(ब्यूरो कार्यालय)
रीवा (साई)। शनिवार, 15 नवंबर 2025 को रीवा के कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय गौरव दिवस को नई ऊर्जा, नई दिशा और पुरातन आदर्शों के प्रकाश में मनाते हुए युवाओं में राष्ट्रप्रेम और कर्तव्य भावना का संचार करना था।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा के अद्भुत साहस, उनके अल्प जीवन में किए गए महान कार्यों और आदिवासी समाज के उत्थान में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि “महापुरुषों का जीवन ही हमारा पथप्रदर्शक है,और उनके स्मरण से मन में देशप्रेम की भावना जागृत होती है।”
भगवान बिरसा मुंडा: वीरता,संघर्ष और बलिदान का प्रतीक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को हुआ था। वह केवल 25 वर्ष की आयु तक जीवित रहे, लेकिन इस छोटी उम्र में उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जो लड़ाई लड़ी, उसने उन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अमर सेनानी बना दिया।
बिरसा मुंडा ने ‘उलगुलान’ आंदोलन चलाकर आदिवासी समाज को संगठित किया और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाई। उनकी बहादुरी ने न केवल आदिवासी समुदाय बल्कि समूचे देश को प्रेरित किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब देश “आदिवासी गौरव दिवस” मना रहा है, तब यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि ऐसे युगपुरुष की जयंती को 150वीं वर्षगांठ पर विशेष उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल का संबोधन:“युवा पीढ़ी देश का भविष्य”
कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं, प्राध्यापकों और अतिथियों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हमारे देश में स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, भगत सिंह और भगवान बिरसा मुंडा जैसे महापुरुषों ने अपने कर्मों से यह दिखाया कि स्वार्थरहित जीवन राष्ट्र के लिए कितना बड़ा योगदान दे सकता है।
उन्होंने कहा:
- “महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल कार्यक्रम करना नहीं है,बल्कि उनके जीवन चरित्र का अध्ययन कर उसे आत्मसात करना है।”
- “युवाओं को चाहिए कि वे अपने जीवन में अनुशासन,तपस्या,परोपकार और देशहित की भावना को शामिल करें।”
- “सिर्फ अपने लिए नहीं,बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए जीना सीखें।”
श्री शुक्ल ने विशेष रूप से युवाओं से समाज में व्याप्त विकृतियों, नशे, हिंसा और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण में युवा शक्ति सबसे बड़ा आधार है।
‘क्लीन रीवा’और‘ग्रीन रीवा’का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने रीवा शहर के संपूर्ण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि —
- रीवा को स्वच्छ बनाने की दिशा में युवा वर्ग को आगे आना चाहिए।
- पेड़-पौधों को संरक्षित कर “ग्रीन रीवा” बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
- छात्राओं से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाएँ।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास की सफाई सुनिश्चित कर दे, तो रीवा देश के सबसे स्वच्छ शहरों में स्थान प्राप्त कर सकता है।
समारोह का शुभारंभ और मंच संचालन
कार्यक्रम की शुरुआत कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती विभा श्रीवास्तव के स्वागत उद्बोधन के साथ हुई। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेते हुए छात्राओं को समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
समारोह का संचालन श्रीमती सरोज गोस्वामी द्वारा अत्यंत सुमधुर शैली में किया गया, जिससे पूरा कार्यक्रम प्रभावशाली और अनुशासित रहा।
प्रतियोगिताएँ और सम्मान समारोह
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर महाविद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें—
- निबंध प्रतियोगिता
- वाद-विवाद प्रतियोगिता
- पोस्टर मेकिंग
- आदिवासी संस्कृति पर आधारित प्रस्तुति
जैसे कार्यक्रम शामिल थे।
उप मुख्यमंत्री ने इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। यह सम्मान पाकर छात्राओं ने अत्यधिक उत्साह व्यक्त किया और कहा कि उन्हें आगे भी ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने की प्रेरणा मिली है।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
समारोह में महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, पूर्व उपाध्यक्ष गौसंवर्धन बोर्ड राजेश पाण्डेय, समाजसेवी के.के. गर्ग, कार्यालय प्रभारी पुनीत मिश्रा सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्राएँ शामिल रहीं।
सभी अतिथियों ने सामूहिक रूप से कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का अनंत स्रोत है और आदिवासी समाज का इतिहास भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण कड़ी है।
आदिवासी संस्कृति और गौरव पर प्रकाश
कार्यक्रम में आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, नृत्य, परंपराओं और संघर्षों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि आदिवासी समुदाय ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी सरल जीवनशैली, प्रकृति प्रेम और साहस भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आदिवासी समाज की परंपराओं और मूल्यों को संरक्षित करना चाहिए। आधुनिक विकास के साथ-साथ उनकी सांस्कृतिक धरोहर को बचाए रखना राष्ट्रीय कर्तव्य है।
महापुरुषों का जीवन—एक दिशा,एक प्रेरणा
उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यदि हम महापुरुषों के आदर्शों को अपनाएँ, तो जीवन की हर चुनौती आसान हो जाती है। उन्होंने कहा:
- “भगवान बिरसा मुंडा ने25वर्ष की उम्र में वह कर दिखाया,जो कई लोग पूरी उम्र में नहीं कर पाते।”
- “उनका पराक्रम इस बात का प्रतीक है कि उम्र नहीं,बल्कि इच्छाशक्ति और लक्ष्य का महत्व अधिक होता है।”
- “स्वामी विवेकानंद,बिरसा मुंडा,महात्मा गांधी जैसे युगपुरुषों ने हमें सिखाया है कि आत्मविश्वास और सत्य के मार्ग पर चलते हुए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।”
उन्होंने छात्राओं को जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करने की सलाह दी।
समारोह का वातावरण और छात्राओं का उत्साह
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
- छात्राओं द्वारा बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित गीत और प्रस्तुतियाँ दी गईं।
- सभागार देशभक्ति और आदिवासी संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा।
- छात्राओं में उप मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
कई छात्राओं ने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें आत्मविश्वास बढ़ाने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा मिली है।
रीवा शहर के विकास पर भी चर्चा
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने रीवा के विकास कार्यों का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा:
- भविष्य में रीवा को एक शिक्षा हब बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
- युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महाविद्यालय परिवार की सहभागिता
महाविद्यालय के प्राध्यापकों और छात्राओं ने पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
- स्वच्छता अभियान
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
- आदिवासी परिधान दिवस
- जागरूकता रैलियाँ
जैसी गतिविधियाँ भी जयंती सप्ताह के दौरान आयोजित की गईं।
निष्कर्ष (Conclusion)
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर रीवा के कन्या महाविद्यालय में आयोजित समारोह न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था, बल्कि युवाओं को राष्ट्रप्रेम, साहस, संघर्ष और सामाजिक उत्थान के मूल्यों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बना।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल का संबोधन युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा। उन्होंने महापुरुषों के जीवन से सीखने, समाज की विकृतियों के खिलाफ आवाज उठाने और रीवा को “क्लीन एंड ग्रीन” बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि युवा पीढ़ी महापुरुषों के आदर्शों को अपनाए और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझे,तो राष्ट्र को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।

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