अब कितना चढ़ेगी चांदी? हफ्तेभर में ₹32,000 महंगी, सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर — जानिए वजह और आगे की तस्वीर

भारतीय बाजार में सोने और चांदी के दाम लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। एक हफ्ते में चांदी ₹32,000 और सोना ₹6,000 महंगा हो गया है। वैश्विक तनाव, डॉलर की कमजोरी और औद्योगिक मांग के कारण निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है।

(दीपक अग्रवाल)

मुंबई (साई)। भारतीय सर्राफा बाजार इस समय ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। सोना और चांदी दोनों ही अपने अब तक के सर्वोच्च स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। बीते एक सप्ताह में चांदी के दाम में ₹32,000 प्रति किलो और सोने के दाम में ₹6,000 प्रति 10 ग्राम की तेज़ी ने निवेशकों और आम उपभोक्ताओं दोनों को चौंका दिया है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे संकेतों और घरेलू मांग ने इस तेजी को और मजबूती दी है।

सोना और चांदी सदियों से सुरक्षित निवेश माने जाते रहे हैं। जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक शेयर और जोखिम भरे साधनों से निकलकर कीमती धातुओं की ओर रुख करते हैं। वर्तमान समय में:

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव
  • मंदी की आशंका
  • डॉलर में कमजोरी
  • केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दर घटाने की संभावनाएं

इन सभी कारणों ने सोने और चांदी को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।

वर्तमान स्थिति / Latest Developments

बीते सप्ताह के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार रहे:

  • चांदी का भाव एक सप्ताह में ₹2.08 लाख से बढ़कर ₹2.40 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गया।
  • एक दिन में ही चांदी ₹17,000 चढ़ गई थी।
  • सोना ₹1.34 लाख से बढ़कर लगभग ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
  • दोनों धातुएं अपने ऑल टाइम हाई स्तर के आसपास कारोबार कर रही हैं।

इस तेज़ी ने सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ा दी है और खुदरा ग्राहकों की खरीदारी कुछ हद तक धीमी हुई है।

तेजी के मुख्य कारण

1. वैश्विक अनिश्चितता

युद्ध, राजनीतिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता निवेशकों को सुरक्षित साधनों की ओर ले जा रही है।

2. डॉलर की कमजोरी

डॉलर कमजोर होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी आकर्षक बन जाते हैं।

3. औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी

चांदी का उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल उपकरणों में बढ़ा है।

4. ब्याज दर में कटौती की उम्मीद

यदि ब्याज दरें घटती हैं तो फिक्स्ड इनकम विकल्प कम आकर्षक होते हैं और सोना-चांदी की मांग बढ़ती है।

प्रशासनिक और आर्थिक प्रभाव

तेजी का असर सिर्फ निवेशकों तक सीमित नहीं है:

  • आयात बिल बढ़ने से व्यापार घाटा प्रभावित हो सकता है
  • आभूषण उद्योग में लागत बढ़ रही है
  • छोटे ज्वेलर्स की बिक्री पर दबाव पड़ रहा है
  • कर संग्रह पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ता है

सरकार और वित्तीय संस्थान बाजार पर नजर बनाए हुए हैं ताकि अत्यधिक उतार-चढ़ाव से आर्थिक अस्थिरता न फैले।

आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण

धातु19दिसंबर भाववर्तमान भावबढ़ोतरी
सोना₹1,34,196₹1,40,000 के करीब~₹6,000
चांदी₹2,08,000₹2,40,000+~₹32,000

विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी भावनात्मक नहीं बल्कि मौलिक कारणों से प्रेरित है।

आम जनता पर असर

तेजी का सबसे बड़ा असर मध्यम वर्ग पर पड़ा है:

  • शादी-विवाह की खरीदारी महंगी हुई
  • छोटे निवेशक ऊंचे दाम पर प्रवेश से हिचक रहे हैं
  • पुराने निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिला
  • उपभोक्ता खर्च में आंशिक कमी देखी जा रही है

लोग अब सोना-चांदी को गहनों से ज्यादा निवेश के रूप में देखने लगे हैं।

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी 100 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है।
  • भारत में चांदी ₹2.80 लाख से ₹3.20 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
  • सोना आने वाले वर्षों में ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।

हालांकि शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली से हल्की गिरावट संभव है।

🔹 8️⃣ Conclusion /निष्कर्ष

सोना और चांदी की मौजूदा तेजी केवल बाजार का उतार-चढ़ाव नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक बदलावों का प्रतिबिंब है। निवेशकों के लिए यह अवसर और जोखिम दोनों लेकर आया है। आम उपभोक्ताओं के लिए यह महंगाई का संकेत है, जबकि निवेशकों के लिए यह रणनीतिक फैसले का समय है। स्पष्ट है कि आने वाले समय में सोना-चांदी भारतीय अर्थव्यवस्था और निवेश बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।