मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: सरदार सरोवर विस्थापितों को राहत, सिंचाई परियोजनाओं और योजनाओं को मिली हजारों करोड़ की मंजूरी

मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने आवासीय भूखंडों के पंजीयन को नि:शुल्क करने और सिंचाई परियोजनाओं सहित कई योजनाओं को मंजूरी दी है। इन फैसलों का सीधा असर हजारों परिवारों, किसानों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

प्रदेश सरकार के फैसलों से हजारों परिवारों को राहत

(बुद्धसेन शर्मा)

भोपाल (साई)।मध्य प्रदेश सरकार की मंत्रिपरिषद बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनका असर सीधे आम जनता, किसानों और विस्थापित परिवारों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सिंचाई परियोजनाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की निरंतरता के लिए हजारों करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।

सरकार का यह कदम सामाजिक सुरक्षा, कृषि विकास और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरदार सरोवर परियोजना विस्थापितों को बड़ी राहत

मंत्रिपरिषद ने सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापित परिवारों को आवंटित आवासीय भूखंडों के पंजीयन को नि:शुल्क करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

इस योजना के तहत:

  • पंजीयन शुल्क और स्टांप ड्यूटी की राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी
  • यह राशि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा वहन की जाएगी
  • 25 हजार से अधिक परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है

सरकार पर इस निर्णय से लगभग 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन सामाजिक दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।

यह फैसला उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से पुनर्वास प्रक्रिया से गुजर रहे थे और पंजीयन शुल्क की वजह से आर्थिक दबाव झेल रहे थे।

मैहर और कटनी में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

प्रदेश सरकार ने मैहर और कटनी जिले में दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से हजारों किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना

  • लागत: लगभग 53 करोड़ रुपये
  • लाभ क्षेत्र: लगभग 3500 हेक्टेयर
  • लाभार्थी: करीब 2800 से अधिक किसान

बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना

  • लागत: लगभग 566 करोड़ रुपये
  • लाभ क्षेत्र: लगभग 20 हजार हेक्टेयर
  • लाभार्थी: 11 हजार से अधिक किसान

इन परियोजनाओं से जल प्रबंधन बेहतर होगा और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में कृषि उत्पादन बढ़ने की संभावना है।

10 सरकारी योजनाओं की निरंतरता के लिए बड़ी स्वीकृति

मंत्रिपरिषद ने 6 विभागों की 10 योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है।

इन योजनाओं में शामिल प्रमुख क्षेत्र:

वित्त और सामाजिक सुरक्षा

  • छोटे वित्त पोषित योजनाएं
  • जनकल्याण योजनाएं

श्रम और गरीब वर्ग कल्याण

  • मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना (संबल 0)

योजना और आर्थिक विकास

  • विधानसभा क्षेत्र विकास
  • कार्यालयीन विकास योजनाएं

पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

  • कामधेनु योजना
  • पशु विकास कार्यक्रम

महिला और बाल कल्याण

  • किशोर कल्याण निधि
  • घरेलू हिंसा पीड़ित सहायता योजना

पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण

  • स्वरोजगार और उद्यम योजना

यह निर्णय सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रशासनिक पुनर्गठन से सरकारी कामकाज में सुधार की उम्मीद

मंत्रिपरिषद ने मध्य प्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने और कर्मचारियों को महिला एवं बाल विकास विभाग में समाहित करने का निर्णय लिया है।

इससे प्रशासनिक ढांचा सरल होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

इन फैसलों का असर कई स्तरों पर देखने को मिलेगा:

सामाजिक प्रभाव

  • विस्थापित परिवारों को राहत
  • गरीब वर्ग की सुरक्षा मजबूत
  • महिला और बाल कल्याण योजनाओं को मजबूती

आर्थिक प्रभाव

  • कृषि उत्पादन में वृद्धि
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
  • रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना

प्रशासनिक प्रभाव

  • योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन
  • विभागों में समन्वय बढ़ेगा

जनता की प्रतिक्रिया

सरकारी फैसलों को लेकर आम जनता में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है।

किसान संगठनों का मानना है कि सिंचाई परियोजनाओं से खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा। वहीं विस्थापित परिवारों के लिए पंजीयन शुल्क खत्म होना बड़ी राहत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों की राय

नीति विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • सामाजिक सुरक्षा और विकास योजनाओं का संतुलन जरूरी है
  • कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निवेश से राज्य की जीडीपी पर सकारात्मक असर पड़ेगा
  • पुनर्वास योजनाओं को मजबूत करना सामाजिक स्थिरता के लिए जरूरी है

भविष्य की संभावनाएं

यदि इन योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन होता है तो:

  • प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ सकता है
  • ग्रामीण आय में वृद्धि हो सकती है
  • सामाजिक असमानता कम करने में मदद मिलेगी
  • विस्थापन से जुड़े मुद्दों का समाधान तेज हो सकता है

🔷 Conclusion / निष्कर्ष

मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद के ये फैसले सामाजिक सुरक्षा, कृषि विकास और आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। विस्थापित परिवारों को राहत, किसानों को सिंचाई सुविधा और योजनाओं की निरंतरता से राज्य के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

सरकार के इन निर्णयों का असर आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है।