Shardiya Navratri 2025: नवरात्र की पहली रात कर लें ये उपाय, मां दुर्गा बरसाएंगी धन और सौभाग्य

शारदीय नवरात्रि 2025 आज से शुरू हो गई है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना से सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। मान्यता है कि नवरात्र की पहली रात किए गए विशेष उपाय जीवन में धन-धान्य और सौभाग्य का अंबार लगा देते हैं।

(रश्मि सिन्हा)

नई दिल्ली (साई)। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। साल में चार नवरात्रि आते हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्र और दो प्रमुख नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) मनाए जाते हैं। शारदीय नवरात्रि विशेष रूप से भव्य तरीके से पूरे भारत में मनाई जाती है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि2025की शुरुआत22सितंबर से हो रही है और इसका समापन30सितंबर को होगा।

नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु उपवास रखते हैं और विशेष पूजा-पाठ करते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे मन, श्रद्धा और विश्वास के साथ इन नौ दिनों में मां दुर्गा की भक्ति करता है, उसके जीवन से दुख-दरिद्रता और संकट दूर हो जाते हैं।

🌼 नवरात्रि में पूजा का महत्व

नवरात्रि का अर्थ ही होता है “नौ रातें” — जो मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों को समर्पित हैं। इन नौ दिनों में शक्ति, समृद्धि और भक्ति का संगम देखने को मिलता है।

  • माता शैलपुत्री से शुरुआत होती है।
  • उसके बाद ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा होती है।

प्रत्येक दिन की पूजा का अलग महत्व और अलग फल बताया गया है।

🌙 नवरात्र की पहली रात का महत्व

नवरात्र की पहली रात को विशेष रूप से शुभ और शक्तिशाली माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि अगर इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो व्यक्ति के जीवन से आर्थिक संकट दूर होते हैं और घर में खुशहाली आती है।

🔮 नवरात्रि के विशेष उपाय

1️⃣ शुद्ध घी का दीपक जलाना

नवरात्र के पावन अवसर पर मां दुर्गा के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ और लाभकारी माना जाता है।

  • सुबह और शाम के समय दीपक जलाना विशेष फलदायी होता है।
  • दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
  • ऐसा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है।

2️⃣ लाल कपड़े में पान के पत्ते और सिक्के रखना

नवरात्र की रात लाल कपड़े में ताजे पान के पत्ते और सिक्के बांधकर माता दुर्गा के सामने रखें और फिर इस पोटली को तिजोरी में रख दें।

  • लाल रंग शक्ति और समृद्धि का प्रतीक है।
  • पान के पत्ते शुद्धता और ताजगी का प्रतीक हैं।
  • इस उपाय से धन और सौभाग्य की वृद्धि होती है।

3️⃣ दुर्गा सप्तशती का पाठ

नवरात्र के नौ दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विशेष महत्व है।

  • यह पाठ घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
  • मन को शांति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

4️⃣ कन्या पूजन

नवरात्रि में अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करने का अत्यधिक महत्व है।

  • माना जाता है कि कन्याएं स्वयं दुर्गा का स्वरूप होती हैं।
  • कन्याओं को भोजन कराकर और उपहार देकर घर में सुख-समृद्धि आती है।

5️⃣ नारियल अर्पित करना

मां दुर्गा के चरणों में नारियल अर्पित करने से जीवन में स्थिरता और सफलता प्राप्त होती है।

  • नारियल त्याग और समर्पण का प्रतीक है।
  • इसे अर्पित करने से कार्यों में सफलता मिलती है।

📜 नवरात्रि में क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • प्रतिदिन मां दुर्गा की आरती और पूजा करें।
  • घर को साफ-सुथरा रखें।
  • उपवास के दौरान सात्विक भोजन करें।
  • गरीब और जरूरतमंदों को दान करें।

क्या न करें:

  • नवरात्रि में मांसाहार और नशे का सेवन न करें।
  • झूठ, क्रोध और हिंसा से बचें।
  • घर में गंदगी और अव्यवस्था न रखें।

🌏 देशभर में नवरात्रि का उत्सव

भारत के विभिन्न राज्यों में नवरात्रि अलग-अलग रूपों में मनाई जाती है।

  • गुजरात में गरबा और डांडिया की धूम रहती है।
  • पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन होता है।
  • उत्तर भारत में माता के दरबार में जगराते और भजन-कीर्तन होते हैं।
  • दक्षिण भारत में गोलू उत्सव मनाया जाता है।

🕉️ शारदीय नवरात्रि 2025 पंचांग

  • प्रारंभ: 22सितंबर 2025 (सोमवार)
  • समाप्ति: 30सितंबर 2025 (मंगलवार)
  • महानवमी: 29सितंबर 2025
  • विजयादशमी/दशहरा: 30सितंबर 2025

🔹 निष्कर्ष

शारदीय नवरात्रि 2025 का प्रारंभ आज से हो चुका है। यह नौ दिन शक्ति, भक्ति और समृद्धि के प्रतीक हैं। मां दुर्गा की आराधना से जीवन की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में खुशहाली आती है। नवरात्र की पहली रात किए गए छोटे-छोटे उपाय, जैसे शुद्ध घी का दीपक जलाना या लाल कपड़े में पान और सिक्के रखना, अत्यंत शुभ फलदायी साबित हो सकते हैं।

👉 इस नवरात्रि मां दुर्गा की भक्ति में लीन होकर जीवन को सकारात्मक और सफल बनाने का संकल्प लें।