगतान न होने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया और इसे न्यायिक प्रक्रिया का मजाक माना।

राजपाल यादव का पक्ष: “मेरे पास पैसे नहीं हैं”

जेल जाने से पहले राजपाल यादव ने अपनी लाचारी जाहिर की थी। बॉलीवुड हंगामा को दिए एक पुराने साक्षात्कार में उन्होंने अपनी वित्तीय स्थिति का जिक्र करते हुए कहा था, मैं क्या करूं?मेरे पास वापस चुकाने के लिए पैसे नहींहैं। मुझे कोई दूसरा रास्ता नहीं दिख रहा है।”

उन्होंने फिल्म उद्योग में अकेलेपन का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि जब आप मुसीबत में होते हैं, तो “इंडस्ट्री में हर कोई अपने हाल पर होता है” और उन्हें अपने सहयोगियों से बहुत अधिक समर्थन नहीं मिला था। यह बयान उनकी हताशा को दर्शाता है।

बॉलीवुड का रिएक्शन: सोनू सूद बने सहारा

राजपाल यादव के जेल जाने की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोग उनके समर्थन में आगे आए हैं। सबसे बड़ी पहल अभिनेता और समाजकल्याण के लिए चर्चित सोनू सूद (Sonu Sood) ने की है।

सोनू सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, राजपाल यादव एक प्रतिभाशाली अभिनेता हैं जिन्होंने हमारी इंडस्ट्री को वर्षों का अविस्मरणीय काम दिया है। कभी-कभी जीवन अनुचित हो जाता है,प्रतिभा की कमी के कारण नहीं,बल्कि इसलिए कि समय क्रूर हो सकता है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे,और मेरा मानना है कि यह हम सभी के लिए एक साथ खड़े होने का क्षण है।”

सोनू सूद ने उन्हें आर्थिक मदद की भी पेशकश की। उन्होंने कहा, एक छोटी साइनिंग राशि,जो भविष्य के काम के लिए एडजस्ट की जा सकती है,वह दान नहीं है,यह गरिमा है। जब हमारा अपना कोई कठिन दौर से गुजर रहा हो… तो हमें दिखाना चाहिए कि हम सिर्फ एक इंडस्ट्री से बढ़कर हैं।”

इसके अलावा, फिल्म निर्माता अनीस बज्मी ने भी एनडीटीवी से बातचीत में कहा, मैं राजपाल को 20-25सालों से जानता हूं। उनका कभी किसी के साथ गलत करने का इरादा नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री में बहुत कम लोग कागजी कार्रवाई में पूरी तरह से पारंगत होते हैं… हम एक परिवार हैं,हमें उनकी मदद करनी चाहिए।” अभिनेता गुरमीत चौधरी ने भी सोशल मीडिया पर दुख जताते हुए समर्थन की अपील की।

करियर पर प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं

राजपाल यादव हिंदी सिनेमा के सबसे व्यस्त अभिनेताओं में से एक रहे हैं। हाल ही में उन्हें वरुण धवन की फिल्म बेबी जॉन’ (Baby John) और इंटेरोगेशन’ में देखा गया था।

उनकी आगामी बड़ी फिल्म अक्षय कुमार के साथ भूत बंगला’ (Bhoot Bangla) है, जो 10 अप्रैल, 2026 को रिलीज होने वाली है। चूंकि उन्हें छह महीने की सजा हुई है, ऐसे में वे इस फिल्म के प्रमोशन का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।

भविष्य की राह:

  1. जमानत या पैरोल: उनके वकीलों के पास अभी भी सुप्रीम कोर्ट में अपील करने या कुछ समय बाद पैरोल की मांग करने का विकल्प है, लेकिन हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद राहत की उम्मीद कम नजर आ रही है।
  2. वित्तीय निपटान: यदि वे जेल में रहते हुए भी किसी तरह लेनदार (Murali Projects) के साथ समझौता (Out of court settlement) कर लेते हैं, तो कानूनी राहत मिल सकती है।

कानूनी और सामाजिक पहलू

यह मामला सिर्फ एक अभिनेता का नहीं है, बल्कि यह चेक बाउंस मामलों की गंभीरता को भी दर्शाता है। भारत में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस एक दंडनीय अपराध है जिसमें दो साल तक की सजा या चेक राशि का दोगुना जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

सेलिब्रिटीज अक्सर यह मानते हैं कि उनकी साख और रसूख उन्हें कानूनी शिकंजे से बचा लेगी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट का यह फैसला एक नजीर (Precedent) बन गया है कि कानून की नजर में सब बराबर हैं। यह मामला फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं के लिए भी एक सबक है कि फिल्म निर्माण जैसे उच्च जोखिम वाले व्यवसाय में वित्तीय अनुशासन कितना महत्वपूर्ण है।

8️⃣ CONCLUSION /निष्कर्ष

राजपाल यादव का तिहाड़ जेल जाना उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत के लिए निश्चित रूप से दुखद है, लेकिन यह न्यायिक प्रक्रिया की सर्वोच्चता का भी प्रतीक है। 9 करोड़ रुपये का कर्ज और 15 साल लंबी कानूनी लड़ाई यह बताती है कि वित्तीय कुप्रबंधन किसी भी सफल करियर पर भारी पड़ सकता है। जहां एक ओर सोनू सूद जैसे कलाकारों का समर्थन इंसानियत की मिसाल पेश करता है, वहीं कोर्ट का सख्त रवैया यह याद दिलाता है कि कानून के आदेशों की अवहेलना के परिणाम गंभीर होते हैं। उम्मीद है कि राजपाल यादव इस कठिन दौर से उबरेंगे और जल्द ही अपनी अदाकारी से दर्शकों का मनोरंजन करने वापस लौटेंगे।