(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल उपभोक्ता समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन, विधायक सिवनी श्री दिनेश राय और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डहेरिया ने की। बैठक में जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि विभाग के प्रतिनिधि, जल उपभोक्ता समिति के सदस्य और जिले भर के कृषक प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी रबी फसल2025-26 की सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करना और किसानों को समय पर तथा पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की रणनीति तैयार करना था।
🔹नहरों की मरम्मत और साफ-सफाई पर जोर
बैठक में कलेक्टर सुश्री जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी बड़ी और छोटी नहरों का शीघ्र निरीक्षण किया जाए और जहां भी आवश्यक हो, वहां तुरंत मरम्मत कार्य और साफ-सफाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अंतिम छोर तक किसानों को पानी पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि नहरों की मरम्मत और पानी छोड़े जाने की तिथियों की जानकारी किसानों तक समय रहते पहुंचाई जाए। इससे किसानों को बोआई और सिंचाई की तैयारी में सुविधा मिलेगी।
🔹विधायक और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में विधायक सिवनी श्री दिनेश राय और पूर्व विधायक केवलारी श्री राकेश पाल ने भी अधिकारियों से कहा कि किसानों तक पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नहरों की सीपेज,टूट-फूट और ओवरफ्लो जैसी समस्याएं तत्काल दुरुस्त की जानी चाहिए, ताकि किसानों की मेहनत पर पानी न फिर सके।
🔹किसान प्रतिनिधियों ने रखी अपनी समस्याएँ
बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। कई किसानों ने बताया कि नहरों में जगह-जगह से रिसाव (सीपेज) हो रहा है, जिससे पानी की बर्बादी हो रही है। कहीं-कहीं नहरों में मिट्टी और खरपतवार भर जाने से पानी का बहाव बाधित हो रहा है।
इन मुद्दों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए।
🔹रबी फसल में कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा
प्रशासन ने किसानों को सलाह दी कि वे इस बार रबी मौसम में कम पानी की आवश्यकता वाली फसलें जैसे चना,मसूर और सरसों की बोआई को प्राथमिकता दें। इससे पानी की बचत होगी और अधिक किसानों तक सिंचाई सुविधा पहुंच सकेगी।
कलेक्टर ने विशेष रूप से मक्का जैसी अधिक पानी खपत करने वाली फसलों की बजाय चना और मसूर जैसी फसलों को अपनाने की अपील की।
🔹पानी चोरी और नहर तोड़फोड़ पर सख्ती
बैठक में कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने सख्त लहजे में कहा कि अनाधिकृत रूप से पंप लगाकर नहर से पानी लेने वालों और नहर तोड़फोड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
🔹प्रमुख अधिकारी और उपस्थित सदस्य
इस बैठक में मुख्य कार्यपालन अभियंता श्री अशोक डहेरिया, उपसंचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग श्री सुधीर कुमार धुर्वे सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही, जिला स्तर पर विभिन्न नहर परियोजनाओं के कार्यपालन अभियंता और यंत्री भी बैठक में उपस्थित थे।
📌किसान और सिंचाई: जिला स्तर की अहम कड़ी
सिवनी जिले में कृषि मुख्य आजीविका का साधन है। यहां के किसान बरसाती पानी पर अधिक निर्भर रहते हैं। ऐसे में नहरों और तालाबों से सिंचाई किसानों के लिए जीवन रेखा की तरह है।
इस बैठक में लिए गए निर्णय सीधे तौर पर जिले की रबी फसलों की पैदावार और किसानों की आय पर असर डालेंगे। यदि नहरों का रखरखाव सही ढंग से हुआ तो किसान बिना रुकावट अपनी फसल को सींच सकेंगे।
📊मुख्य बिंदु (Highlights)
- सिवनी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल उपभोक्ता समिति बैठक सम्पन्न।
- कलेक्टर संस्कृति जैन ने अधिकारियों को नहरों की मरम्मत और सफाई हेतु निर्देश दिए।
- रबी फसल 2025-26 की सिंचाई व्यवस्था पर चर्चा हुई।
- किसानों को कम पानी वाली फसलों (चना, मसूर, सरसों) की बोआई के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- नहर से अवैध रूप से पंप लगाकर पानी लेने वालों पर एफआईआर दर्ज होगी।
✅निष्कर्ष (Conclusion)
सिवनी में सम्पन्न जल उपभोक्ता समिति की बैठक ने साफ संदेश दिया है कि प्रशासन किसानों की सिंचाई समस्याओं को लेकर गंभीर है। कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशों से स्पष्ट है कि नहरों की मरम्मत,साफ-सफाई और पानी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा और पानी चोरी रोकने की सख्ती से जिले के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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