विकसित भारत 2047 का रोडमैप: आजादी के 100 वर्षों को ध्यान में रखकर शहरों की विकास योजना बनाने का आह्वान

भोपाल में आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक में केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को लेकर शहरों के दीर्घकालिक विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बजट के समयबद्ध और प्रभावी उपयोग, केन्द्र-राज्य समन्वय तथा ठोस शहरी योजनाओं के क्रियान्वयन को भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शहरी परिवहन जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई)।भारत आज शहरीकरण के उस निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां अगले दो दशकों में शहरों की भूमिका देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक संरचना और नागरिक जीवन की गुणवत्ता तय करने वाली है। भोपाल में शनिवार को आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक में इसी दीर्घकालिक सोच को केंद्र में रखते हुए केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने स्पष्ट कहा कि आजादी के100साल यानी वर्ष2047को लक्ष्य मानकर ही शहरों के विकास की योजना तैयार करनी होगी

यह बैठक केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं थी, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को जमीन पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प देश के सामने रखा है, उसमें शहरी भारत की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। अनुमान है कि 2047 तक भारत की लगभग 50प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी

ऐसे में आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी परिवहन और रोजगार से जुड़ी चुनौतियां कई गुना बढ़ने वाली हैं। इसी पृष्ठभूमि में केन्द्र सरकार ने क्षेत्रवार शहरी विकास मंत्रियों की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया, ताकि राज्यों की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।

भोपाल में हुई क्षेत्रीय बैठक का महत्व

भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के शहरी विकास मंत्री, राज्य मंत्री तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि:

  • केन्द्र सरकार राज्यों के लिये सपोर्टिंग सिस्टम के रूप में कार्य करती है
  • वास्तविक और ठोस प्रयास राज्यों को ही करने होंगे
  • केन्द्र से मिलने वाली बजट राशि का पूरा और समयबद्ध उपयोग अनिवार्य है

उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिये तैयार कार्य दिशा पुस्तिका का विमोचन भी किया, जो आगामी वर्षों की स्वच्छता रणनीति का आधार बनेगी।

वर्ष2047और शहरी भारत की चुनौती

केन्द्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले वर्षों में:

  • शहरी आबादी में तेजी से वृद्धि होगी
  • बुनियादी अधोसंरचना पर दबाव बढ़ेगा
  • संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग अनिवार्य होगा

उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक शहरी योजनाओं का क्रियान्वयन भविष्य को ध्यान में रखकर नहीं होगा,तब तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा

ठोस कार्य योजना पर जोर

बैठक में मुख्य रूप से निम्न योजनाओं पर चर्चा हुई:

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
  • अमृत योजना
  • स्वच्छ भारत मिशन
  • शहरी परिवहन व्यवस्था और ई-बस सेवा

केन्द्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तैयार मकानों के आवंटन में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि:

  • जनता की वित्तीय हिस्सेदारी को प्रभावी बनाना होगा
  • निजी रियल एस्टेट सेक्टर को प्रोत्साहित करना आवश्यक है
  • “सबको आवास” केन्द्र सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजना है

मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक में राज्य की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि:

  • नगरीय निकायों को आर्थिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है
  • नर्मदा नदी के किनारे बसे शहरों में सीवरेज कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है
  • नर्मदा में गंदा पानी न जाए, इसके लिये राज्य सरकार ने संकल्प लिया है

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में संपत्तियों की जीआई मैपिंग से संपत्ति कर में लगभग 150प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।

अमृत योजना और अधूरे कार्य

मंत्री श्री विजयवर्गीय ने अमृत योजना के तहत अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिये केन्द्र से सहयोग की मांग की। बैठक में बताया गया कि:

  • अमृत योजना में 6,500से अधिक प्रकरणों को स्वीकृति दी गई है
  • ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है
  • हाल ही में 40ठेकेदारों पर कार्रवाई हुई है

यह कदम अधोसंरचना विकास में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वीडियो फिल्म और डिजिटल सेवाएं

कार्यक्रम के दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा एक सूचनात्मक वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसमें निम्न विषयों पर प्रकाश डाला गया:

  • पानी का सदुपयोग
  • अर्बन लॉकर सिस्टम
  • व्हीकल फ्यूल निगरानी प्रणाली
  • नागरिक सेवाओं का डिजिटलीकरण

यह प्रस्तुति शहरी प्रशासन में तकनीक के बढ़ते उपयोग को दर्शाती है।

आंकड़े,तथ्य और विश्लेषण

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार:

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत
    • 9.46लाख आवास स्वीकृत
    • 8.79लाख आवासों का निर्माण पूर्ण
  • पूर्ण आवासों के आधार पर मध्यप्रदेश शीर्ष राज्यों में शामिल
  • प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में 60हजार आवास स्वीकृत

केन्द्रीय अधिकारियों ने कहा कि जिन हितग्राहियों को आवास मिल चुके हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सुनिश्चित करनी होगी।

शहरी परिवहन और ई-बस सेवा

सत्र में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि:

  • प्रदेश में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन तेजी से बन रहे हैं
  • प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन शहरों में मेट्रो नेटवर्क के लिये डीपीआर को प्राथमिकता दी जानी चाहिए

यह शहरी परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरणीय पहल

स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की सराहना की गई। चर्चा में यह बातें सामने आईं:

  • लीगेसी वेस्ट और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर तेजी से काम
  • पानी परीक्षण कार्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
  • प्रदेश में 9सीएनजी प्लांट लगाने का प्रस्ताव
  • इंदौर का बायो-सीएनजी प्लांट देशभर में उदाहरण बना

आम जनता पर प्रभाव

इन योजनाओं का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है:

  • किफायती और सुरक्षित आवास
  • स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर स्वास्थ्य
  • सुगम शहरी परिवहन
  • डिजिटल सेवाओं से समय और संसाधनों की बचत

विशेष रूप से शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के लिये ये योजनाएं जीवन की गुणवत्ता सुधारने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?

केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में:

  • दीर्घकालिक शहरी मास्टर प्लान तैयार होंगे
  • केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय और मजबूत होगा
  • बजट के प्रभावी उपयोग पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा,जब शहर आत्मनिर्भर,स्वच्छ और नागरिकों के अनुकूल बनेंगे

🧩 Conclusion /निष्कर्ष

भोपाल में आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत का भविष्य उसके शहरों से जुड़ा है। वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पाने के लिये शहरी विकास की योजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टि, ठोस क्रियान्वयन और केन्द्र-राज्य समन्वय के साथ आगे बढ़ाना अनिवार्य है।

केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल का यह संदेश स्पष्ट है कि आज लिए गए निर्णय ही आने वाली पीढ़ियों के शहरों की दिशा और दशा तय करेंगे। ऐसे में बजट का सही उपयोग, पारदर्शिता और जनहित को केंद्र में रखकर किया गया शहरी विकास ही भारत को वैश्विक मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करेगा।