सच्चा वादा–पक्का काम की नीति पर आगे बढ़ी सरकार, शहडोल को मिली विकास की ऐतिहासिक सौगातें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले को एक साथ कई बड़ी विकास सौगातें देते हुए राज्य सरकार की “सच्चा वादा–पक्का काम” की नीति को दोहराया। 2300 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना, नगर पंचायत गठन, शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिली। इन घोषणाओं से जनजातीय, कृषक, युवा और महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 (संजय कुमार)

शहडोल (साई)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले के धनपुरी में आयोजित वॉटर पार्क लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की विकास नीति को स्पष्ट शब्दों में सामने रखा। उन्होंने कहा कि “सच्चा वादा और पक्का काम” ही वर्तमान सरकार की पहचान है। यह कथन केवल भाषण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मंच से की गई घोषणाओं ने इसे व्यवहारिक रूप दिया।

मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति, विशेषकर जनजातीय समुदाय, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का संदेश

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता शबरी जयंती का उल्लेख करते हुए सनातन संस्कृति की मूल भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है। भगवान श्रीराम और माता शबरी का प्रसंग सामाजिक समानता और जातिवाद से ऊपर उठकर प्रेम और समर्पण का संदेश देता है।

यह वक्तव्य सामाजिक समरसता के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर जनजातीय क्षेत्रों में जहां सांस्कृतिक सम्मान और पहचान का प्रश्न अहम रहता है।

धनपुरी वॉटर पार्क: शहरी सुविधाओं की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने धनपुरी में नगर पालिका द्वारा लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वॉटर पार्क का लोकार्पण किया। यह वॉटर पार्क मिनी ओलंपिक मापदंडों पर आधारित स्विमिंग पूल सहित आधुनिक सुविधाओं से लैस है।

इस परियोजना को शहरी मनोरंजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि युवाओं को खेल गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होगा।

शहडोल सिंचाई कॉम्प्लेक्स: कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती

कार्यक्रम की सबसे बड़ी घोषणा शहडोल सिंचाई कॉम्प्लेक्स की रही। मुख्यमंत्री ने बताया कि सोन नदी पर प्रस्तावित चार माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 2300 करोड़ रुपये की लागत से यह योजना क्रियान्वित की जाएगी।

इस परियोजना के प्रमुख लाभ:

  • 50 हजार हेक्टेयर सिंचाई रकबे में वृद्धि
  • 122 गांवों को प्रत्यक्ष लाभ
  • किसानों की आय में स्थायी सुधार
  • कृषि उत्पादन में वृद्धि

यह योजना क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम-चेंजर के रूप में देखी जा रही है।

शहरी विस्तार और प्रशासनिक सुधार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैतपुर को नगर पंचायत बनाए जाने की घोषणा भी की। इस निर्णय से क्षेत्र में नगरीय सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय प्रशासन को अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।

नगर पंचायत का दर्जा मिलने से:

  • आधारभूत ढांचे का विकास
  • स्वच्छता और पेयजल सुविधाओं में सुधार
  • शहरी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन

जैसे लाभ मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा

शहडोल जिले के लिए शिक्षा के क्षेत्र में भी कई अहम घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री ने गीता भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और कोचिंग जैसी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इसके साथ ही:

  • शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि
  • जैतपुर महाविद्यालय में कला और विज्ञान संकाय के नए भवन
  • जिले में नए महाविद्यालय की स्थापना

इन निर्णयों को उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य और सड़क अधोसंरचना पर जोर

मुख्यमंत्री ने शहडोल जिले में 160 करोड़ रुपये की लागत से 45 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा की। बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की सीट वृद्धि को स्थानीय युवाओं के लिए अवसर विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण और कल्याण योजनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार माता-बहनों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण की कई योजनाएं पहले से लागू हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि:

  • लखपति दीदी योजना
  • लखपति ड्रोन दीदी योजना
  • रजिस्ट्री में 2 प्रतिशत की छूट

जैसी पहलों से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा मिल रहा है।

कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने की रणनीति

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। खेती को लाभप्रद बनाने के उद्देश्य से 30 लाख सोलर पंप किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त:

  • दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा
  • दलहन उत्पादन पर विशेष फोकस
  • पोषण स्तर में सुधार

जैसी पहलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

कार्यक्रम में सांसद हिमाद्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में देश और प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। विधायक जय सिंह मरावी ने क्षेत्र को मिली सौगातों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

स्थानीय नागरिकों में भी घोषणाओं को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोगों का मानना है कि इन योजनाओं से रोजगार, शिक्षा और जीवन स्तर में सुधार होगा।

भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों के अनुसार, शहडोल में घोषित परियोजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि दीर्घकालीन विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास का संतुलित दृष्टिकोण क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हो सकता है।

🔹 8 CONCLUSION /निष्कर्ष

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शहडोल को दी गई विकास सौगातें राज्य सरकार की नीतिगत प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। सिंचाई परियोजनाओं से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और शहरी सुविधाओं तक किए गए ऐलान समग्र विकास की दिशा में मजबूत कदम हैं। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का प्रभाव शहडोल ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।