(ब्यूरो कार्यालय)
ग्वालियर (साई)।मध्यप्रदेश परिवहन विभाग नागरिकों को पारदर्शी और सरल सेवाएँ देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। पहले नागरिकों को लाइसेंस, वाहन पंजीयन, परमिट या प्रदूषण जांच जैसे कार्यों के लिए आरटीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब फेसलेस सेवाओं (Faceless Services) और डिजिटल सुविधाओं के चलते लोग अपने घर बैठे ही परिवहन संबंधी कार्य पूरे कर सकते हैं।
✅ 51 फेसलेस सेवाओं का लाभ
विभाग ने 51प्रकार की फेसलेस सेवाएँ शुरू की हैं। इसका मतलब है कि नागरिकों को अब लाइसेंस नवीनीकरण, पता परिवर्तन, डुप्लीकेट आरसी, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट आवेदन जैसे कार्यों के लिए आरटीओ कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
- ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड: नागरिक पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।
- SMSअलर्ट सिस्टम: यदि दस्तावेज अधूरे हैं या गलत अपलोड किए गए हैं तो विभाग नागरिक को तुरंत SMS द्वारा सूचित करता है।
- री-अपलोड की सुविधा: दस्तावेज अस्वीकृत होने पर आवेदक उन्हें दोबारा अपलोड कर सकता है।
इस सुविधा ने भ्रष्टाचार और दलाल प्रथा को काफी हद तक समाप्त किया है।
🌍 मध्यप्रदेश – देश का दूसरा राज्य
मध्यप्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जिसने इतनी बड़ी संख्या में फेसलेस सेवाएँ शुरू की हैं। इस मामले में यह देश का दूसरा राज्य बन गया है। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस (E-Governance) को नई पहचान मिली है।
🌱 प्रदूषण नियंत्रण के लिए 600+ परीक्षण केंद्र
वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभाग ने PUCC 2.0 (Pollution Under Control Certificate System) लागू किया है।
- प्रदेश में 600से ज्यादा प्रदूषण जांच केंद्र संचालित हो रहे हैं।
- सभी केंद्र वाहन पोर्टल के साथ रियल-टाइम एकीकृत हैं।
- नागरिकों को तुरंत डिजिटल पीयूसी प्रमाणपत्र मिल जाता है।
यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि सड़क सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
🚌 परमिट प्रणाली में बदलाव
पहले वाहन परमिट जारी करने में समय और भ्रष्टाचार की शिकायतें आती थीं। अब विभाग ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन किया है।
- संभागीय आयुक्तों को अब परमिट जारी करने का अधिकार दिया गया है।
- इससे आरटीओ पर दबाव कम हुआ है।
- प्रदेश में 2700 से अधिक स्थायी परमिट जारी होने से अस्थायी परमिट पर निर्भरता भी कम हुई है।
💳 पारदर्शिता के उपाय
परिवहन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए कई डिजिटल कदम उठाए हैं:
- POSमशीन से चालान – अब प्रवर्तन के दौरान चालान POS मशीन से किया जाता है।
- डिजिटल पेमेंट – नागरिक ऑनलाइन जुर्माना और टैक्स का भुगतान कर सकते हैं।
- Mobile Appनिगरानी – प्रवर्तन कर्मचारियों की निगरानी के लिए विशेष ऐप विकसित किया जा रहा है।
🌐 ग्रामीण क्षेत्रों में MP Online सुविधा
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए MP Online Kiosk को अधिकृत किया गया है। अब गाँव-गाँव में नागरिक लाइसेंस, परमिट, टैक्स और अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
📊 एमआईएस कंसोल से समीक्षा
विभाग ने MIS Console की शुरुआत की है जिसके माध्यम से जिला स्तर पर परिवहन कार्यों की निगरानी और समीक्षा की जाती है। इससे अधिकारियों को रियल-टाइम डेटा मिलता है और निर्णय प्रक्रिया तेज होती है।
🏅 नागरिकों को होने वाले प्रमुख फायदे
- आरटीओ चक्कर लगाने से मुक्ति।
- भ्रष्टाचार और दलाल प्रथा में कमी।
- दस्तावेज़ों की पारदर्शी और तेज़ प्रक्रिया।
- रियल-टाइम प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र।
- ऑनलाइन पेमेंट से समय और धन की बचत।
- ग्रामीण नागरिकों तक सेवाओं की पहुँच।
📌 नागरिकों की प्रतिक्रियाएँ
- राहुल दुबे (भोपाल): “पहले लाइसेंस नवीनीकरण के लिए पूरे दिन दफ्तर में बैठना पड़ता था, अब सब काम मोबाइल से हो जाता है।”
- कु. नेहा जैन (सिवनी): “PUC सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिलना बड़ी राहत है, अब हमें कतारों में नहीं लगना पड़ता।”
- सतीश गुप्ता (जबलपुर): “फेसलेस सेवाओं ने सचमुच आरटीओ के कामकाज में पारदर्शिता लाई है।”
🔚 निष्कर्ष
मध्यप्रदेश परिवहन विभाग द्वारा शुरू की गई 51फेसलेस सेवाएँ और 600+प्रदूषण जांच केंद्र नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं। यह पहल न केवल पारदर्शिता और समय की बचत सुनिश्चित करती है बल्कि डिजिटल इंडिया और ग्रीन इंडिया की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान है।
आने वाले समय में उम्मीद है कि और भी सेवाएँ पूरी तरह डिजिटल होंगी, जिससे नागरिकों को परिवहन संबंधी हर सुविधा अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ही मिल सकेगी।

आशीष कौशल का नाम महाराष्ट्र के विदर्भ में जाना पहचाना है. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 30 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय आशीष कौशल वर्तमान में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के नागपुर ब्यूरो के रूप में कार्यरत हैं .
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