📍 (राजेन्द्र शुक्ल)

विन्ध्य की धरती एक बार फिर विकास के नए अध्याय का गवाह बनने जा रही है। सोमवार से रीवा एयरपोर्ट से एटीआर 72 विमान उड़ान भरेगा, जो रीवा को दिल्ली से सीधे जोड़ देगा। यह सिर्फ एक उड़ान नहीं, बल्कि विन्ध्य के सपनों का वास्तविक रूप है। दशकों से जिस हवाई कनेक्टिविटी की उम्मीद यहाँ के नागरिकों ने की थी, वह अब पूरी होने जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विचार — “हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज़ में उड़ सके” — को साकार करने वाला यह कदम मध्यप्रदेश के विन्ध्य अंचल के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
🛬 रीवा एयरपोर्ट का गौरवशाली सफर
रीवा एयरपोर्ट का विकास एक दिन में नहीं हुआ। यह वर्षों की मेहनत, राजनीतिक इच्छाशक्ति और जनता की आकांक्षा का परिणाम है।
15 फरवरी 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रीवा एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी। उसके बाद लगातार बुनियादी ढाँचे को उन्नत किया गया, रनवे का विस्तार हुआ और आधुनिक टर्मिनल का निर्माण किया गया।
9 सितंबर 2024 को DGCA ने रीवा एयरपोर्ट को 72-सीटर विमान (ATR-72) के संचालन की अनुमति प्रदान की। इसके कुछ ही समय बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2024 को वर्चुअल माध्यम से रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया।
🛫 सोमवार से शुरू होगी विन्ध्य की नई उड़ान
10 नवंबर 2025 का दिन ऐतिहासिक होने वाला है।
इस दिन रीवा से एटीआर 72 विमान दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। इस मौके पर केंद्रीय उड्डयन मंत्री, मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय सांसद, विधायक और हज़ारों नागरिक इस गौरव के साक्षी बनेंगे।
विन्ध्य के विकास की इस ऐतिहासिक उड़ान में उम्मीदों के पंख और आत्मविश्वास की ऊँचाई दोनों जुड़ी हैं।
🌉 रीवा से दिल्ली और इंदौर तक हवाई जुड़ाव
रीवा एयरपोर्ट से प्रारंभ में रीवा–दिल्ली और रीवा–इंदौर मार्गों पर उड़ानें शुरू होंगी। आने वाले महीनों में मुंबई, पुणे, और बेंगलुरु जैसे महानगरों से भी हवाई सेवाएँ जोड़ी जाएँगी।
रीवा के लोगों के लिए यह सुविधा जीवनशैली, व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य — सभी क्षेत्रों में नई संभावनाएँ खोलेगी।
अब विन्ध्य क्षेत्र के नागरिकों को लंबी सड़क यात्राओं से राहत मिलेगी, जिससे आर्थिक और सामाजिक विकास की गति और तेज़ होगी।
🧱 प्रधानमंत्री और सरकार का विज़न
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट कहा है कि “विकास का अधिकार हर क्षेत्र को समान रूप से मिलना चाहिए।”
रीवा एयरपोर्ट इसी विचार का सशक्त उदाहरण है। प्रधानमंत्री की “उड़ान” योजना (Ude Desh ka Aam Nagrik) का उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को वायु मार्ग से जोड़ना है, और रीवा इसका प्रतीक बन गया है।
विन्ध्य अंचल को अब न सिर्फ हवाई संपर्क मिला है, बल्कि यह मध्य भारत का उभरता हुआ एयर हब बनता जा रहा है।
⚙️ विकास के केंद्र में विन्ध्य का भविष्य
रीवा का एयरपोर्ट केवल यात्रा सुविधा नहीं, बल्कि औद्योगिक,शैक्षणिक और पर्यटन विकास का नया द्वार है।
यहाँ से सिंगरौली का पावर कॉरिडोर, पन्ना-बांधवगढ़ का वाइल्डलाइफ टूरिज्म, और मैहर-चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल अब दुनिया से सीधे जुड़ सकेंगे।
- 20,000मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता वाला सिंगरौली पावर हब अब रीवा एयरपोर्ट से दो घंटे की दूरी पर है।
- 750मेगावाट का सोलर पावर प्लांट रीवा को एशिया के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में शामिल करता है।
- विन्ध्य का यह क्षेत्र अब औद्योगिक निवेश के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
