सोशल मीडिया आजकल सिर्फ चैटिंग और स्टेटस तक सीमित नहीं रहा—यहां ग्रुप बनाना और एडमिन बनना भी एक तरह का “सम्मान पद” जैसा हो गया है।
लेकिन ज़रा सोचिए… अगर सरकार अचानक से घोषणा कर दे कि “ग्रुप एडमिन बनने के लिए 12वीं में 70%अंक अनिवार्य हैं”, तो इंटरनेट की दुनिया में क्या हड़कंप मच जाएगा!
सबसे पहले तो आधे से ज़्यादा ग्रुप अपने-आप बंद हो जाएंगे।
क्योंकि जिस दिन ये नियम लागू होगा, उस दिन सबसे बड़ी टेंशन ग्रुप के असली एडमिन की होगी—
“अरे यार! मार्कशीट कहाँ रखी है?और उसमें कितने प्रतिशत थे?”
कुछ एडमिन तो मार्कशीट ढूंढते-ढूंढते ही ग्रुप छोड़ देंगे, और कुछ तो चुपचाप किसी दूसरे को एडमिन बना कर भाग जाएँगे।
सबसे मजेदार बात तो यह है कि बहुत सारे एडमिन को अब पता चलेगा कि उनके ग्रुप में ही आधा दर्जन लोग 90% वाले बैठे हैं!
वो भी सोचेंगे – “भाई,इतने टैलेंटेट लोग थे…और मैं ही एडमिन बन बैठा था?”
दूसरी तरफ, वो स्टूडेंट्स जो अपनी रिपोर्ट कार्ड को अब तक बोझ समझते थे, अचानक गर्व से उसे फाइल में लगा कर घुमाएंगे—
“देखो भई,हम बन सकते हैं एडमिन। हमारे 82%हैं!”
और वो लोग जो हर साल सप्लीमेंट्री देकर पास होते थे, वो सबसे ज्यादा डरे रहेंगे।
क्योंकि उन्हें डर होगा कि कहीं ग्रुप का नाम ही बदलकर “सप्लीमेंट्री वालों का संघ” न रख दिया जाए।
मजेदार स्थिति तो तब बनेगी जब कुछ एडमिन अपनी पुरानी मार्कशीट का री-चेकिंग करवाने चल पड़ेंगे —
“शायद एक–दो नंबर बढ़ जाएं तो 70%हो ही जाए!”
कुल मिलाकर, यह नियम लागू होने के बाद सोशल मीडिया में सन्नाटा और कोचिंग सेंटर में भीड़ दोनों देखने को मिलेंगे।
Conclusion (निष्कर्ष)
अगर सच में 12वीं में 70% अनिवार्य कर दिया जाए तो सोशल मीडिया की आधी एडमिनशिप खत्म हो जाएगी।
हंसी-मज़ाक के माध्यम से यह जोक बताता है कि कभी-कभी छोटी-सी शर्त भी सबसे बड़ी अफरा-तफरी मचा सकती है।
और सच कहें—तो इस नियम के बाद सबसे पहले आपका ही ग्रुप बंद होगा!
(साई फीचर्स)

लगभग 16 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के सिवनी ब्यूरो के रूप में लगभग 12 सालों से कार्यरत हैं.
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





