चार नए मेडिकल कॉलेजों से बदल जाएगी स्वास्थ्य व्यवस्था: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेपी नड्डा को दिया भूमि-पूजन का आमंत्रण

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भेंट कर मध्यप्रदेश के चार नए मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन के लिए आमंत्रण दिया। – पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज स्थापित होने जा रहे हैं। – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आमंत्रण स्वीकार कर शीघ्र तिथि निर्धारण का आश्वासन दिया। – प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

(विनीत खरे)

नई दिल्ली (साई)। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा से भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पीपीपी मॉडल पर बनने जा रहे चार नए मेडिकल कॉलेजों के भूमि-पूजन के लिए केंद्रीय मंत्री को औपचारिक रूप से आमंत्रण दिया।

इन मेडिकल कॉलेजों का निर्माण पन्ना,बैतूल,कटनी और धार जिलों में किया जाएगा, जिससे आदिवासी, ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के लाखों लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से बढ़ रहा निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में एक व्यापक और दूरगामी नीति पर काम कर रही है। जनसंख्या के अनुपात में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल शिक्षा के ढांचे का विस्तार फिलहाल सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले वर्षों में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत हुआ है, लेकिन अभी भी कई जिले ऐसे हैं जहां मेडिकल शिक्षा और सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की अत्यंत आवश्यकता है। इसलिए सरकार ने नए मेडिकल कॉलेज खोलने को अपनी रणनीति का मुख्य हिस्सा बनाया है।

पीपीपी मॉडल क्यों महत्वपूर्ण?

चारों प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज PPP (Public Private Partnership)मॉडल पर स्थापित होंगे। यह मॉडल स्वास्थ्य क्षेत्र में एक प्रभावी व्यवस्था माना जाता है, क्योंकि:

  • इससे निवेश का भार कम होता है।
  • चिकित्सा संस्थानों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने में गति मिलती है।
  • निजी क्षेत्र की दक्षता और सरकारी नीतियों का संयुक्त लाभ मिलता है।
  • स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ प्रारंभ हो पाती हैं।

सरकार का मानना है कि यह मॉडल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को सुलभ, आधुनिक और व्यापक बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया आमंत्रण

मुलाकात के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा ने मुख्यमंत्री द्वारा किए गए आमंत्रण को सौहार्दपूर्वक स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विस्तार की दिशा में यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है और केंद्र सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि भूमि-पूजन के लिए तिथि जल्द ही निर्धारित की जाएगी और वे स्वयं इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बनेंगे।

चार नए मेडिकल कॉलेजों से क्या बदलेगा?

  1. पन्ना

पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने से बुंदेलखंड क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।
यहां के मरीजों को अब दूर-दूर तक इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
साथ ही इस क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा और शोध का नया मार्ग खुलेगा।

  1. बैतूल

बैतूल जैसे आदिवासी बहुल जिले में मेडिकल कॉलेज खुलना यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए क्रांतिकारी कदम होगा।
इससे आदिवासी क्षेत्रों में मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।

  1. कटनी

कटनी में मेडिकल कॉलेज बनने से महाकोशल और विंध्य क्षेत्रों के मरीजों को सुविधा मिलेगी।
औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण स्वास्थ्य ढांचे के विकास की यहां लंबी मांग रही है।

  1. धार

धार जिला मालवा-निमाड़ क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मेडिकल कॉलेज खुलने से इंदौर के मेडिकल भार में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का विस्तारआंकड़ों में समझें

  • वर्तमान में मध्यप्रदेश में 14मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
  • नए प्रस्तावित कॉलेजों के साथ यह संख्या 18 हो जाएगी।
  • MBBS सीटों में लगभग 600–800सीटों की वृद्धि होने की संभावना है।
  • इससे प्रदेश के युवाओं को मेडिकल शिक्षा में अधिक अवसर मिलेंगे।
  • ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी काफी हद तक कम होगी।

मुख्यमंत्री का विज़न:स्वास्थ्य शासन की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं न केवल जिलों तक, बल्कि ग्रामीण स्तर तक मजबूत हों।

उन्होंने कहा:

हमारा लक्ष्य है कि मेडिकल कॉलेज सिर्फ इमारतें न हों,बल्कि वे पूरे प्रदेश को स्वस्थ बनाने की दिशा में मजबूत स्तंभ बनें। नए मेडिकल कॉलेज खुलने से डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा।

नई दिल्ली बैठक के राजनीतिक और प्रशासनिक मायने

विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं है बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य योजनाओं के तेज क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार:

  • प्रदेश में स्वास्थ्य विस्तार हमेशा चुनावी मुद्दा रहा है।
  • नए मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
  • केंद्र और राज्य के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग से विकास की गति और बढ़ेगी।

मेडिकल कॉलेजों के बाद क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा

नए मेडिकल कॉलेज बनने से केवल स्वास्थ्य नहीं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

  • रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे
  • पैरामेडिकल और नर्सिंग शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा
  • औषधि, मेडिकल उपकरण, एम्बुलेंस सेवाएं जैसी सहायक उद्योग को बूस्ट मिलेगा
  • छात्रों और डॉक्टरों की उपस्थिति से स्थानीय बाजारों में गतिविधि बढ़ेगी

इस प्रकार यह परियोजनाएं संपूर्ण क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में संभावित सुधार

इन मेडिकल कॉलेजों के शुरू होने के बाद प्रदेश में—

  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रेफरल कम होगा
  • गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर तुरंत सहायता मिलेगी
  • स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलाइजेशन तेज होगा
  • सरकारी अस्पतालों पर दबाव कम होगा

यह सुधार आने वाले 5–10 वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य संरचना को पूरी तरह बदल सकते हैं।

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई देती है। पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में प्रस्तावित चार नए मेडिकल कॉलेज प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की यह मुलाकात न केवल स्वास्थ्य विस्तार के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे प्रदेश के विकास के नए द्वार भी खुलेंगे।

शीघ्र ही भूमि-पूजन की तिथि घोषित होने के बाद यह परियोजना स्वास्थ्य क्षेत्र में मध्यप्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो जाएगी।