भगवान वेंकटेश्वर की मंगल आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सिवनी में बांधा समा

सिवनी में अग्रवाल समाज द्वारा आयोजित महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव के अवसर पर भगवान वेंकटेश्वर की मंगल आरती और भव्य झांकी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों ने नृत्य, गीत व नाटिकाओं की शानदार प्रस्तुति दी। तिरुपति बालाजी की झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थितजनों को भावविभोर कर दिया।

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी में इस बार महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव का आयोजन विशेष रहा। अग्रवाल समाज द्वारा पांच दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें सबसे आकर्षण का केंद्र रही भगवान वेंकटेश्वर (गोविंदा, बालाजी, श्रीनिवासा) की मंगल आरती और तिरुपति बालाजी मंदिर की झांकी। जब भगवान के दिव्य स्वरूप का मंचन हुआ, तब उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर “गोविंदा… गोविंदा” के जयकारे लगाने लगे।

🌸 भगवान वेंकटेश्वर की मंगल आरती और झांकी

महाराजा अग्रसेन की 5179वीं जयंती पर अग्रसेन सखी मंच द्वारा तिरूमला पहाड़ियों के सातवें शिखर पर विराजमान भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन कराती भव्य झांकी प्रस्तुत की गई।

  • झांकी में भगवान बालाजी के साथ दिव्य आरती का आयोजन हुआ।
  • श्रीमती शारदा अजय अग्रवाल ने मंचन करते हुए भगवान के स्वरूप का सजीव चित्रण किया।
  • श्रद्धालु इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो गए और इसे दिव्य अनुभव बताया।

भगवान वेंकटेश्वर को कलियुग का दुखहरता माना जाता है और सिवनी में इस झांकी ने भक्तों के मन को गहराई से छुआ।

🪔 दीप प्रज्ज्वलन और शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरा अनुसार दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समाज के पदाधिकारियों ने निर्णायक मंडल और अतिथियों का स्वागत सम्मान स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। निर्णायक के रूप में श्रीमती डेजी ठाकुर और श्रीमती रेशु जैन उपस्थित रहीं।

🎶 महिलाओं और बच्चों की शानदार प्रस्तुतियाँ

सांस्कृतिक कार्यक्रम की मुख्य विशेषता रही महिलाओं, बच्चों और युवतियों की प्रस्तुतियाँ।

  • महिलाओं ने पुराने सदाबहार गीतों पर नृत्य कर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।
  • बच्चों ने “जस्ट डांस रेट्रो थीम” पर मनमोहक प्रस्तुति दी।
  • 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों ने अभिनय और नृत्य में सबका मन जीता।
  • “जीरो से हीरो” डांस प्रतियोगिता में विभिन्न ग्रुप्स ने जोश और उमंग से हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में शमी कपूर और श्रीदेवी के गीतों पर शानदार प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें देखकर दर्शक पुरानी यादों में खो गए।

🍲 प्रतियोगिताओं की रोचकता

सिर्फ नृत्य-गीत ही नहीं, बल्कि पारंपरिक और आधुनिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।

  • फायरलेस कुकिंग प्रतियोगिता में महिलाओं ने अनोखे व्यंजन प्रस्तुत किए।
  • गरम मसाले के गहने बनाओ प्रतियोगिता ने सभी को चकित किया।
  • मूंग दाल की मंगौड़ी से आकृति बनाओ और प्लेट सजाओ प्रतियोगिता में बच्चों और युवतियों ने रचनात्मकता दिखाई।
  • किटी पार्टी पर आधारित लघु नाटिका ने हंसी और मनोरंजन का माहौल बना दिया।

🚗 विशाल वाहन रैली का आयोजन

समारोह के अंतिम दिन यानी 22 सितंबर को एक विशाल वाहन रैली निकाली जाएगी।

  • यह रैली छिंदवाड़ा रोड श्यामकुंज से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अग्रोहा धाम तक पहुंचेगी।
  • वहां महाराजा अग्रसेन का पूजन, हवन और महाआरती होगी।
  • इसके बाद अतिथियों का स्वागत और पुरस्कार वितरण समारोह होगा।
  • शाम को दुर्गा चौक से महाराजा अग्रसेन की शोभायात्रा निकाली जाएगी।

इस रैली और शोभायात्रा को लेकर समाज में विशेष उत्साह है।

🙏 धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

महाराजा अग्रसेन का जीवन समाज सेवा, समानता और आर्थिक सहयोग की मिसाल रहा है। उनके जन्मोत्सव पर ऐसे कार्यक्रम समाज को एकजुट करने और संस्कृति को जीवित रखने का काम करते हैं।

  • भगवान वेंकटेश्वर की आरती और झांकी से धार्मिक भाव जागृत हुए।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
  • बच्चों और महिलाओं की भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि नई पीढ़ी भी संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है।

📸 आकर्षण के पल

  • भगवान वेंकटेश्वर की झांकी के दौरान “गोविंदा गोविंदा” के जयकारे।
  • महिला ग्रुप द्वारा सदाबहार गीतों पर नृत्य।
  • बच्चों के डांस और नाटिकाओं ने माहौल को हल्का-फुल्का व मनोरंजक बनाया।
  • निर्णायकों का सम्मान और स्मृति चिन्ह प्रदान करना।

🏁 निष्कर्ष

सिवनी में आयोजित महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव 2025 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह संस्कृति, कला और समाज सेवा का अनोखा संगम बना। भगवान वेंकटेश्वर की मंगल आरती और भव्य झांकी ने भक्तों को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। वहीं, महिलाओं और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया।

ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और सांस्कृतिक विरासत को भी नया जीवन मिलता है। यह आयोजन सिवनी की सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना में लंबे समय तक याद किया जाएगा।