(नन्द किशोर)
भोपाल (साई)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम गान के साथ हुई, जिसके बाद राज्य हित से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिए गए। इन फैसलों में सबसे प्रमुख अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए 1,782 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की स्वीकृति रही।
पृष्ठभूमि / Background
मध्यप्रदेश में लंबे समय से चल रही बहुउद्देशीय सिंचाई एवं ऊर्जा परियोजनाएं राज्य के विकास की रीढ़ मानी जाती हैं। इन परियोजनाओं से जहां सिंचाई और विद्युत उत्पादन को बढ़ावा मिलता है, वहीं दूसरी ओर डूब क्षेत्र में आने वाले परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा भी उतना ही संवेदनशील रहता है। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज की आवश्यकता को महसूस करते हुए यह बड़ा निर्णय लिया।
अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया परियोजना: विशेष पैकेज की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों में संचालित:
- अपर नर्मदा परियोजना
- राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना
- बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना
के डूब प्रभावित परिवारों के लिए 1,782करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया।
परियोजनाओं से जुड़े प्रमुख तथ्य:
- कुल परियोजना लागत: 5,512करोड़ 11लाख रुपये
- सिंचाई क्षमता: 71,967हेक्टेयर
- विद्युत उत्पादन: 125मेगावाट
- कुल प्रभावित परिवार: 13,873
प्रत्येक प्रभावित परिवार को विशेष पैकेज के तहत 12.50लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लगभग 50हजार परिवारों को अतिरिक्त राशि का लाभ मिलेगा।
वर्तमान स्थिति / Latest Developments
परियोजनाओं के लिए डीपीआर में पहले से प्रावधानित 1,656करोड़ 2लाख रुपये के अतिरिक्त यह विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया है। इससे डूब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया को गति मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही उनकी मांगों को समाधान मिलेगा।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना को अनुमति
मंत्रि-परिषद ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के तहत:
- 10लाख रुपये या उससे अधिक लागत वाले कार्यों की स्वीकृति
- कुल लागत: 693करोड़ 76लाख रुपये
- अनुमानित कार्य: लगभग 3,810
इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास को मजबूती मिलेगी।
भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना को बजट
राज्य के दो प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर में संचालित मेट्रो रेल परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए मंत्रि-परिषद ने:
- वर्ष 2025-26 के लिए
- 90करोड़ 67लाख रुपये
- राजस्व मद में बजट स्वीकृत किया
इससे शहरी परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना 2030-31 तक जारी
स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखने की स्वीकृति दी गई।
योजना के प्रमुख प्रावधान:
- लाभार्थी आयु सीमा: 18से 45वर्ष
- ऋण राशि: 50हजार से 50लाख रुपये
- ब्याज अनुदान: 3प्रतिशत प्रतिवर्ष
- ऋण गारंटी फीस अनुदान: 7वर्ष तक
- कुल व्यय स्वीकृत: 905करोड़ 25लाख रुपये
यह योजना प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वन विज्ञान केंद्र की स्थापना को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने राज्य में 6वन विज्ञान केंद्र स्थापित करने के लिए:
- अवधि: 2025-26से 2029-30
- कुल राशि: 48करोड़ रुपये
स्वीकृत की है।
उद्देश्य:
- वन क्षेत्र के बाहर वानिकी विस्तार
- कृषि वानिकी को बढ़ावा
- वृक्ष खेती से आय के नए साधन
- वन भूमि की उत्पादकता में वृद्धि
यह कदम पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।
अस्थायी पदों को स्थायी करने का निर्णय
राज्य शासन के विभिन्न विभागों में लंबे समय से चली आ रही अस्थायी पदों की समस्या को दूर करने के लिए मंत्रि-परिषद ने:
- स्वीकृत अस्थायी पदों को स्थायी पदों में बदलने
- सेवा भर्ती नियमों में आवश्यक प्रावधान
- कार्यभारित और आकस्मिक पदों को सांख्येतर घोषित करने
- इन पदों पर नई नियुक्ति न करने
की स्वीकृति दी।
प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव
इन निर्णयों का प्रभाव कई स्तरों पर देखा जाएगा:
- डूब प्रभावित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा
- ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास
- शहरी परिवहन को मजबूती
- युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
- शासकीय कर्मचारियों में स्थिरता और संतोष
आंकड़े, तथ्य और विश्लेषण
यदि समग्र रूप से देखा जाए तो मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृत योजनाओं और पैकेजों से:
- हजारों परिवारों को सीधा लाभ
- हजारों करोड़ रुपये का निवेश
- कृषि, उद्योग, परिवहन और पर्यावरण क्षेत्रों में संतुलित विकास
सुनिश्चित होने की संभावना है।
आम जनता पर असर
आम नागरिकों के लिए ये फैसले:
- बेहतर सड़क और परिवहन सुविधा
- रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
- पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहल
- प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता
के रूप में सामने आएंगे।
भविष्य की संभावनाएं / आगे क्या?
आने वाले समय में इन निर्णयों के क्रियान्वयन से:
- राज्य की अर्थव्यवस्था को गति
- ग्रामीण-शहरी विकास में संतुलन
- सामाजिक असंतोष में कमी
- निवेश के नए अवसर
उत्पन्न होने की उम्मीद है।
🧾 8️⃣ Conclusion / निष्कर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय मध्यप्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। 1,782 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज से लेकर मेट्रो, उद्यम क्रांति योजना, वन विज्ञान केंद्र और प्रशासनिक सुधारों तक, ये फैसले न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हैं बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत आधार तैयार करते हैं। सरकार के इन कदमों से प्रदेश के विकास को नई रफ्तार मिलने की पूरी संभावना है।

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