भोपाल में दो दिवसीय 45वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ, गुलाबों की नई किस्मों ने मोहा मन

भोपाल में दो दिवसीय 45वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें देशी-विदेशी गुलाबों की अनोखी किस्मों ने लोगों को आकर्षित किया। उद्घाटन विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया। उद्यानिकी विभाग और रोज सोसायटी के संयुक्त आयोजन ने शहर में बागवानी और पर्यावरण जागरूकता को नया आयाम दिया। प्रदर्शनी का समापन 11 जनवरी को होगा।

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई)।भोपाल का प्रसिद्ध गुलाब उद्यान इस सप्ताहांत रंगों, सौंदर्य और सुगंध से सराबोर रहा। यहां आयोजित दो दिवसीय 45वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ शनिवार 10 जनवरी 2026 को हुआ। इस आयोजन में गुलाबों की देशी-विदेशी किस्मों ने न केवल शहरवासियों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि बागवानी प्रेमियों के लिए एक अनोखा अवसर भी प्रदान किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने किया, जिन्होंने विभिन्न प्रजातियों का अवलोकन कर आयोजन की सराहना की।

इस प्रदर्शनी को 11 जनवरी से आम जनता के लिए सुबह 10 बजे से खोल दिया गया है, जिससे सभी प्रकृति प्रेमी और विद्यार्थी इन अनोखे फूलों का आनंद ले सकेंगे। आयोजन में उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि फूलों के प्रति लोगों का लगाव दिन-ब-दिन बढ़ रहा है और भोपाल इसके प्रमुख केंद्रों में से एक बन चुका है।

गुलाब प्रदर्शनी का इतिहास और महत्व

अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी का आयोजन पिछले चार दशकों से लगातार किया जा रहा है, और इसका उद्देश्य—
• बागवानी को बढ़ावा देना
• नई-नई किस्मों को लोगों तक पहुंचाना
• फूल उत्पादकों को मंच उपलब्ध कराना
• और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना

इस आयोजन ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक पहचान बनाई है। देश भर से गुलाब प्रेमी, विशेषज्ञ, उत्पादक और शोधकर्ता इस प्रदर्शनी में हिस्सा लेते हैं।

उद्घाटन समारोह: रंग-बिरंगी शुरुआत

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा का स्वागत उद्यानिकी विभाग और रोज सोसायटी ने किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों पर रखी अनोखी किस्मों जैसे–
• हाइब्रिड टी
• फ्लोरिबंडा
• ग्रैंडिफ्लोरा
• मिनिएचर गुलाब
• विदेशी हाइब्रिड किस्में

का अवलोकन किया और इन्हें शहर के लिए गर्व का विषय बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियाँ न केवल शहर की पहचान मजबूत करती हैं बल्कि युवाओं, विशेषकर विद्यार्थियों को बागवानी और पौधों के संवर्धन के प्रति प्रेरित भी करती हैं। यह आयोजन एक तरह से पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है।

गुलाबों की नई और दुर्लभ किस्मों का प्रदर्शन

इस वर्ष प्रदर्शनी में कुछ विशेष आकर्षण रहे जिनमें—
• ब्लू रोज़ हाइब्रिड
• रेनबो रोज़
• जापानी किस्में
• सुगंध-प्रधान देसी गुलाब
• बड़े आकार के इंग्लिश रोज़

मुख्य रूप से शामिल रहे।
इन किस्मों ने बागवानी प्रेमियों का खास ध्यान आकर्षित किया, क्योंकि इनमें रंगों, आकार और सुगंध की विविधता देखने को मिली।

प्रतियोगिताएँ और पुरस्कार वितरण

इस आयोजन में दो प्रमुख श्रेणियों—‘बगिया में गुलाब’ और ‘गमलों में गुलाब’ प्रतियोगिता—का भी आयोजन हुआ।
इन प्रतियोगिताओं में शहर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

प्रतियोगिता के विजेताओं को मंच पर सम्मानपूर्वक पुरस्कार प्रदान किए गए।
पुरस्कार समारोह ने माहौल में उत्साह बढ़ा दिया और कई युवा बागवानों ने इस अवसर को प्रेरणादायक बताया।

उद्यानिकी विभाग का योगदान और योजनाएँ

आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री अरविंद दुबे ने जानकारी दी कि—
• उद्यानिकी विभाग एवं रोज सोसायटी द्वारा प्रतिवर्ष इस आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित किया जाता है।
• राज्य सरकार फूल उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है।
• प्रत्येक जिले में वहाँ की जलवायु के अनुरूप फूल उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल किसानों को नई किस्मों और तकनीकों से अवगत कराते हैं, बल्कि फूलों की खेती को बढ़ावा देने में भी सहायक होते हैं।

रोज सोसायटी की भूमिका और भविष्य की योजनाएँ

वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के अध्यक्ष श्री सुशील प्रकाश ने बताया कि रोज सोसायटी लगातार भोपाल को ‘रोज सिटी ऑफ इंडिया’ के रूप में विकसित करने में लगी है।

इसके अंतर्गत—
• बीएचईएल उद्यान
• विधानसभा परिसर का बगीचा
• मिंटो हॉल परिसर

को गुलाब उद्यान के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सबसे बड़ा आकर्षण यह घोषणा रही कि जनवरी2028में भोपाल में विश्व स्तरीय गुलाब प्रदर्शनी आयोजित करने का प्रस्ताव है। यह आयोजन शहर की अंतरराष्ट्रीय पहचान को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा।

जनभागीदारी और उत्साह

पहले ही दिन प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, बागवानों और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया।
लोग विभिन्न किस्मों की तस्वीरें लेते दिखे, साथ ही विशेषज्ञों से जानकारी लेने में भी गहरी रुचि दिखाई।

परिवारों और बच्चों के लिए यह आयोजन एक सीखाने वाला और मनोरंजक अनुभव साबित हुआ।

समापन समारोह:11जनवरी

दो दिवसीय प्रदर्शनी का समापन 11 जनवरी को शाम 5 बजे होगा।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

समापन समारोह में ‘कट फ्लॉवर श्रेणी’ के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।

8 निष्कर्ष

45वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी ने भोपाल को एक बार फिर गुलाबों के रंगों, सुगंध और सौंदर्य से महका दिया। यह आयोजन न केवल बागवानी को नई दिशा देता है, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहचान को भी सशक्त बनाता है।
नई किस्मों, प्रतियोगिताओं और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन ने इसे और अधिक सफल बनाया। 2028 की विश्व स्तरीय प्रदर्शनी का प्रस्ताव भोपाल के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर संकेत करता है।