🎬मध्यप्रदेश–भारत की नई फिल्म सिटी का उदय
(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। भारत के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश को आज न केवल पर्यटन स्थल बल्कि फिल्म सिटी के रूप में भी पहचान मिल रही है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरें और विविध भौगोलिक लोकेशन्स ने इसे फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना दिया है।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट2025 में आयोजित पैनल चर्चा “The Future of Film Sector in Madhya Pradesh: From Reel to Real Growth” के दौरान कई फिल्मी हस्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने राज्य के बढ़ते फिल्म सेक्टर पर अपने विचार रखे।
🏛️एसीएस श्री शिव शेखर शुक्ला:“मध्यप्रदेश अपने आप में है फिल्म सिटी”
अपर मुख्य सचिव पर्यटन,संस्कृति और गृह एवं प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि “मध्यप्रदेश अपने आप में एक फिल्म सिटी है।”
उन्होंने बताया कि राज्य में मौजूद हर लोकेशन मनभावन और आकर्षक है, जो किसी भी फिल्म की खूबसूरती को और निखार देती है।
श्री शुक्ला ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश फिल्मांकन के लिए सुरक्षित,शांतिपूर्ण और सहयोगी राज्य है।
यहां के लाइन प्रोड्यूसर्स, लोकल सपोर्ट सिस्टम, और सरकारी प्रोत्साहन योजनाएं फिल्म निर्माताओं के लिए बेहद सहायक साबित हो रही हैं।
🌄मध्यप्रदेश: फिल्म शूटिंग के लिए‘फ्रेंडली स्टेट’
एमपी टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि मध्यप्रदेश अब “फिल्म शूटिंग के लिए पसंदीदा राज्य” बन गया है।
उन्होंने इसके तीन मुख्य कारण बताए —
- Film Friendly Policy (फिल्म फ्रेंडली नीति)
- Ease of Doing Business (व्यवसाय की सरल प्रक्रिया)
- Beautiful Locations (सुंदर लोकेशन्स)
उन्होंने कहा कि राज्य की फिल्म पर्यटन नीति (MP Film Tourism Policy) में स्थानीय कलाकारों, महिलाओं, और क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
साथ ही, सिंगल विंडो सिस्टम ने शूटिंग परमिशन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बना दिया है।
🎭 “मध्यप्रदेश टैलेंट की नर्सरी है” –अभिनेता गजराज राव
प्रसिद्ध अभिनेता श्री गजराज राव ने कहा कि “मध्यप्रदेश टैलेंट की नर्सरी है।”
यहां के कलाकारों में जबरदस्त क्षमता है और उन्हें मुंबई जैसे बड़े शहरों से किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा का डर नहीं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकार, समर्पित अधिकारी, और सहयोगी नागरिकों ने फिल्मांकन को सहज बना दिया है।
मध्यप्रदेश का रंगमंच और साहित्यिक इतिहास भी यहां की कलात्मक पृष्ठभूमि को मजबूत बनाता है।
🌸 “मध्यप्रदेश में आना मायके में आने जैसा” –सुनीता राजवर
अभिनेत्री सुश्री सुनीता राजवर, जिन्होंने ‘गुल्लक’ और ‘पंचायत’ जैसे लोकप्रिय शो में काम किया है, ने कहा –
“मध्यप्रदेश में आना मायके में आने जैसा लगता है। यहां की मिट्टी और माहौल में अपनापन है।”
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के कलाकार किसी भी मायने में मुंबई के कलाकारों से कम नहीं, बल्कि कई मामलों में उनसे आगे हैं।
🎥निर्देशक विशाल फुरिया:“एक स्क्रिप्ट में जितने एलिमेंट चाहिए,सब एमपी में हैं”
निर्देशक श्री विशाल फुरिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने 2016–17 में “सावधान इंडिया” के एपिसोड्स की शूटिंग मध्यप्रदेश में की थी।
