जबलपुर में रामायण प्रदर्शनी का लोकार्पण: मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया संस्कृति और अध्यात्म का सेतु

जबलपुर के मानस भवन में रामायण से संबंधित प्रदर्शनी का लोकार्पण किया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यक्रम में सहभागिता की। यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।

(सुमित खरे)

जबलपुर (साई)।जबलपुर के मानस भवन परिसर में रविवार को रामायण से संबंधित भव्य प्रदर्शनी का लोकार्पण हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों, मूर्तियों और आलेखों का अवलोकन कर भगवान श्रीराम के आदर्शों, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की प्रशंसा की।

यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक समाज से जोड़ने का प्रयास है।

रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि सामाजिक, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का संकलन है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रामकथा की अलग-अलग परंपराएं रही हैं, जिनके संरक्षण और अध्ययन के लिए वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस जैसी पहल की गई।

पहला वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस 2016 में जबलपुर में आयोजित हुआ था, जिसका उद्देश्य था:

  • रामायण की वैश्विक परंपराओं का अध्ययन
  • श्रीराम के आदर्शों का प्रचार-प्रसार
  • सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहन

रविवार को लोकार्पित प्रदर्शनी में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को चित्रों और मूर्तियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। वनवास, सीता हरण, हनुमान मिलन, राम-रावण युद्ध जैसे प्रसंगों का दृश्यात्मक चित्रण दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता दिखा।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं और वैश्विक मंच पर भारत की पहचान मजबूत करते हैं।

प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव

प्रशासनिक प्रभाव:

  • राज्य स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को समर्थन
  • पर्यटन विभाग द्वारा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
  • स्थानीय कलाकारों और विद्वानों को मंच

सामाजिक प्रभाव:

  • सांस्कृतिक चेतना में वृद्धि
  • युवाओं में आध्यात्मिक रुचि का विकास
  • समाज में नैतिक मूल्यों का प्रसार

आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण

मुख्य तथ्य:

  • प्रदर्शनी मानस भवन में आयोजित
  • 2 से 4 जनवरी तक वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस
  • देश-विदेश के विद्वानों की भागीदारी संभावित

विश्लेषण बताता है कि ऐसे आयोजनों से:

  • धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होती है
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलता है
  • सांस्कृतिक संवाद को मंच मिलता है

आम जनता पर असर

स्थानीय नागरिकों में उत्साह देखा गया। परिवार, छात्र और शोधार्थी बड़ी संख्या में प्रदर्शनी देखने पहुंचे। इससे:

  • बच्चों को संस्कृति की जानकारी
  • व्यापारियों को आर्थिक अवसर
  • शहर की सांस्कृतिक पहचान मजबूत

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

आगामी दिनों में:

  • कॉन्फ्रेंस के दौरान शोध पत्र प्रस्तुत होंगे
  • मध्यप्रदेश के रामायण पथों का दस्तावेजीकरण होगा
  • पर्यटन विकास की नई योजनाएं बनेंगी

🔹 8️⃣ Conclusion / निष्कर्ष

जबलपुर में रामायण प्रदर्शनी और वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि भारत की आध्यात्मिक आत्मा को जीवंत रखने का प्रयास है। मुख्यमंत्री फडणवीस की उपस्थिति ने इसे राष्ट्रीय महत्व दिया है और यह आयोजन भविष्य में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार बन सकता है।