💼 निवेश और रोजगार की नई संभावनाएँ
रीवा एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। एयरपोर्ट प्रबंधन, ग्राउंड स्टाफ, सुरक्षा, पर्यटन, होटल और परिवहन क्षेत्रों में नई नौकरियाँ सृजित होंगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एयरपोर्ट से जुड़े 5000से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अगले दो वर्षों में सृजित किए जाएँ।
इसके साथ ही, विदेशी निवेशकों और उद्यमियों के लिए भी यह क्षेत्र अब और अधिक सुलभ हो गया है। रीवा और उसके आसपास के औद्योगिक इलाकों — जैसे देवतालाब, हनुमना और मऊगंज — में अब कंपनियाँ निवेश की योजना बना रही हैं।
🏗️ एयरपोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर और विस्तार योजना
रीवा एयरपोर्ट का रनवे1500मीटर लंबा है, जिसे जल्द ही 2000मीटर तक बढ़ाया जाएगा ताकि एयरबसA320 जैसे बड़े विमान उतर सकें।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने राज्य सरकार से अतिरिक्त 258एकड़ भूमि की माँग की थी, जिसके लिए 209करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है।
भविष्य में यहाँ से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की भी योजना है।
रीवा एयरपोर्ट को अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम, फायर सेफ्टी, और पर्यावरण-अनुकूल संरचनाओं से सुसज्जित किया गया है।
🌄 पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
रीवा को “सफेद बाघों की भूमि” कहा जाता है। बांधवगढ़ और पन्ना के बाघों ने विन्ध्य को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया है।
अब हवाई कनेक्टिविटी से यहाँ का वाइल्डलाइफ टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन— जैसे माँ शारदा धाम,चित्रकूट और गोविंदगढ़ झरने — को नई उड़ान मिलेगी।
सर्दियों के मौसम में देश-विदेश से पर्यटक अब सीधे रीवा हवाई अड्डे तक पहुँच पाएँगे।
🧑🌾 कृषि,शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव
बाणसागर डैम के जल से सिंचित विन्ध्य की उपजाऊ भूमि अब आधुनिक परिवहन सुविधा के साथ जुड़ेगी। किसानों को उनके उत्पादों को राष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँचाने में आसानी होगी।
शिक्षा क्षेत्र में भी रीवा में देशभर के छात्र आकर्षित होंगे, जहाँ अब कोचिंग संस्थान और मेडिकल फैसिलिटीज़ नागपुर और कोटा की तर्ज पर विकसित हो रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में तेज़ी आएगी क्योंकि अब गंभीर मरीजों को बड़े शहरों में हवाई माध्यम से तुरंत पहुँचा जा सकेगा।
🕊️ विन्ध्य की आत्मा को मिला नया आत्मविश्वास
1956 में जब विन्ध्य प्रदेश का विलय हुआ था, तब से इस क्षेत्र को राजनीतिक उपेक्षा का सामना करना पड़ा।
लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के नेतृत्व में यह क्षेत्र पुनः अपने गौरव की ओर लौट रहा है।
रीवा एयरपोर्ट इसका जीवंत उदाहरण है कि जब इच्छाशक्ति और जनभावना एक दिशा में बढ़ती है, तो असंभव भी संभव बन जाता है।
🔚 निष्कर्ष (Conclusion)
विन्ध्य की उड़ान अब केवल रूपक नहीं रही — यह विकास, आत्मनिर्भरता और नई संभावनाओं का प्रतीक बन चुकी है।
रीवा एयरपोर्ट से एटीआर 72 की उड़ान न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि विन्ध्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और औद्योगिक पहचान को भी नई ऊँचाइयाँ देगी।
प्रधानमंत्री के “उड़ान” विज़न के अनुरूप यह परियोजना मध्यप्रदेश के विकास के स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत है।
10 नवंबर 2025 — यह दिन विन्ध्य के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा, जब रीवा ने अपने सपनों को पंख दिए।
(लेखक-मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री हैं)
(साई फीचर्स)

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