उन्होंने कहा कि यहां की लोकेशन्स,लोग और सहयोगी माहौल ने उन्हें बार-बार वापस आने को प्रेरित किया।
उनके अनुसार, “फिल्म की स्क्रिप्ट में जितने एलिमेंट चाहिए—पहाड़,किला,झील,जंगल,गांव,शहर—सब कुछ मध्यप्रदेश में है।”
🎬मोनिशा आडवाणी:“एमपी के कलाकार मेहनती और कनेक्टिविटी बेहतरीन”
एम्मे एंटरटेनमेंट की प्रोड्यूसर सुश्री मोनिशा आडवाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में
- उत्कृष्ट कनेक्टिविटी,
- प्रभावी लाइन प्रोड्यूसर, और
- सरकार का सहयोगी वातावरण
फिल्म निर्माण को बेहद आसान बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि एमपी के कलाकार मेहनती,अनुशासित और भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं, जिससे हर शूटिंग एक पारिवारिक अनुभव बन जाती है।
🎼स्वानंद किरकिरे:“यहां आकर काम करना सौभाग्य है”
प्रसिद्ध लेखक,गायक और अभिनेता श्री स्वानंद किरकिरे ने कहा कि
“भोपाल कलाकारों का शहर है। यहां आकर काम करना किसी भी फिल्म निर्माता का सौभाग्य है।”
उन्होंने कहा कि एमपी की मिट्टी में अनगिनत कहानियां हैं और राज्य सरकार के प्रयास इन कहानियों को विश्व मंच तक पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने एमपी टूरिज्म बोर्ड को इस दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए धन्यवाद दिया।
🌍अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माता भी कर रहे हैं प्रशंसा
स्पेनिश फिल्म निर्माता श्रीमती एना सौरा और श्रीमती लारा मोलिना ने कहा कि मध्यप्रदेश अब इंटरनेशनल फिल्म मार्केट में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
उन्होंने कहा कि यहां की शूटिंग फ्रेंडली पॉलिसी, आकर्षक सब्सिडी, और पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं विदेशी निर्माताओं को भी आकर्षित कर रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों का निर्माण मध्यप्रदेश में बढ़ेगा।
🌿 “मध्यप्रदेश में शूटिंग करना जैसे बचपन जीने जैसा” –शिवांकित परिहार
अभिनेता शिवांकित सिंह परिहार ने कहा कि मध्यप्रदेश में शूटिंग करना उनके लिए “बचपन जीने जैसा अनुभव” है।
उन्होंने कहा कि यहां के लोकेशन्स, लोग और वातावरण हर कलाकार को भावनात्मक जुड़ाव महसूस कराते हैं।
पैनल डिस्कशन का संचालन स्वयं शिवांकित परिहार ने किया और इस दौरान एमपी फिल्म नीति, पर्यटन स्थलों, और फिल्म यात्रा पर आधारित एक विशेष डॉक्युमेंट्री भी प्रदर्शित की गई।
💡फिल्म पर्यटन नीति से विकास की नई राह
मध्यप्रदेश सरकार की Film Tourism Policy ने राज्य को आर्थिक, सांस्कृतिक और वैश्विक स्तर पर मजबूत किया है।
इस नीति के अंतर्गत –
- फिल्म निर्माण पर आकर्षक सब्सिडी,
- स्थानीय कलाकारों को रोजगार अवसर,
- और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन विकास को गति दी जा रही है।
सरकार का उद्देश्य है कि मध्यप्रदेश को भारत का ग्लोबल फिल्म हब बनाया जाए, जहां देश और दुनिया की टीमें शूटिंग के लिए आएं।
🏁निष्कर्ष (Conclusion)
मध्यप्रदेश आज न सिर्फ पर्यटन का केंद्र, बल्कि फिल्म निर्माण का नया गंतव्य बन चुका है।
यहां की नीतियां,लोकेशन्स,कलाकार और प्रशासनिक सहयोग इसे एक आदर्श “फिल्म सिटी” बनाते हैं।
एसीएस श्री शिव शेखर शुक्ला के शब्दों में –
“मध्यप्रदेश अपने आप में एक फिल्म सिटी है,जो रील से रियल ग्रोथ की ओर अग्रसर है।”

मूलतः प्रयागराज निवासी, पिछले लगभग 25 वर्षों से अधिक समय से नई दिल्ली में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय विनीत खरे किसी पहचान को मोहताज नहीं हैं.
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